योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: टेक्सटाइल पार्क, रोबोटिक्स और पशुधन मिशन को मंजूरी, 1 लाख रोजगार का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में राज्य के औद्योगिक और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाले कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें ₹1,947 करोड़ की लागत वाले पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क, ग्रेटर नोएडा में प्रगति रोबोटिक्स पार्क, राज्य पशुधन मिशन और प्रयागराज में 845 नए आवासों के निर्माण को स्वीकृति शामिल है। इन परियोजनाओं के पूर्ण विस्तार पर 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क: ₹1,947 करोड़ की परियोजना
कैबिनेट ने लखनऊ-हरदोई सीमा पर 1,000 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहे पीएम मित्र मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र एवं परिधान पार्क के मास्टर डेवलपर के चयन को मंजूरी दी। मैसर्स रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को प्रेफर्ड बिडर के रूप में चुना गया है। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान के अनुसार, परियोजना की अनुमानित लागत ₹1,947 करोड़ है, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 30 प्रतिशत तक, अधिकतम ₹500 करोड़ की वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
इस परियोजना के ज़रिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ लगभग 1 लाख कुशल एवं अकुशल युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने का लक्ष्य है। पार्क का विकास और संचालन केंद्र तथा राज्य सरकार के संयुक्त स्वामित्व वाली विशेष प्रयोजन कंपनी पीएम मित्र पार्क उत्तर प्रदेश लिमिटेड के ज़रिए होगा, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और केंद्र सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
राज्य सरकार ने परियोजना के लिए 1,000 एकड़ भूमि 99 वर्ष की लीज पर ₹1 प्रति एकड़ प्रति वर्ष की टोकन दर पर उपलब्ध कराई है। यह परियोजना डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण आधारित सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित होगी, जिसके लिए पाँच वर्ष की निर्माण अवधि सहित कुल 50 वर्ष की रियायत अवधि तय है। पार्क में आंतरिक सड़कें, विद्युत वितरण नेटवर्क, इनक्यूबेशन सेंटर, जीरो लिक्विड डिस्चार्ज आधारित शोधन संयंत्र तथा महिला कामगारों के लिए सुरक्षित छात्रावास और स्वास्थ्य केंद्र भी विकसित किए जाएंगे।
प्रगति रोबोटिक्स पार्क: एआई और स्वदेशी विनिर्माण का केंद्र
तकनीक आधारित औद्योगिक विकास की दिशा में कैबिनेट ने ग्रेटर नोएडा में प्रगति रोबोटिक्स पार्क की स्थापना को मंजूरी दी। इसका पूरा नाम 'प्लेटफॉर्म फॉर रोबोटिक्स एंड एआई ग्रोथ थ्रू टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन' है। यह पार्क लगभग 69.52 एकड़ भूमि पर विकसित होगा और रोबोटिक्स विनिर्माण, एआई आधारित तकनीक, अनुसंधान तथा स्टार्टअप गतिविधियों का केंद्र बनेगा।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार, परियोजना के पूर्ण विस्तार पर 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सालाना लगभग ₹2,000 करोड़ का सकल मूल्यवर्धन होने का अनुमान है। पार्क को दो जोन में विकसित किया जाएगा — पहले जोन के लिए 8 एकड़ निर्धारित है, जिसका विकास PPP मॉडल पर होगा, जिसमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 26 प्रतिशत और औद्योगिक साझीदार की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
दूसरे जोन के लिए 61.52 एकड़ भूमि रखी गई है, जहाँ निजी उद्यम अपने निवेश से औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित करेंगे और इस जोन के विकास पर राज्य सरकार का कोई पूंजीगत दायित्व नहीं होगा। पहले जोन के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ₹21.1 करोड़ का इक्विटी अंशदान देगा, जबकि राज्य सरकार 30 वर्ष के लिए ₹126.2 करोड़ का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराएगी। एसपीवी के पंजीकरण के बाद 36 महीने के भीतर पहले जोन का वाणिज्यिक संचालन शुरू करने का लक्ष्य है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर 48 महीने तक बढ़ाया जा सकता है।
राज्य पशुधन मिशन: किसानों की आय के नए अवसर
कैबिनेट ने प्रदेश में पहली बार राज्य पशुधन मिशन को मंजूरी दी। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह के अनुसार, इस मिशन का उद्देश्य पशुपालन को किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बनाना है। मिशन में पाँच उप-मिशन शामिल हैं — पशुधन उद्यमिता एवं स्टार्टअप विकास, पशुधन एवं कुक्कुट नस्ल विकास, नवाचार एवं डिजिटल पशुधन, चारा एवं पशु आहार विकास तथा अनुसंधान, वैश्वीकरण एवं ज्ञान प्रणाली का विकास।
योजना के तहत एक उन्नत गाय के लिए ₹40,000 और दो गायों के लिए ₹80,000 अनुदान का प्रावधान है। साहीवाल, देसी और हरियाणवी जैसी उन्नत नस्लों के विकास के साथ बकरी, भेड़, सूकर और मुर्गी पालन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। जरूरतमंद परिवारों को 100-100 चूजे उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी बताई गई है। लघु एवं सीमांत किसानों, पशुपालकों और उद्यमियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा, तथा स्वीकृत परियोजनाओं का अनुदान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।
मिशन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल ट्रेसबिलिटी और जलवायु अनुकूल तकनीकों के उपयोग से पशुधन उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने और स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने की योजना है। अवसंरचना और सेवाओं के विकास में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए 845 नए आवास
कैबिनेट ने प्रयागराज में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिकारियों के लिए 845 नए आवासों के निर्माण को भी मंजूरी दी, जिससे न्यायिक अधिकारियों की आवासीय सुविधाओं में सुधार होगा। यह कदम न्यायपालिका के अधोसंरचना विस्तार की दिशा में उठाया गया है।
आगे क्या
इन फैसलों के ज़रिए योगी सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था, आधुनिक तकनीक, औद्योगिक निवेश और बुनियादी सुविधाओं को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश की है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले निवेश और रोजगार के मोर्चे पर अपनी पकड़ मजबूत करने में लगा है। टेक्सटाइल और रोबोटिक्स पार्क के सफल क्रियान्वयन पर ही यह तय होगा कि ये घोषणाएँ जमीन पर कितना असर दिखाती हैं।