शहरी विकास मंत्रालय का पुनर्गठन: दो विभागों में बँटा, मनोहर लाल बोले — शहरी शासन होगा सशक्त
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार, 31 जुलाई को नई दिल्ली में संसदीय परामर्शदात्री समिति की शहरी नियोजन पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता की और घोषणा की कि शहरी प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को अब दो स्वतंत्र विभागों में पुनर्गठित किया गया है। यह कदम तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियों से निपटने और संस्थागत क्षमता को मज़बूत करने की दिशा में सरकार का ताज़ा प्रयास है।
पुनर्गठन में क्या बदला
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्रालय के पुनर्गठन के तहत दो नए विभाग गठित किए गए हैं — पूंजी विकास विभाग (DCD) और शहरी विकास विभाग (DUD)। इस ढाँचे का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करना और विविध शहरी ज़रूरतों पर अधिक केंद्रित तरीके से ध्यान देना है। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब मंत्रालय को इस प्रकार के द्विभागीय ढाँचे में विभाजित किया गया है।
मंत्री का विज़न: रहने योग्य और आपदा-रोधी शहर
मनोहर लाल ने बैठक में स्पष्ट किया कि मंत्रालय की समस्त शहरी नियोजन पहलों का केंद्रीय लक्ष्य देश में रहने योग्य, आपदा-रोधी और नागरिक-केंद्रित शहरों का विकास करना है। उन्होंने कहा कि प्रभावी शहरी नियोजन, मज़बूत शहरी प्रशासन, जल सुरक्षा और निरंतर क्षमता निर्माण — ये सभी तत्व संतुलित शहरी विकास के लिए अपरिहार्य हैं।
मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि सरकार शहरी विकास के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपना रही है, जिसमें शहरी नियोजन, बुनियादी ढाँचे का विकास, बेहतर प्रशासन और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवाओं को एकीकृत किया जा रहा है। इन प्रयासों का अंतिम उद्देश्य ऐसे शहर विकसित करना है जो पर्यावरण के अनुकूल, आर्थिक रूप से सक्षम और आधुनिक तकनीक से लैस हों।
संसदीय समिति की भूमिका और सुझाव
बैठक में संसदीय परामर्शदात्री समिति के सदस्यों ने शहरी नियोजन और प्रशासन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। केंद्रीय मंत्री ने इन सुझावों का स्वागत किया और भरोसा दिलाया कि मंत्रालय की योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँगे। पूंजी विकास विभाग की सचिव डी. थारा ने बैठक में मंत्रालय की शहरी नियोजन संबंधी पहलों और सतत शहरी विकास के रोडमैप पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
विकसित भारत 2047 से जुड़ाव
सांसद टोखन साहू ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विज़न को साकार करने के लिए मंत्रालय देश भर में योजनाबद्ध, टिकाऊ और भविष्य की ज़रूरतों के अनुरूप शहरी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कार्यरत है। यह पुनर्गठन उसी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे की राह
नए द्विभागीय ढाँचे के तहत दोनों विभाग अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से कार्य करेंगे, जिससे नीति निर्माण और क्रियान्वयन में स्पष्टता आने की उम्मीद है। मंत्री ने संकेत दिया कि सहयोगात्मक नीति निर्माण और रचनात्मक संवाद इस पूरी प्रक्रिया की आधारशिला रहेंगे।