MCX पर सोना ₹1,60,131 और चांदी ₹2,40,561 प्रति किलो, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी तेजी
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों की शुरुआत तेजी के साथ हुई, हालांकि शुरुआती कारोबार में मुनाफावसूली के चलते दोनों धातुएँ सीमित दायरे में बनी रहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की ब्याज दर नीति को लेकर अनिश्चितता इस सीमित दायरे की प्रमुख वजह है।
सोने का भाव और कारोबारी दायरा
MCX पर सोने का 5 अक्टूबर 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग ₹1,59,663 प्रति 10 ग्राम के मुकाबले ₹836 की बढ़त के साथ ₹1,60,499 प्रति 10 ग्राम पर खुला। सुबह 9:45 बजे IST तक यह ₹468 (0.29%) की तेजी के साथ ₹1,60,131 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
शुरुआती सत्र में सोने ने ₹1,59,954 प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और ₹1,60,898 प्रति 10 ग्राम का ऊपरी स्तर छुआ। यह उतार-चढ़ाव दर्शाता है कि बाज़ार में खरीदारी और मुनाफावसूली के बीच संतुलन बना हुआ है।
चांदी ₹2.40 लाख प्रति किलो के पार
चांदी का 4 सितंबर 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग ₹2,39,638 प्रति किलो के मुकाबले ₹3,361 की मजबूती के साथ ₹2,42,999 प्रति किलो पर खुला। हालांकि, शुरुआती कारोबार में मुनाफावसूली के कारण यह ₹923 (0.39%) की बढ़त के साथ ₹2,40,561 प्रति किलो पर आ गई।
कारोबार के दौरान चांदी ने ₹2,40,429 प्रति किलो का निचला और ₹2,42,999 प्रति किलो का ऊपरी स्तर दर्ज किया।
विशेषज्ञों की राय: फेड नीति और बॉन्ड यील्ड का असर
जानकारों के मुताबिक, अमेरिका में महंगाई लगातार फेडरल रिज़र्व के 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, जिससे ब्याज दर में बढ़ोतरी की संभावना बरकरार है। यह ऐसे समय में आया है जब बॉन्ड यील्ड कम हैं — इस मिले-जुले संकेत के कारण सोना एक सीमित दायरे में बना रह सकता है।
गौरतलब है कि ब्याज दरें ऊँची रहने पर सोने जैसी गैर-ब्याज-देने वाली परिसंपत्तियों की आकर्षण क्षमता आमतौर पर कम होती है, जबकि आर्थिक अनिश्चितता इन्हें 'सेफ हेवन' के रूप में मजबूत बनाती है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी तेजी
वैश्विक बाज़ारों में सोना 0.52% की बढ़त के साथ $4,678 प्रति औंस और चांदी 1.41% की मजबूती के साथ $68.98 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। घरेलू बाज़ार की चाल काफी हद तक वैश्विक रुझानों से मेल खा रही है।
एक महीने और एक साल का प्रदर्शन
बीते एक महीने में सोने ने डॉलर में करीब 15% और चांदी ने 17.5% का रिटर्न दिया है। वहीं, एक साल की अवधि में सोने ने 36% से अधिक और चांदी ने 76% से ज्यादा का रिटर्न दिया है — जो दोनों धातुओं में निवेशकों की मजबूत दीर्घकालिक रुचि को दर्शाता है।
आने वाले सत्रों में अमेरिकी आर्थिक आँकड़ों और फेड के संकेतों पर बाज़ार की नज़र रहेगी, जो इन धातुओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।