केनरा बैंक FY27 में बॉन्ड से जुटाएगा ₹8,500 करोड़, AT1 और टियर II के ज़रिए पूंजी विस्तार
सारांश
मुख्य बातें
सरकारी क्षेत्र के केनरा बैंक ने वित्त वर्ष 2027 के दौरान डेट इंस्ट्रूमेंट्स के माध्यम से ₹8,500 करोड़ तक की पूंजी जुटाने की योजना को मंजूरी दे दी है। बैंक ने 2 जून को हुई बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया, जिसका उद्देश्य पूंजी आधार को मज़बूत करना और बढ़ती ऋण माँग के बीच कारोबार विस्तार के लिए वित्तीय लचीलापन सुनिश्चित करना है।
फंड जुटाने की संरचना
एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, बैंक के बोर्ड ने बेसल III के अनुरूप एडिशनल टियर I (AT1) बॉन्ड के ज़रिए ₹4,500 करोड़ तक और बेसल III के अनुरूप टियर II बॉन्ड के ज़रिए ₹4,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। यह प्रक्रिया बाज़ार की स्थितियों और नियामकीय स्वीकृतियों के अधीन वित्त वर्ष 2027 के दौरान पूरी की जाएगी।
शेयर बाज़ार पर असर
फंड जुटाने की घोषणा से पहले केनरा बैंक का शेयर राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 1.13% की बढ़त के साथ ₹129.40 पर बंद हुआ। प्रस्तावित पूंजी निवेश से बैंक की पूंजी पर्याप्तता स्थिति में सुधार और ऋण विस्तार को सहारा मिलने की उम्मीद है।
नेतृत्व परिवर्तन के बीच घोषणा
यह कदम बैंक में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व बदलाव के बीच आया है। इसी सप्ताह ब्रजेश कुमार सिंह ने केनरा बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पदभार संभाला है। उनका कार्यकाल 30 अप्रैल 2029 तक या सरकार के अगले आदेश तक जारी रहेगा। इससे पहले सिंह इंडियन बैंक में कार्यकारी निदेशक रहे थे, जहाँ उन्होंने कॉर्पोरेट ऋण, खुदरा बैंकिंग, मानव संसाधन और रणनीतिक संचालन की ज़िम्मेदारियाँ संभालीं।
मार्च तिमाही के नतीजों की पृष्ठभूमि
यह पूंजी जुटाने का निर्णय बैंक की मार्च तिमाही के नतीजों के बाद आया है, जिनमें परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार के बावजूद मुनाफे पर दबाव दिखा। मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में केनरा बैंक का शुद्ध लाभ ₹4,505 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9.9% कम है — मुख्य रूप से अन्य आय में गिरावट के कारण।
तिमाही के दौरान शुद्ध ब्याज आय वार्षिक आधार पर 4% बढ़कर ₹9,809 करोड़ रही। बैंक का सकल NPA अनुपात पिछली तिमाही के 2.08% से सुधरकर 1.84% पर आ गया, जबकि शुद्ध NPA दिसंबर तिमाही के 0.45% की तुलना में 0.43% रहा।
आगे क्या
बॉन्ड जारी करने का समय और किस्तें बाज़ार की स्थितियों पर निर्भर करेंगी। विश्लेषकों का मानना है कि AT1 और टियर II के मिश्रण से बैंक को कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) को नियामकीय सीमा से ऊपर बनाए रखने और अगले वित्त वर्ष में ऋण वृद्धि की रफ़्तार पकड़ने में मदद मिलेगी।