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आयुष्मान भारत वय वंदना योजना: 1.20 करोड़ वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत, ₹3,000 करोड़ के 13.84 लाख इलाज

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आयुष्मान भारत वय वंदना योजना: 1.20 करोड़ वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत, ₹3,000 करोड़ के 13.84 लाख इलाज

सारांश

आयुष्मान भारत वय वंदना योजना के तहत 1.20 करोड़ बुजुर्गों का पंजीकरण और ₹3,000 करोड़ के 13.84 लाख इलाज — साथ ही AB PM-JAY के ₹1,80,435 करोड़ के कवरेज और 47 करोड़ टेलीमेडिसिन परामर्श के आँकड़े भारत के स्वास्थ्य ढाँचे में बड़े बदलाव की तस्वीर पेश करते हैं।

मुख्य बातें

आयुष्मान भारत वय वंदना योजना के तहत 1.20 करोड़ से अधिक वरिष्ठ नागरिकों का पंजीकरण हुआ; 13.84 लाख उपचार, कुल लागत ₹3,000 करोड़ ।
AB PM-JAY के तहत 44.14 करोड़ आयुष्मान कार्ड बने; 12.03 करोड़ अस्पताल भर्ती कवर; ₹1,80,435 करोड़ का इलाज।
मिशन इंद्रधनुष से 5.46 करोड़ बच्चों और 1.32 करोड़ गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण; जीरो-डोज बच्चों की हिस्सेदारी 0.11% से घटकर 0.06% ।
18,000+ जन औषधि केंद्रों पर जेनेरिक दवाएँ बाजार भाव से 50–90% सस्ती; 47 करोड़+ टेलीमेडिसिन परामर्श दिए गए।
2014 के बाद मेडिकल कॉलेज दोगुने; 12 नए AIIMS कार्यरत; 1.86 लाख+ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सक्रिय।

आयुष्मान भारत वय वंदना योजना के तहत देशभर में 1.20 करोड़ से अधिक वरिष्ठ नागरिकों का पंजीकरण हो चुका है और 13.84 लाख से ज्यादा उपचार किए जा चुके हैं, जिनकी कुल लागत लगभग ₹3,000 करोड़ रही है। सरकार ने 6 जून 2026 को यह जानकारी दी। यह आँकड़े भारत की बुजुर्ग आबादी के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में उठाए गए कदमों की व्यापकता को दर्शाते हैं।

वय वंदना योजना की मुख्य उपलब्धियाँ

सरकारी बयान के अनुसार, इस योजना के तहत बुजुर्ग लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है। ₹3,000 करोड़ की कुल उपचार लागत यह संकेत देती है कि प्रति उपचार औसत खर्च लगभग ₹21,000 के आसपास रहा है — जो बुजुर्गों की जटिल स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए महत्त्वपूर्ण आँकड़ा है।

टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य में प्रगति

सरकार ने बताया कि मिशन इंद्रधनुष अभियान के तहत 5.46 करोड़ बच्चों और 1.32 करोड़ गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया, जिन्हें पहले कोई टीका नहीं लगा था। एक अधिकारिक बयान में कहा गया कि जीरो-डोज बच्चों की हिस्सेदारी वर्ष 2023 के 0.11 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2024 में 0.06 प्रतिशत रह गई।

सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) के तहत हर साल 2.67 करोड़ नवजात शिशुओं और 2.9 करोड़ गर्भवती महिलाओं को 12 बीमारियों से बचाव के लिए मुफ्त टीके उपलब्ध कराए जाते हैं।

आयुष्मान भारत PM-JAY की व्यापक पहुँच

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष प्रति परिवार ₹5 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा दिया जाता है। यह योजना देश की कुल आबादी के लगभग 40 प्रतिशत यानी करीब 12 करोड़ परिवारों को कवर करती है।

सरकारी आँकड़ों के अनुसार, अब तक 44.14 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, 12.03 करोड़ अस्पताल भर्ती के मामले कवर किए गए हैं और लगभग ₹1,80,435 करोड़ मूल्य का इलाज उपलब्ध कराया गया है। इस योजना से जुड़े 36,218 अस्पतालों में 19,659 सरकारी और 16,559 निजी अस्पताल शामिल हैं।

बुनियादी ढाँचे और डिजिटल स्वास्थ्य में बदलाव

पिछले 12 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए सरकार ने कहा कि 44 करोड़ से अधिक परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिला है और 1.86 लाख से ज्यादा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो चुके हैं।

देशभर में 18,000 से अधिक जन औषधि केंद्रों के माध्यम से जेनेरिक दवाएँ बाजार कीमतों की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक कम दाम पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। 47 करोड़ से अधिक टेलीमेडिसिन परामर्श दिए जा चुके हैं। 2014 के बाद मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है और 12 नए AIIMS संस्थान कार्यरत हो चुके हैं। डॉक्टरों और नर्सों के प्रशिक्षण की क्षमता भी दोगुनी से अधिक बढ़ाई गई है।

आगे की राह

सरकार ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को औपचारिक रूप से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली का हिस्सा बनाने की भी जानकारी दी। आलोचकों का कहना है कि पंजीकरण और कार्ड-निर्माण के आँकड़े प्रभावशाली हैं, लेकिन योजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अंतिम छोर के लाभार्थियों — विशेषकर ग्रामीण बुजुर्गों — तक सेवाएँ कितनी सुगमता से पहुँच रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

80,435 करोड़ के इलाज के आँकड़े निस्संदेह बड़े हैं, लेकिन यह सवाल अनुत्तरित है कि इन दावों की स्वतंत्र रूप से जाँच कैसे हो। जन औषधि केंद्रों और टेलीमेडिसिन की संख्या बढ़ी है, मगर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में सूचीबद्ध अस्पतालों की पहुँच अभी भी असमान बनी हुई है। 36,218 सूचीबद्ध अस्पतालों में से लगभग आधे निजी हैं — जो दर्शाता है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य ढाँचे पर निर्भरता अपेक्षा के अनुरूप नहीं घटी। बिना जिला-स्तरीय उपयोग डेटा के, ये समग्र आँकड़े क्षेत्रीय विषमताओं को छुपा सकते हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयुष्मान भारत वय वंदना योजना क्या है?
यह केंद्र सरकार की एक स्वास्थ्य बीमा योजना है जो विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाई गई है। इसके तहत बुजुर्ग लाभार्थियों को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है।
अब तक कितने वरिष्ठ नागरिक इस योजना से जुड़े हैं?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 6 जून 2026 तक 1.20 करोड़ से अधिक वरिष्ठ नागरिकों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें से 13.84 लाख से ज्यादा उपचार किए गए हैं, जिनकी कुल लागत लगभग ₹3,000 करोड़ रही है।
AB PM-JAY योजना कितने परिवारों को कवर करती है?
आयुष्मान भारत PM-JAY योजना देश की लगभग 40 प्रतिशत आबादी यानी करीब 12 करोड़ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष प्रति परिवार ₹5 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा देती है। अब तक 44.14 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
मिशन इंद्रधनुष का क्या असर हुआ है?
मिशन इंद्रधनुष के तहत 5.46 करोड़ बच्चों और 1.32 करोड़ गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया जिन्हें पहले कोई टीका नहीं लगा था। जीरो-डोज बच्चों की हिस्सेदारी 2023 के 0.11 प्रतिशत से घटकर 2024 में 0.06 प्रतिशत रह गई।
जन औषधि केंद्रों से दवाएँ कितनी सस्ती मिलती हैं?
देशभर में 18,000 से अधिक जन औषधि केंद्रों पर जेनेरिक दवाएँ बाजार कीमतों की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक कम दाम पर उपलब्ध हैं। यह सुविधा विशेष रूप से कम आय वर्ग के मरीजों के लिए राहत का बड़ा जरिया बनी है।
राष्ट्र प्रेस
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