कोल इंडिया लिमिटेड को तेलंगाना में 1,057 करोड़ रुपये का बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना मिला
सारांश
Key Takeaways
- कोल इंडिया लिमिटेड ने तेलंगाना में बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना के लिए लेटर ऑफ अवार्ड प्राप्त किया।
- परियोजना की लागत 1,057.09 करोड़ रुपये है।
- 750 मेगावाट-घंटा क्षमता का बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित किया जाएगा।
- कंपनी का शेयर बाजार में वृद्धि दर्ज की गई है।
- यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा में कंपनी के विस्तार को दर्शाती है।
नई दिल्ली, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने रविवार को यह जानकारी दी कि उसे तेलंगाना विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड से एक महत्वपूर्ण बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना के लिए लेटर ऑफ अवार्ड प्राप्त हुआ है। यह कदम कंपनी के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
यह परियोजना तेलंगाना के चौटुप्पल में स्थापित की जाएगी, जिसमें 750 मेगावाट-घंटा क्षमता का बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित किया जाएगा। इसकी विद्युत क्षमता 187.5 मेगावाट होगी, जो कि चार घंटे तक बिजली आपूर्ति करने में सक्षम होगी।
इस परियोजना की अनुमानित लागत 1,057.09 करोड़ रुपये है। कंपनी ने अपनी नियामकीय फाइलिंग में बताया कि इस परियोजना को बैटरी ऊर्जा भंडारण खरीद समझौते पर हस्ताक्षर होने के 18 महीनों के भीतर पूरा किया जाएगा।
समझौते के अनुसार, सीआईएल 3.14 लाख रुपये प्रति मेगावाट प्रति माह की दर से बिजली की आपूर्ति करेगा। इसके अलावा, कंपनी को 15 दिनों के भीतर प्रदर्शन बैंक गारंटी और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे, जिसके बाद औपचारिक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
कंपनी ने यह स्पष्ट किया कि यह अनुबंध एक घरेलू इकाई द्वारा दिया गया है और इसमें किसी भी प्रकार का संबंधित पार्टी लेन-देन शामिल नहीं है।
यह परियोजना दर्शाती है कि कोल इंडिया लिमिटेड अपने पारंपरिक कोयला व्यवसाय से आगे बढ़ते हुए नवीकरणीय और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को मजबूत कर रही है।
शेयर बाजार में, शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.32 प्रतिशत बढ़कर 445.10 रुपये पर बंद हुआ। पिछले छह महीनों में इसमें 14 प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखी गई है, जबकि साल-दर-साल आधार पर शेयर में 11.15 प्रतिशत (44.65 रुपये) की वृद्धि हुई है।