सरकार की नई क्रेडिट गारंटी योजना से 36 लाख उधारकर्ताओं को होगा लाभ
सारांश
Key Takeaways
- 36 लाख उधारकर्ताओं को लाभ
- 20,000 करोड़ रुपए का कर्ज प्रवाह
- 80%25, 75%25, 70%25 तक की गारंटी
- 30 जून 2026 तक लागू
- वित्तीय समावेशन को बढ़ावा
नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सरकार ने शनिवार को घोषणा की है कि माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के लिए आरंभ की गई क्रेडिट गारंटी स्कीम 2.0 से लगभग 36 लाख उधारकर्ताओं को लाभ मिलने की संभावना है।
इस योजना का नाम 'क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशंस-2.0' है, जिसके तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों को गारंटी कवर प्रदान किया जाएगा। यह गारंटी नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड के माध्यम से दी जाएगी, ताकि माइक्रोफाइनेंस संस्थानों को दिए गए कर्ज पर संभावित नुकसान की भरपाई की जा सके।
योजना के माध्यम से बैंकों और वित्तीय संस्थानों को प्रोत्साहन प्राप्त होगा कि वे एनबीएफसी-एमएफआई और अन्य माइक्रोफाइनेंस संस्थानों को अधिक कर्ज दें, ताकि ये संस्थान छोटे उधारकर्ताओं को आसानी से लोन प्रदान कर सकें।
इस योजना के अंतर्गत करीब 20,000 करोड़ रुपए तक का कर्ज प्रवाह बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, छोटे उधारकर्ताओं को कर्ज देने के लिए गारंटी कवर प्रदान किया जाएगा, जिसमें डिफॉल्ट की स्थिति में छोटे संस्थानों के लिए 80 प्रतिशत, मध्यम के लिए 75 प्रतिशत और बड़े संस्थानों के लिए 70 प्रतिशत तक की गारंटी मिलेगी।
यह योजना भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित माइक्रोफाइनेंस नियमों के अनुसार नए और पुराने छोटे उधारकर्ताओं को कवर करेगी।
माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र देश में वित्तीय समावेशन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उन लोगों तक कर्ज पहुंचाता है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में आते हैं।
सरकार के अनुसार, हाल के समय में माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र में वित्तीय दबाव के कारण बैंकों ने कर्ज देना धीमा कर दिया है, जिससे छोटे संस्थानों को लोन प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है।
इस योजना का उद्देश्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों को प्रोत्साहित करना है कि वे माइक्रोफाइनेंस संस्थानों को कर्ज दें, ताकि छोटे उधारकर्ताओं तक आसानी से पैसा पहुंच सके।
यह योजना 30 जून 2026 तक लागू रहेगी या तब तक, जब तक 20,000 करोड़ रुपए तक के कर्ज पर गारंटी नहीं दी जाती, जो भी पहले हो।