14 जुलाई 2026
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अमेरिका-ईरान संभावित समझौते से कच्चा तेल 10% लुढ़का, ब्रेंट $102 और WTI $94 पर आया

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अमेरिका-ईरान संभावित समझौते से कच्चा तेल 10% लुढ़का, ब्रेंट $102 और WTI $94 पर आया

सारांश

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित सीमित समझौते की खबर ने बुधवार को वैश्विक तेल बाज़ार को हिला दिया — WTI एक समय 10% और ब्रेंट 7% तक लुढ़का। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट अभी बंद है, ट्रंप ने बमबारी की चेतावनी दी है, और अगले 48 घंटे निर्णायक बताए जा रहे हैं।

मुख्य बातें

WTI कच्चा तेल बुधवार को शुरुआती कारोबार में करीब 10 प्रतिशत गिरकर $94.32 प्रति बैरल पर आया।
ब्रेंट क्रूड करीब 7 प्रतिशत गिरकर लगभग $102.14 प्रति बैरल पर पहुँचा।
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार अगले 48 घंटों में अमेरिका-ईरान समझौते पर बड़ी प्रगति संभव।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' नौसैनिक अभियान रोका, लेकिन समझौता न होने पर बमबारी की चेतावनी भी दी।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने होर्मुज स्ट्रेट को अभी भी बंद बताया।
अमेरिका में पेट्रोल $4.54 और डीजल $5.67 प्रति गैलन पर पहुँचा।

अमेरिका और ईरान के बीच खाड़ी क्षेत्र के तनाव को समाप्त करने की दिशा में एक संभावित समझौते की खबरों ने बुधवार, 6 मई को वैश्विक तेल बाज़ार में भारी उथल-पुथल मचा दी। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन और तेहरान एक सीमित समझौते के करीब हैं, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड एक समय करीब 7 प्रतिशत गिरकर लगभग $102.14 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) शुरुआती कारोबार में करीब 10 प्रतिशत तक लुढ़क गया।

बाज़ार में क्या हुआ

WTI शुरुआती कारोबार में करीब 10 प्रतिशत तक गिरने के बाद थोड़ा संभलकर लगभग $94.32 प्रति बैरल पर पहुँचा। ब्रेंट क्रूड बाद में करीब $103 प्रति बैरल और WTI लगभग $96 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड करता दिखा, क्योंकि निवेशक खाड़ी में तनाव कम होने के संकेतों पर सतर्क प्रतिक्रिया दे रहे थे। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह उछाल और गिरावट दोनों समझौते की अनिश्चितता को दर्शाते हैं।

समझौते की पृष्ठभूमि और 'प्रोजेक्ट फ्रीडम'

यह टकराव फरवरी के आखिर में शुरू हुआ था। इसी के जवाब में अमेरिका ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' नामक एक नौसैनिक अभियान शुरू किया था, जिसका उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा करना था। रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान के बाद ईरान ने व्यापारिक जहाजों और अमेरिकी नौसेना पर नए हमले भी किए थे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका फिलहाल 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को रोक रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर ईरान पहले से तय शर्तों को मान लेता है, तो यह टकराव खत्म हो सकता है और होर्मुज स्ट्रेट सभी देशों के लिए — जिसमें ईरान भी शामिल है — खुला रहेगा। साथ ही ट्रंप ने चेतावनी दी कि समझौता न होने की स्थिति में बमबारी फिर शुरू हो सकती है, और पहले से कहीं अधिक तेज़ व बड़े पैमाने पर।

तनाव अभी भी बरकरार

बाज़ार में आई राहत के बावजूद खाड़ी क्षेत्र में स्थिति अभी भी नाज़ुक बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी कि रास्ता अभी भी बंद है। एक्सियोस की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अगले 48 घंटों में बड़ी प्रगति हो सकती है।

चीन की कूटनीतिक कोशिश

इस बीच चीन ने भी मध्यस्थता की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से मुलाकात कर क्षेत्र में स्थिरता लाने की अपील की। गौरतलब है कि चीन, ईरान के तेल का सबसे बड़ा खरीदार है, इसलिए उसका इस संघर्ष में प्रत्यक्ष आर्थिक हित है।

आम उपभोक्ता पर असर

इस टकराव के चलते हाल के हफ्तों में ईंधन की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं। अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत $4.54 प्रति गैलन और डीजल की कीमत $5.67 प्रति गैलन तक पहुँच गई है। यह स्थिति वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और भारत जैसे तेल आयात पर निर्भर देशों के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है। आने वाले घंटों में समझौते की दिशा में होने वाली प्रगति यह तय करेगी कि तेल बाज़ार में राहत स्थायी होगी या अस्थायी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो तेल की कीमतों को अस्थिर रखेगी। होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% गुजरता है, इसलिए भारत जैसे देश — जो अपनी ज़रूरत का 85% तेल आयात करते हैं — इस संघर्ष के हर मोड़ पर सीधे प्रभावित होते हैं। चीन की मध्यस्थता की कोशिश भी उसके अपने आर्थिक हित से प्रेरित है, न कि महज़ क्षेत्रीय स्थिरता की चाहत से।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका-ईरान समझौते की खबर से तेल की कीमतें क्यों गिरीं?
एक्सियोस की रिपोर्ट में कहा गया कि वॉशिंगटन और तेहरान एक सीमित समझौते के करीब हैं, जिससे होर्मुज स्ट्रेट में लंबे समय तक रुकावट की आशंका कम हुई। इस खबर पर निवेशकों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और WTI व ब्रेंट क्रूड में भारी बिकवाली हुई।
होर्मुज स्ट्रेट का तेल बाज़ार पर क्या असर पड़ता है?
होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है और इसमें रुकावट से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें तेज़ी से बढ़ सकती हैं। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बुधवार को भी इस रास्ते को बंद बताया, जिससे बाज़ार में अनिश्चितता बनी हुई है।
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' क्या था और इसे क्यों रोका गया?
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' एक अमेरिकी नौसैनिक अभियान था जो होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए इस हफ्ते शुरू किया गया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे संभावित समझौते की दिशा में एक कदम के रूप में फिलहाल रोकने की घोषणा की।
अमेरिका में ईंधन की कीमतें कितनी बढ़ी हैं?
इस टकराव के चलते अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत $4.54 प्रति गैलन और डीजल की कीमत $5.67 प्रति गैलन तक पहुँच गई है। हाल के हफ्तों में ईंधन की कीमतों में यह उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
चीन इस संकट में क्या भूमिका निभा रहा है?
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से मुलाकात कर क्षेत्र में स्थिरता की अपील की। चीन ईरान के तेल का सबसे बड़ा खरीदार है, इसलिए उसका इस संघर्ष के समाधान में सीधा आर्थिक हित है।
राष्ट्र प्रेस
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