कच्चे तेल में 1% से अधिक गिरावट, इजरायल-लेबनान युद्धविराम से पश्चिम एशिया तनाव घटा
सारांश
मुख्य बातें
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार, 4 जून को 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम लागू करने पर सहमति बनने से व्यापक कूटनीतिक समाधान की उम्मीद मज़बूत हुई है। बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, इस घटनाक्रम से ईरान से जुड़े मौजूदा संघर्ष के और भड़कने की आशंका कुछ हद तक कम हुई है।
मुख्य बेंचमार्क पर असर
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.33 प्रतिशत टूटकर 96.50 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 1 प्रतिशत से अधिक फिसलकर 94.76 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया।
यह गिरावट ऐसे समय आई है जब पिछले कारोबारी सत्र में दोनों प्रमुख बेंचमार्क लगभग 2 प्रतिशत चढ़े थे। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव — जिसमें कुवैत पर ईरानी हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई शामिल थी — ने उस उछाल को हवा दी थी।
अमेरिका में राजनीतिक हलचल
अमेरिका में रिपब्लिकन नियंत्रण वाले प्रतिनिधि सभा ने एक प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियानों को जारी रखने के अधिकार को सीमित करना है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत में प्रगति इसी सप्ताहांत तक सामने आ सकती है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वॉशिंगटन के साथ संपर्क पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं, हालाँकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब तक बातचीत से कोई ठोस प्रगति नहीं हुई और दोनों पक्ष एक-दूसरे के प्रस्तावों की समीक्षा कर रहे हैं।
खाड़ी में बढ़ता तनाव
राजनयिक संकेतों के बावजूद, खाड़ी क्षेत्र में टकराव और बढ़ गया जब ईरानी ड्रोन ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया। कुवैती सेना के अनुसार, हमले में कई लोग घायल हुए और हवाई अड्डे के बुनियादी ढाँचे को भारी भौतिक नुकसान पहुँचा, जिसके कारण अधिकारियों को हवाई यातायात संचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
वैश्विक और घरेलू बाज़ारों की प्रतिक्रिया
वैश्विक शेयर बाज़ारों में कमज़ोरी का माहौल बना रहा। जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंग सेंग, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट सूचकांक 3 प्रतिशत तक गिर गए। अमेरिकी बाज़ार भी पिछली रात गिरावट के साथ बंद हुए — S&P 500 0.74 प्रतिशत नीचे और नैस्डैक 0.9 प्रतिशत की गिरावट के साथ।
घरेलू मोर्चे पर भी कमज़ोरी रही। गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 0.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ खुले, जिसमें IT, रियल्टी, फार्मा और हेल्थ सेक्टर के शेयरों पर बिकवाली का दबाव साफ़ दिखा।
आगे क्या
तेल बाज़ार की निगाहें अब सप्ताहांत तक संभावित अमेरिका-ईरान वार्ता और इजरायल-लेबनान युद्धविराम के क्रियान्वयन पर टिकी हैं। यदि कूटनीतिक प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है; इसके उलट, खाड़ी में किसी नए हमले से रुख़ तेज़ी से पलट सकता है।