विजयवाड़ा में खेल कोटा शिक्षक भर्ती पर बवाल: वाईएसआरसीपी-शिक्षक आमने-सामने, कई नेता हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
विजयवाड़ा में 21 सितंबर 2026 (सोमवार) को स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ आंध्र प्रदेश (एसएएपी) कार्यालय के बाहर उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रदर्शनकारियों और खेल कोटे से नव-नियुक्त शिक्षकों के बीच नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए कई वाईएसआरसीपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जबकि एसएएपी परिसर का मुख्य गेट बंद कर दिया गया।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
वाईएसआरसीपी ने खेल कोटे के तहत शिक्षकों की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एसएएपी कार्यालय पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी की मांग थी कि शिक्षा मंत्री नारा लोकेश इस्तीफा दें और मेगा डीएससी भर्ती की सीबीआई जाँच कराई जाए। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पिछले कई महीनों से राजनीतिक विवाद का केंद्र रही है।
मुख्य घटनाक्रम
जब वाईएसआरसीपी कार्यकर्ता एसएएपी कार्यालय के बाहर जमा हुए, उसी समय खेल कोटे से नियुक्त शिक्षक भी वहाँ पहुँचे। शिक्षकों का कहना था कि उनके खिलाफ झूठा प्रचार किया जा रहा है और वे एसएएपी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपना चाहते हैं। दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी हुई और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने परिसर का मुख्य गेट बंद कर दिया। शिक्षक परिसर के अंदर रहे, जबकि वाईएसआरसीपी कार्यकर्ता बाहर डटे रहे। करीब दो घंटे तक लब्बीपेट इलाके में तनाव बना रहा।
हिरासत और पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने लब्बीपेट इलाके में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को एसएएपी कार्यालय तक पहुँचने से रोका। पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू, वनमा बाला वज्रबाबू, अंबाती मुरलीकृष्ण और नूरी फातिमा सहित कई नेताओं को काजा टोल प्लाजा के पास रोककर पेदकाकानी पुलिस स्टेशन ले जाया गया। इसके अलावा जक्कमपुडी राजा, पेरनी कृष्ण मूर्ति और नागार्जुन यादव को भी हिरासत में लिया गया।
वाईएसआरसीपी का आरोप है कि पुलिस ने विभिन्न जिलों से विजयवाड़ा आ रहे उसके नेताओं को रास्ते में ही रोक दिया। पार्टी का यह भी कथित आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।
वाईएसआरसीपी के आरोप और टीडीपी पर निशाना
वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के कार्यकर्ता शिक्षकों के वेश में आए और पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमला किया। पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) के सदस्य और पूर्व विधायक बोला ब्रह्मनायडू ने प्रदर्शन में शामिल होकर पूरे मामले की व्यापक सीबीआई जाँच की माँग की। उनका कहना था कि इससे सच्चाई सामने आएगी और योग्य डीएससी अभ्यर्थियों को न्याय मिलेगा।
सरकार पर पुलिस दुरुपयोग का आरोप
पार्टी प्रवक्ता कोंडा राजीव ने आरोप लगाया कि गठबंधन सरकार भर्ती प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब देने के बजाय पुलिस का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाईएसआरसीपी योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिलने तक अपना आंदोलन जारी रखेगी। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में टीडीपी नीत गठबंधन सरकार और विपक्षी वाईएसआरसीपी के बीच शिक्षा और रोज़गार नीतियों को लेकर टकराव बढ़ता जा रहा है।