बीएचईएल का कोल इंडिया के साथ 3,064 करोड़ रुपए का संयुक्त उद्यम निवेश
सारांश
Key Takeaways
- बीएचईएल का कोल इंडिया के साथ 3,064 करोड़ का निवेश
- संयुक्त उद्यम का उद्देश्य अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन
- बीएचईएल की हिस्सेदारी 49 प्रतिशत
- शेयर बाजार में गिरावट का सामना
- वित्तीय प्रदर्शन में सुधार
नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इंजीनियरिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने गुरुवार को जानकारी दी कि वह कोल इंडिया के साथ अपने संयुक्त उद्यम में लगभग 3,064.46 करोड़ रुपए का निवेश करेगी।
कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि यह निवेश चार वर्षों में किया जाएगा। इसमें, कोल इंडिया की संयुक्त उद्यम कंपनी भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (बीसीजीसीएल) में बीएचईएल की हिस्सेदारी 49 प्रतिशत होगी, जबकि कोल इंडिया की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत रहेगी।
इस संयुक्त उद्यम का मुख्य उद्देश्य कोयले से अमोनियम नाइट्रेट का निर्माण करना है, जिसके लिए एक प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिसकी क्षमता 2,000 टन प्रति दिन होगी।
फाइलिंग में बताया गया है कि बीएचईएल के बोर्ड ने टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड के सहयोग से एक अलग संयुक्त उद्यम स्थापित करने की मंजूरी भी दी है, जिसका उद्देश्य वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का मेंटेनेंस करना है।
कंपनी ने कहा कि डीआईपीएएम की मंजूरी के बाद संयुक्त उद्यम अनुबंध को अंतिम रूप दिया जाएगा और आवश्यकतानुसार इसमें परिवर्तन भी किए जा सकते हैं।
इन घोषणाओं के बाद, गुरुवार के सत्र में बीएचईएल के शेयरों में गिरावट आई। एनएसई पर, बीएचईएल के शेयर 2.75 प्रतिशत घटकर 253 रुपए पर पहुँच गए। इस सप्ताह में, शेयर में 4.60 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस वर्ष अब तक, कंपनी के शेयर में लगभग 13.19 प्रतिशत की कमी आई है, हालाँकि पिछले छह महीने में शेयर 6.67 प्रतिशत और पिछले एक वर्ष में 23 प्रतिशत बढ़ा है।
सरकार ने फरवरी में बीएचईएल में 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) की घोषणा की थी, जिसमें पहले 3 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त 2 प्रतिशत और बेची जा सकती है। ओएफएस के लिए न्यूनतम मूल्य 254 रुपए प्रति शेयर निर्धारित किया गया है।
वित्तीय प्रदर्शन के संदर्भ में, बीएचईएल का शुद्ध मुनाफा (नेट प्रॉफिट) 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में लगभग तीन गुना बढ़कर 382.49 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 124.77 करोड़ रुपए था।
कंपनी की ऑपरेशन्स से आय यानी रेवेन्यू 16.4 प्रतिशत बढ़कर 8,473.10 करोड़ रुपए हो गई, जिसे पावर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में अच्छे प्रदर्शन का समर्थन मिला। कंपनी ने दूसरी तिमाही की तुलना में बेहतर प्रदर्शन जारी रखा है, जो ऑपरेटिंग क्षमता में सुधार को दर्शाता है।