सेंसेक्स 343 अंक उछला, निफ्टी 24,063 पर; रियल्टी-आईटी में जोरदार खरीदारी, ट्रंप के 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' से बाजार में उत्साह
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स सोमवार, 4 मई 2025 को शुरुआती कारोबार में 343.77 अंक यानी 0.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,257.27 पर पहुँच गया, जबकि NSE निफ्टी 50 66 अंक यानी 0.28 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,063.55 पर था। वैश्विक बाजारों में मजबूती और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' की घोषणा ने निवेशकों की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा।
मुख्य सूचकांकों का हाल
शुरुआती कारोबार में निफ्टी रियल्टी और निफ्टी आईटी टॉप गेनर रहे। इनके अलावा निफ्टी ऑटो, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मेटल, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी फार्मा समेत करीब सभी सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी तेजी बनी रही।
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 442 अंक यानी 0.74 प्रतिशत की बढ़त के साथ 60,226 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 128 अंक यानी 0.72 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,136 पर था। लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप — तीनों स्तरों पर बाजार में व्यापक खरीदारी देखी गई।
गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स पैक में मारुति सुजुकी, अदाणी पोर्ट्स, एचयूएल, एलएंडटी, एमएंडएम, इंडिगो, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, बजाज फिनसर्व, इन्फोसिस, सन फार्मा, टाइटन और टेक महिंद्रा प्रमुख गेनर्स रहे। वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक, टीसीएस, इटरनल, एचसीएल टेक, आईटीसी, बीईएल और भारती एयरटेल लूजर्स की श्रेणी में रहे।
वैश्विक बाजारों का संकेत
एशियाई बाजारों में हांगकांग, सोल और जाकार्ता के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। जापान और शंघाई के बाजार राष्ट्रीय छुट्टी के चलते बंद रहे। अमेरिकी बाजारों की बात करें तो डाओ जोन्स शुक्रवार को 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ और नैस्डैक 0.89 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ था — यानी मिला-जुला रुख रहा।
ट्रंप के 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' का बाजार पर असर
भारतीय बाजार में तेजी की एक अहम वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' की घोषणा रही। इस पहल के तहत हॉर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों को निकालने का काम किया जाएगा, और अमेरिका ने इसके लिए कई देशों से सहयोग भी माँगा है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि फंसे जहाज और उनके कर्मचारी निर्दोष हैं और केवल परिस्थितियों के कारण कठिनाइयों में घिरे हैं।
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका इन जहाजों को रास्ता दिखाएगा और साथ ही ईरान को चेतावनी दी कि किसी भी खतरे का कड़ा जवाब दिया जाएगा। भू-राजनीतिक तनाव में संभावित कमी की इस उम्मीद ने वैश्विक निवेशकों को राहत दी, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी दिखा। आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेतों और घरेलू कॉर्पोरेट नतीजों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।