एयर इंडिया टर्बुलेंस: डोप टेस्ट पॉजिटिव आने पर पायलट का लाइसेंस रद्द हो सकता है — पायलट यूनियन प्रमुख
सारांश
मुख्य बातें
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस. रंधावा ने रविवार, 9 अगस्त को कहा कि एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट (AI2379) के पायलट का डोप परीक्षण यदि पॉजिटिव पाया जाता है, तो उनका उड़ान लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और उन्हें जुर्माने सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाइयों का सामना करना पड़ सकता है। यह बयान उन खबरों की पृष्ठभूमि में आया है जिनमें कथित तौर पर पायलट का साइकोएक्टिव पदार्थों का परीक्षण पॉजिटिव आने का दावा किया गया है।
यूनियन प्रमुख का बयान
कैप्टन रंधावा ने स्पष्ट किया कि एयरलाइन की ओर से डोपिंग टेस्ट के नतीजे अभी तक आधिकारिक रूप से जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा, 'अभी एयरलाइन की तरफ से डोपिंग टेस्ट के नतीजे आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किए गए हैं, इसलिए हम आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करेंगे। मैं इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा कि टेस्ट पॉजिटिव है।'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो इसके कारण पायलट का लाइसेंस भी रद्द हो सकता है। पायलट पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है और भविष्य में उसे कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन फिर भी, हमें डोपिंग टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार करना होगा और उसके बाद ही हम इस पर कोई टिप्पणी कर सकते हैं।'
टर्बुलेंस की घटना: क्या हुआ था
एयर इंडिया फ्लाइट AI2379 के रूप में उड़ान भर रहे एयरबस A320 को ओडिशा के ऊपर से गुजरते समय भीषण टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा, जिसके कारण विमान की ऊँचाई में अचानक करीब 300 फीट का बदलाव आया। इस घटना में कई यात्री और क्रू सदस्य घायल हो गए। इसके बाद विमान स्थिर हो गया और नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित रूप से उतरा।
एयर इंडिया का रुख
एयर इंडिया ने कहा है कि वह नागरिक उड्डयन नियमों के तहत क्रू सदस्यों का नियमित ड्रग परीक्षण करती है। हालाँकि, एयरलाइन ने यह भी स्वीकार किया कि फ्लाइट के बाद किए गए स्क्रीनिंग टेस्ट के नतीजे उसे आधिकारिक रूप से नहीं बताए गए थे। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत में विमानन सुरक्षा मानकों की समीक्षा को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की भूमिका पर बहस तेज हो रही है।
नियमों के तहत क्या हो सकता है
भारतीय नागरिक उड्डयन नियमों के अनुसार, यदि किसी पायलट का डोप परीक्षण पॉजिटिव आता है, तो DGCA उसका उड़ान लाइसेंस निलंबित या रद्द कर सकता है। इसके अतिरिक्त, एयरलाइन और नियामक संस्था दोनों की ओर से अलग-अलग जाँच और दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह प्रक्रिया पायलट के करियर को स्थायी रूप से प्रभावित कर सकती है।
आगे क्या होगा
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने स्पष्ट किया है कि वह आधिकारिक परिणाम आने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँचेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले की जाँच DGCA द्वारा की जाएगी और परिणाम भारतीय विमानन उद्योग में ड्रग परीक्षण नीतियों को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम कर सकते हैं।