यूपी में ODOP-CFC समीक्षा: योगी सरकार ने 16 परियोजनाओं की जाँच की, खुर्जा ब्लैक पॉटरी बनी सफलता की मिसाल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में पारंपरिक उद्योगों और हस्तशिल्प को नई ऊँचाई देने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार, 12 मई 2026 को प्रदेश के 16 कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के तहत स्थापित ये केंद्र अधिक से अधिक कारीगरों, बुनकरों और सूक्ष्म उद्यमियों तक पहुँचें — न कि केवल सीमित लाभार्थियों तक। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई सीएफसी में सीमित लाभार्थियों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ व्यापक जनसमुदाय तक पहुँचे।
योजना की संरचना और अनुदान व्यवस्था
सीएफसी परियोजनाओं में 90 प्रतिशत सरकारी अनुदान और 10 प्रतिशत उद्यमियों का योगदान रखा गया है। इसका उद्देश्य यह है कि छोटे उद्यमियों को आधुनिक मशीनरी, डिज़ाइन, परीक्षण, स्किल ट्रेनिंग और कॉमन टूल्स जैसी सुविधाएँ सुलभ हो सकें। यह ढाँचा उन कारीगरों के लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है जो पूँजी की कमी के कारण आधुनिक तकनीक से वंचित रह जाते हैं।
मंत्री राकेश सचान के निर्देश
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएफसी को जनहित से जोड़ते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाए। इसके लिए मोबाइल संदेश, पम्पलेट, उद्योग बंधु बैठकों और मीडिया माध्यमों का उपयोग करने को कहा गया। साथ ही सभी सीएफसी में 'सिटीजन चार्टर' प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए, जिससे लोगों को उपलब्ध सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
ज़िलेवार परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में अंबेडकर नगर, मुरादाबाद, संभल, वाराणसी, खुर्जा, आगरा, मेरठ, सहारनपुर, बरेली, अयोध्या और गाजियाबाद सहित विभिन्न जिलों की परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
अंबेडकर नगर बुनकर सीएफसी में लगभग ₹4 करोड़ की सहायता से स्थापित परियोजना में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया। वाराणसी के सिल्क उत्पाद सीएफसी में लगभग ₹9 करोड़ की सहायता से उपलब्ध सुविधाओं को व्यापक स्तर पर कारीगरों तक पहुँचाने की रणनीति पर चर्चा हुई।
गाजियाबाद के इंजीनियरिंग एवं टूल रूम आधारित सीएफसी में सीएनसी मशीन, 3डी प्रिंटिंग, मटेरियल टेस्टिंग और स्किल ट्रेनिंग जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। अब तक 500 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और रक्षा क्षेत्र के लिए कंपोनेंट निर्माण की संभावनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।
मुरादाबाद के फिजिकल वेपर डिपोजिशन (PVD) प्लांट को पर्यावरण अनुकूल तकनीक का उदाहरण बताया गया। संभल के बटन उद्योग सीएफसी में 70 प्रतिशत से अधिक क्षमता उपयोग को सकारात्मक संकेत बताया गया।
खुर्जा ब्लैक पॉटरी: सफलता की मिसाल
खुर्जा ब्लैक पॉटरी सीएफसी को बैठक में सफलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया। इस परियोजना से 1,253 से अधिक लाभार्थी जुड़े हैं और कारोबार ₹15-20 लाख से बढ़कर ₹90-95 लाख तक पहुँच गया है। यह पारंपरिक कला को आधुनिक बाज़ार से जोड़ने का एक प्रेरक उदाहरण है। कारीगरों ने मिट्टी भंडारण के लिए अतिरिक्त भूमि की माँग भी बैठक में रखी।
बुनकरों की समस्याएँ और सरकार की राहत
बैठक में बुनकरों और कारीगरों ने बिजली, धागे की लागत, बाज़ार प्रतिस्पर्धा और तकनीकी उन्नयन से जुड़े मुद्दे रखे। समीक्षा के दौरान बताया गया कि योगी सरकार ने बुनकरों को राहत देने के लिए फ्लैट रेट विद्युत योजना लागू रखी, जिसके तहत 2006 से 31 मार्च 2023 तक लगभग ₹44 करोड़ का विद्युत व्यय सरकार द्वारा वहन किया गया।
मेरठ के गुड़ प्रसंस्करण सीएफसी में 1,800 किसानों को जोड़कर मूल्य संवर्धन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि उद्योग बंधु बैठकों का आयोजन सीएफसी परिसरों में किया जाए और बड़ी उद्योग इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित कर छोटे उद्यमों को बड़े बाज़ार और सप्लाई चेन से जोड़ा जाए। आने वाले समय में इन केंद्रों की पहुँच और प्रभाव दोनों का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।