बेंगलुरु: कैपजेमिनी के HAL कैंपस डेकेयर में बाल शोषण के आरोप, 5 केयरगिवर्स पर FIR; सेंटर बंद
सारांश
मुख्य बातें
कैपजेमिनी ने 2 जुलाई 2025 को अपने बेंगलुरु स्थित HAL कैंपस (ब्रुकफील्ड) के डेकेयर सेंटर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया — यह कदम उस वक्त उठाया गया जब कैंपस की चाइल्डकेयर सुविधा में 2 से 3 साल की उम्र के बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार के वीडियो व्हाट्सएप पर वायरल हुए। 29 जून को HAL पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में पाँच महिला केयरगिवर्स के नाम शामिल हैं और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, मामला तब सामने आया जब व्हाट्सएप पर कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें डेकेयर सेंटर के भीतर बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार होता दिखाई दे रहा था। ज़िला बाल संरक्षण इकाई (District Child Protection Unit) के एक अधिकारी की शिकायत पर 29 जून को यह एफआईआर दर्ज की गई।
एफआईआर में लगाए गए आरोपों के अनुसार, केयरगिवर्स छोटे बच्चों के रोने पर उनके साथ मारपीट करते थे और उन्हें डराते-धमकाते थे। कथित तौर पर कुछ बच्चों के मुँह में टॉयलेट जेट स्प्रे से पानी की बौछार की गई, उन्हें बाथरूम में बंद किया गया, वेस्टर्न-स्टाइल टॉयलेट पर बैठाया गया और फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के अंदर डाला गया। पीड़ित बच्चों की उम्र 2 से 3 साल के बीच बताई जा रही है।
कैपजेमिनी की प्रतिक्रिया
कंपनी ने एक आधिकारिक बयान में कहा, 'कैपजेमिनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों की सेहत, सुरक्षा और भलाई है।' कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और मामले की सच्चाई जानने में उनकी सहायता कर रही है।
बयान में कहा गया, 'एहतियात के तौर पर, हम बेंगलुरु स्थित कैंपस डेकेयर सुविधा को अस्थायी रूप से बंद कर रहे हैं।' यह सुविधा बेंगलुरु के ब्रुकफील्ड क्षेत्र में कंपनी के HAL कैंपस में स्थित थी।
जाँच की स्थिति
पुलिस इन सभी आरोपों की जाँच कर रही है। HAL पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में किशोर न्याय अधिनियम की संबंधित धाराएँ लगाई गई हैं। अधिकारियों ने अभी तक किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, और मामले की जाँच जारी बताई जा रही है।
गौरतलब है कि कॉर्पोरेट कैंपस में संचालित डेकेयर सुविधाओं की निगरानी और सुरक्षा मानकों पर यह मामला गंभीर सवाल खड़े करता है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब बड़े आईटी संस्थानों में कर्मचारियों के बच्चों के लिए इन-हाउस चाइल्डकेयर की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।
आम जनता और अभिभावकों पर असर
इस घटना ने बेंगलुरु के आईटी कॉरिडोर में कार्यरत अभिभावकों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है। कैपजेमिनी के कर्मचारी जो इस डेकेयर सुविधा का उपयोग करते थे, उन्हें अब वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। बाल अधिकार संगठनों ने कॉर्पोरेट डेकेयर सेंटरों में सीसीटीवी निगरानी और नियमित तृतीय-पक्ष ऑडिट को अनिवार्य बनाने की माँग उठाई है।
क्या होगा आगे
पुलिस जाँच के साथ-साथ ज़िला बाल संरक्षण इकाई भी इस मामले की स्वतंत्र समीक्षा कर रही है। कैपजेमिनी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि डेकेयर सेंटर को कब और किन शर्तों पर पुनः खोला जाएगा। यह मामला भारत में कॉर्पोरेट चाइल्डकेयर नीति और उसकी नियामक निगरानी पर व्यापक बहस को जन्म दे सकता है।