CM योगी ने UP कर विभाग की समीक्षा की: ₹1,15,977 करोड़ राजस्व, GST में देश में दूसरा स्थान
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 मई 2026 को लखनऊ में राज्य कर विभाग के शासन, मुख्यालय और फील्ड स्तरीय अधिकारियों के साथ विशेष समीक्षा बैठक की और स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व वृद्धि के साथ-साथ ईमानदार व्यापारियों को सुविधा, सम्मान और त्वरित समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुँचाने में राज्य कर विभाग की भूमिका निर्णायक है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 का राजस्व प्रदर्शन
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश ने जीएसटी और वैट मद में कुल ₹1,15,977 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो पुनरीक्षित अनुमान का लगभग 98.8 प्रतिशत रहा। जीएसटी संग्रह में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा — महाराष्ट्र प्रथम और कर्नाटक तीसरे स्थान पर रहे। जीएसटी बकाया वसूली ₹2,658 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 228 प्रतिशत अधिक है। वैट बकाया वसूली ₹800 करोड़ रही, जो गत वर्ष से 29 प्रतिशत अधिक है। प्रवर्तन इकाइयों के माध्यम से ₹2,071 करोड़ की वसूली हुई, जो पिछले वर्ष से 13 प्रतिशत अधिक है।
2026-27 के लक्ष्य और अप्रैल की शुरुआत
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग को कुल ₹1,98,071 करोड़ का राजस्व लक्ष्य दिया गया है, जिसमें जीएसटी का लक्ष्य ₹1,49,956 करोड़ और वैट का लक्ष्य ₹48,115 करोड़ है। अप्रैल 2026 में राज्य ने ₹10,896 करोड़ का राजस्व संग्रह किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 9.6 प्रतिशत अधिक है। जोनवार समीक्षा में गौतमबुद्ध नगर जोन ने ₹1,506 करोड़ के संग्रह के साथ 18 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की, जबकि सहारनपुर जोन में 35.1 प्रतिशत और वाराणसी प्रथम जोन में 33.2 प्रतिशत वृद्धि रही। मुख्यमंत्री ने अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन वाले जोनों को विशेष कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
फर्जी फर्मों पर कठोर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने फर्जी फर्मों और कर चोरी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि बोगस फर्मों के खिलाफ 477 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई और 168 गिरफ्तारियाँ की गईं। 7 नवंबर 2025 को एसआईटी का गठन किया गया। ₹180 करोड़ की इनपुट टैक्स क्रेडिट ब्लॉक की गई तथा न्यायनिर्णयन कार्रवाई से ₹2,250 करोड़ की मांग सृजित हुई। तकनीक और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई आधारित विश्लेषण से कर प्रशासन की दक्षता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
करदाता सेवाएँ और राष्ट्रीय तुलना
उत्तर प्रदेश अब 21.82 लाख सक्रिय करदाताओं के साथ देश में सर्वाधिक जीएसटी करदाताओं वाला राज्य बन गया है। जीएसटी पंजीयन आवेदनों के निस्तारण की औसत अवधि प्रदेश में 8 दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 14 दिन है। रिटर्न दाखिले में 93 प्रतिशत मासिक औसत है, जो केंद्र स्तर के 91 प्रतिशत से आगे है। जीएसटी रिफंड निस्तारण की औसत अवधि 27 दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 48 दिन है। वर्ष 2025-26 में जीएसटी की 52,432 और वैट की 11,365 — कुल 63,797 अपीलों का निस्तारण किया गया; अभी 20,697 अपीलें विचाराधीन हैं।
व्यापारी संवाद और आगे की कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरें और व्यापारियों से सीधा संवाद करें। सभी 75 जनपदों में व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जीएसटी पंजीयन, रिटर्न फाइलिंग और जीएसटी 2.0 सुधारों पर चर्चा हुई। जून 2026 से खंड स्तर पर संवाद कार्यक्रम चलाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए सर्राफा कारोबारियों के साथ भी राज्य और जिला स्तर पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार अपने ट्रिलियन-डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को गति देने के लिए प्रशासनिक सुधारों की श्रृंखला चला रही है।