अमेरिका-ईरान वार्ता में अनिश्चितता से ब्रेंट क्रूड 1% टूटा, $94.04 पर कारोबार
सारांश
मुख्य बातें
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार, 2 जून को करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही परमाणु वार्ता को लेकर बाज़ार में विरोधाभासी संकेत मिल रहे थे। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड गिरकर $94.04 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि एक दिन पहले दोनों प्रमुख बेंचमार्क में लगभग 5 प्रतिशत की तेज उछाल देखी गई थी।
मुख्य बाज़ार संकेतक
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में ब्रेंट क्रूड लगभग 1 प्रतिशत गिरकर $94.04 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 1 प्रतिशत से अधिक टूटकर $91.14 प्रति बैरल पर पहुँच गया।
घरेलू वायदा बाज़ार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून डिलीवरी के कच्चे तेल अनुबंध ₹28 यानी 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹8,708 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहे थे। सुबह 10:30 बजे IST तक इस कमोडिटी ने ₹8,751 का दिन का उच्चतम और ₹8,690 का निचला स्तर छुआ।
अमेरिका-ईरान वार्ता की स्थिति
बाज़ार की इस अनिश्चितता की मुख्य वजह वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता को लेकर आ रहे परस्पर विरोधी बयान हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है कि ईरान ने वार्ता रोकी हो और दोनों देशों के बीच चर्चा जारी है। हालाँकि, कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि तेहरान ने अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता फ़िलहाल स्थगित कर दी है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक युद्धविराम विस्तार और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति बन सकती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि वार्ता समाप्त भी हो जाती है तो उन्हें उससे कोई विशेष आपत्ति नहीं होगी। इस बीच लेबनान ने हिज़्बुल्लाह और इज़रायल के बीच आंशिक युद्धविराम की घोषणा की है, जिसने भू-राजनीतिक तनाव को और जटिल बना दिया है।
भारतीय बाज़ारों पर असर
मुद्रा बाज़ार में भारतीय रुपया मंगलवार को $95.05 पर खुला, जबकि सोमवार को यह $95 पर बंद हुआ था। भू-राजनीतिक तनाव और कमज़ोर मानसून की आशंकाओं के कारण घरेलू शेयर बाज़ार भी दबाव में रहे।
BSE सेंसेक्स 322 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,945.20 पर खुला, जबकि निफ्टी50 153.45 अंक यानी 0.65 प्रतिशत टूटकर 23,229.15 पर कारोबार की शुरुआत की।
एशियाई बाज़ारों का मिला-जुला रुख
एशियाई बाज़ारों में भी दबाव देखा गया। जापान का निक्केई सूचकांक 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 3 प्रतिशत नीचे था। हालाँकि, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक करीब 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ अपवाद बना रहा।
आगे क्या देखें
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पहले से ही आपूर्ति संबंधी चिंताओं से जूझ रहे हैं। होर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति और अमेरिका-ईरान वार्ता के अगले दौर के नतीजे कच्चे तेल की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे। बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, जब तक वार्ता पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक उतार-चढ़ाव बना रहेगा।