11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या 2025 में घरेलू बाजार पर वैश्विक हालातों का असर पड़ा और 2026 में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या 2025 में घरेलू बाजार पर वैश्विक हालातों का असर पड़ा और 2026 में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है?

सारांश

वर्ष 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए औसत रहा, जबकि 2026 में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। मार्केट एक्सपर्ट सुनील शाह के अनुसार, वैश्विक घटनाओं का असर भारतीय बाजार पर पड़ा। जानें आगे क्या हो सकता है!

मुख्य बातें

2025 में भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन औसत रहा।
सेंसेक्स में 9-10% की वृद्धि हुई।
वैश्विक घटनाओं ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
2026 में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
कमाई में सुधार से बाजार को मजबूती मिलेगी।

मुंबई, 31 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 2025 भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए इतना लाभदायक नहीं रहा, लेकिन इसका प्रदर्शन औसत बना रहा। यदि 31 दिसंबर 2024 और 31 दिसंबर 2025 के बीच तुलना की जाए, तो सेंसेक्स में लगभग 9-10 प्रतिशत की सिंगल-डिजिट वृद्धि देखी गई है। मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में कोई विशेष मजबूती नहीं दिखाई दी। कुल मिलाकर, बाजार का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है। यह जानकारी मार्केट एक्सपर्ट सुनील शाह ने राष्ट्र प्रेस से साझा की।

मार्केट एक्सपर्ट सुनील शाह ने 2025 के भारतीय शेयर बाजार के प्रदर्शन पर विचार करते हुए कहा कि किसी भी वर्ष के आंकड़ों का विश्लेषण करते समय यह आवश्यक है कि उस वर्ष में क्या-क्या घटनाएं हुईं। 2025 में वैश्विक स्तर पर ट्रेड वॉर की शुरुआत हुई, जिसकी अगुवाई अमेरिका ने की। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाला, जिसका असर भारत पर भी पड़ा।

इसके अलावा, 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसी घटनाएं और विभिन्न हिस्सों में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। वैश्विक स्तर पर कई क्षेत्रों में अस्थिरता बनी रही, जिससे निवेशकों की जोखिम उठाने की क्षमता सीमित हो गई। इन सभी परिस्थितियों के बावजूद, भारतीय शेयर बाजार का स्थिर रहना एक सकारात्मक संकेत है।

एक्सपर्ट ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए यह भी स्वीकार किया कि अगर भारत की तुलना अन्य उभरते हुए बाजारों (एमर्जिंग मार्केट्स) से की जाए, तो भारतीय बाजार इस वर्ष अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन करने वालों में रहा। इसका मुख्य कारण यह रहा कि घरेलू बाजार के मूल्यांकन पहले से ही महंगे थे और अन्य उभरते बाजारों की तुलना में प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे थे। इस स्थिति में वैश्विक निवेशकों ने उन बाजारों का रुख किया जहां का मूल्यांकन अधिक आकर्षक था, जिससे वहां के शेयर बाजारों में तेजी आई।

नए वर्ष 2026 के संबंध में एक्सपर्ट शाह ने सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया। उनका मानना है कि मौजूदा वित्त वर्ष के दूसरे भाग में, अर्थात सेकंड हाफ में, बाजार की असली मजबूती देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह दूसरा भाग भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण होगा और इस दौरान वृद्धि में सुधार दिख सकता है।

अगले समय में सेक्टर रोटेशन की भी उम्मीद है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कमाई में सुधार की संभावना है। कमाई में वृद्धि से शेयर बाजार को मजबूती मिलेगी, और यही कारण है कि 2026 वर्ष, 2025 की तुलना में निवेशकों के लिए अधिक लाभकारी साबित हो सकता है।

एक्सपर्ट शाह का मानना है कि आगामी वर्ष निवेशकों के लिए अधिक लाभकारी हो सकता है। उनका कहना है कि यदि कमाई में सुधार होता है, तो इसका प्रत्यक्ष लाभ निवेशकों के पोर्टफोलियो पर दिखाई देगा और भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वैश्विक घटनाओं के कारण निवेशकों को सतर्क रहना होगा। हालांकि, 2026 में संभावित सुधार की उम्मीद है, जिससे बाजार में स्थिरता लौट सकती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2025 में भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन कैसा रहा?
2025 में भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन औसत रहा, जिसमें सेंसेक्स में लगभग 9-10 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।
क्या 2026 में भारतीय शेयर बाजार में सुधार होगा?
मार्केट एक्सपर्ट सुनील शाह के अनुसार, 2026 में बाजार का प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद है।
वैश्विक घटनाओं का भारतीय बाजार पर क्या असर पड़ा?
वैश्विक स्तर पर ट्रेड वॉर और भू-राजनीतिक तनाव ने भारतीय बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
कमाई में सुधार का भारतीय बाजार पर क्या असर होगा?
कमाई में सुधार से शेयर बाजार को मजबूती मिलेगी और यह निवेशकों के लिए लाभकारी साबित होगा।
2025 की तुलना में 2026 में निवेशकों के लिए क्या संभावनाएं हैं?
2026 में निवेशकों के लिए अधिक लाभदायक साबित होने की उम्मीद है, विशेषकर कमाई में सुधार के कारण।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले