21 सितंबर 2026
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विजयवाड़ा में खेल कोटा शिक्षक भर्ती पर बवाल: वाईएसआरसीपी-शिक्षक आमने-सामने, कई नेता हिरासत में

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विजयवाड़ा में खेल कोटा शिक्षक भर्ती पर बवाल: वाईएसआरसीपी-शिक्षक आमने-सामने, कई नेता हिरासत में

सारांश

विजयवाड़ा में खेल कोटा शिक्षक भर्ती विवाद ने सोमवार को उग्र रूप ले लिया। वाईएसआरसीपी और नव-नियुक्त शिक्षक आमने-सामने आए, पुलिस ने दर्जनों नेताओं को हिरासत में लिया। पार्टी ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे और सीबीआई जाँच की माँग दोहराई।

मुख्य बातें

21 सितंबर 2026 को विजयवाड़ा में एसएएपी कार्यालय के बाहर वाईएसआरसीपी और खेल कोटे से नव-नियुक्त शिक्षकों के बीच तनाव, नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई।
वाईएसआरसीपी ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे और मेगा डीएससी भर्ती की सीबीआई जाँच की माँग की।
पुलिस ने लब्बीपेट में बैरिकेडिंग की, एसएएपी परिसर का गेट बंद किया; करीब दो घंटे तनाव बना रहा।
पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू , वनमा बाला वज्रबाबू , नूरी फातिमा सहित कई नेताओं को काजा टोल प्लाजा के पास रोककर हिरासत में लिया गया।
वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि टीडीपी कार्यकर्ता शिक्षकों के वेश में आए और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला किया।
प्रवक्ता कोंडा राजीव ने चेतावनी दी कि न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

विजयवाड़ा में 21 सितंबर 2026 (सोमवार) को स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ आंध्र प्रदेश (एसएएपी) कार्यालय के बाहर उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रदर्शनकारियों और खेल कोटे से नव-नियुक्त शिक्षकों के बीच नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए कई वाईएसआरसीपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जबकि एसएएपी परिसर का मुख्य गेट बंद कर दिया गया।

प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

वाईएसआरसीपी ने खेल कोटे के तहत शिक्षकों की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एसएएपी कार्यालय पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी की मांग थी कि शिक्षा मंत्री नारा लोकेश इस्तीफा दें और मेगा डीएससी भर्ती की सीबीआई जाँच कराई जाए। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पिछले कई महीनों से राजनीतिक विवाद का केंद्र रही है।

मुख्य घटनाक्रम

जब वाईएसआरसीपी कार्यकर्ता एसएएपी कार्यालय के बाहर जमा हुए, उसी समय खेल कोटे से नियुक्त शिक्षक भी वहाँ पहुँचे। शिक्षकों का कहना था कि उनके खिलाफ झूठा प्रचार किया जा रहा है और वे एसएएपी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपना चाहते हैं। दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी हुई और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

हालात बिगड़ते देख पुलिस ने परिसर का मुख्य गेट बंद कर दिया। शिक्षक परिसर के अंदर रहे, जबकि वाईएसआरसीपी कार्यकर्ता बाहर डटे रहे। करीब दो घंटे तक लब्बीपेट इलाके में तनाव बना रहा।

हिरासत और पुलिस कार्रवाई

पुलिस ने लब्बीपेट इलाके में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को एसएएपी कार्यालय तक पहुँचने से रोका। पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू, वनमा बाला वज्रबाबू, अंबाती मुरलीकृष्ण और नूरी फातिमा सहित कई नेताओं को काजा टोल प्लाजा के पास रोककर पेदकाकानी पुलिस स्टेशन ले जाया गया। इसके अलावा जक्कमपुडी राजा, पेरनी कृष्ण मूर्ति और नागार्जुन यादव को भी हिरासत में लिया गया।

वाईएसआरसीपी का आरोप है कि पुलिस ने विभिन्न जिलों से विजयवाड़ा आ रहे उसके नेताओं को रास्ते में ही रोक दिया। पार्टी का यह भी कथित आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।

वाईएसआरसीपी के आरोप और टीडीपी पर निशाना

वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के कार्यकर्ता शिक्षकों के वेश में आए और पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमला किया। पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) के सदस्य और पूर्व विधायक बोला ब्रह्मनायडू ने प्रदर्शन में शामिल होकर पूरे मामले की व्यापक सीबीआई जाँच की माँग की। उनका कहना था कि इससे सच्चाई सामने आएगी और योग्य डीएससी अभ्यर्थियों को न्याय मिलेगा।

सरकार पर पुलिस दुरुपयोग का आरोप

पार्टी प्रवक्ता कोंडा राजीव ने आरोप लगाया कि गठबंधन सरकार भर्ती प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब देने के बजाय पुलिस का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाईएसआरसीपी योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिलने तक अपना आंदोलन जारी रखेगी। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में टीडीपी नीत गठबंधन सरकार और विपक्षी वाईएसआरसीपी के बीच शिक्षा और रोज़गार नीतियों को लेकर टकराव बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पुलिस द्वारा रास्ते में ही नेताओं को रोकना — यदि यह सिद्ध होता है — तो यह विपक्षी प्रदर्शन के अधिकार को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। खेल कोटा भर्तियों की पारदर्शिता पर स्वतंत्र जाँच अनिवार्य है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों और राज्य की शिक्षा व्यवस्था दोनों का भरोसा बहाल हो सके।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजयवाड़ा में खेल कोटा शिक्षक भर्ती विवाद क्या है?
यह विवाद आंध्र प्रदेश में खेल कोटे के तहत शिक्षकों की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं को लेकर है। वाईएसआरसीपी का आरोप है कि मेगा डीएससी भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है, जिसकी सीबीआई जाँच होनी चाहिए।
वाईएसआरसीपी ने 21 सितंबर 2026 को क्या माँगें रखीं?
वाईएसआरसीपी ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे और मेगा डीएससी भर्ती की सीबीआई जाँच की माँग की। पार्टी का कहना है कि जब तक योग्य अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।
21 सितंबर को विजयवाड़ा में कितने नेता हिरासत में लिए गए?
पुलिस ने पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू, वनमा बाला वज्रबाबू, अंबाती मुरलीकृष्ण, नूरी फातिमा सहित कई वरिष्ठ वाईएसआरसीपी नेताओं को काजा टोल प्लाजा के पास रोककर हिरासत में लिया। जक्कमपुडी राजा, पेरनी कृष्ण मूर्ति और नागार्जुन यादव को भी बाद में हिरासत में लिया गया।
खेल कोटे से नियुक्त शिक्षकों का क्या पक्ष है?
नव-नियुक्त शिक्षकों का कहना है कि उनके खिलाफ झूठा प्रचार किया जा रहा है। वे एसएएपी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के उद्देश्य से कार्यालय पहुँचे थे और अपनी नियुक्ति को वैध बताते हैं।
टीडीपी पर वाईएसआरसीपी का क्या आरोप है?
वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ टीडीपी के कार्यकर्ता शिक्षकों के वेश में एसएएपी कार्यालय पहुँचे और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला किया। इसके साथ ही पार्टी ने पुलिस पर लाठीचार्ज और विपक्षी नेताओं को रास्ते में रोकने का भी आरोप लगाया है।
राष्ट्र प्रेस
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