नया भारत निर्माण के 12 साल: PM मोदी ने एक्स पर गिनाईं इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्धियाँ, विकसित भारत के लिए अगली पीढ़ी के निर्माण का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जून 2026 को 'नया भारत निर्माण के 12 साल' पूरे होने के अवसर पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा कर कहा कि पिछले एक दशक में देशभर में रिकॉर्ड स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हुआ है। उन्होंने 'विकसित भारत' के विजन को साकार करने के लिए अगली पीढ़ी का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने की सरकार की प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया।
मोदी का संदेश: कनेक्टिविटी ही विकास की नींव
मोदी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'पिछले एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने का रिकॉर्ड स्तर पर हुआ है। विकसित भारत के अपने विजन को साकार करने के लिए देश के लोगों के लिए अगली पीढ़ी का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' इसके साथ उन्होंने 'मेरी सरकार' का एक पोस्ट भी शेयर किया, जिसमें बीते 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों का विवरण दिया गया। 'मेरी सरकार' की पोस्ट में कहा गया कि किसी देश की ताकत लोगों, बाज़ारों और अवसरों को जोड़ने की उसकी क्षमता से झलकती है और भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में आए बदलाव ने आवाजाही को तेज़ किया है, लॉजिस्टिक्स को मज़बूत किया है तथा विकास के नए रास्ते खोले हैं।
सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर: हाईवे नेटवर्क में ऐतिहासिक विस्तार
'मेरी सरकार' के आँकड़ों के अनुसार, नेशनल हाईवे की कुल लंबाई 91,287 किमी से बढ़कर 1,46,572 किमी हो गई है। हाईवे निर्माण की गति लगभग तीन गुना बढ़कर 12 किमी प्रतिदिन से 34 किमी प्रतिदिन हो गई है। इस अवधि में 55,000 किमी से अधिक नए हाईवे जोड़े गए हैं, जिससे देशभर में आर्थिक गतिविधियों और आवाजाही में तेज़ी आई है।
रेलवे: 99.6% इलेक्ट्रिफिकेशन और वंदे भारत की रफ़्तार
रेलवे के मोर्चे पर ब्रॉड गेज का इलेक्ट्रिफिकेशन 2014 में 20 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 99.6 प्रतिशत हो गया है, जिससे भारत दुनिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रिफ़ाइड रेलवे नेटवर्क में शामिल हो गया है। कुल 69,873 रूट किलोमीटर रेल ट्रैक का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है और 25 राज्यों ने 100 प्रतिशत रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन हासिल कर लिया है। इसके अलावा, 1,330 से अधिक अमृत भारत स्टेशनों को आधुनिक बनाया जा रहा है।
वंदे भारत ट्रेनों ने रेल यात्रा का अनुभव बदल दिया है। अभी 274 ज़िलों में 164 वंदे भारत ट्रेन सेवाएँ संचालित हो रही हैं। वित्त वर्ष 2026 में इन सेवाओं में लगभग 4 करोड़ यात्रियों ने सफर किया, जो सालाना 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। हाल ही में शुरू हुई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों ने लंबी दूरी की कनेक्टिविटी को और मज़बूत किया है — सेवा शुरू होने के सिर्फ़ तीन महीनों के भीतर 1.2 लाख से अधिक यात्रियों ने इनमें यात्रा की और सीटें पूरी तरह भरी रहीं।
मेट्रो और हवाई कनेक्टिविटी: शहरी और क्षेत्रीय विस्तार
शहरी परिवहन में भारत का मेट्रो नेटवर्क 2014 में 248 किलोमीटर से बढ़कर 2026 में 1,155 किलोमीटर हो गया है। मेट्रो सेवाएँ, जो पहले केवल 5 शहरों में थीं, अब 26 शहरों में उपलब्ध हैं। रोज़ाना यात्रियों की संख्या 28 लाख से बढ़कर 1 करोड़ से अधिक हो गई है।
हवाई कनेक्टिविटी के मोर्चे पर उड़ान योजना के तहत चालू एयरपोर्ट्स की संख्या 74 से बढ़कर 164 हो गई है। 663 उड़ान रूट अब 95 एयरपोर्ट्स, हेलीपोर्ट्स और वॉटर एयरोड्रोम को जोड़ते हैं। इन बदलावों ने 'लास्ट-माइल' हवाई कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया है और भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन बाज़ार बनने में मदद की है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब सरकार विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में अगले चरण की योजनाओं पर काम कर रही है। गौरतलब है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में यह निवेश न केवल भौतिक कनेक्टिविटी बढ़ाता है, बल्कि रोज़गार सृजन और आर्थिक समावेश का भी आधार बनता है। प्रधानमंत्री मोदी के इस संदेश से स्पष्ट है कि आने वाले वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर सरकार की प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर बना रहेगा।