28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केंद्र सरकार ने गेहूं के निर्यात के लिए 25 लाख टन की दी मंजूरी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केंद्र सरकार ने गेहूं के निर्यात के लिए 25 लाख टन की दी मंजूरी

सारांश

केंद्र सरकार ने गेहूं के निर्यात के लिए 25 लाख मीट्रिक टन की मंजूरी दी है, जिससे किसानों के लिए बेहतर मूल्य और बाजार में स्थिरता सुनिश्चित होगी। यह निर्णय खाद्य सुरक्षा को भी मजबूत करेगा।

मुख्य बातें

25 लाख मीट्रिक टन गेहूं के निर्यात की मंजूरी मिली।
उद्देश्य: किसानों को बेहतर दाम और बाजार में स्थिरता।
गेहूं उत्पादन का अनुमान: 1,202 लाख मीट्रिक टन ।
बाजार में तरलता में वृद्धि।
सरकार का निरंतर कृषि विकास पर ध्यान।

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने गेहूं के निर्यात के लिए अतिरिक्त 25 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) की मंजूरी प्रदान की है। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना और देश के बाजार में स्थिरता सुनिश्चित करना है।

खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि यह निर्णय उत्पादन, उपलब्ध भंडार और कीमतों के रुझान की गहन समीक्षा के बाद लिया गया है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा 10 मार्च 2026 को जारी दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, 2025–26 के लिए गेहूं उत्पादन 1,202 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) होने का अनुमान है। बयान में कहा गया है कि अच्छे उत्पादन और पर्याप्त भंडार को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त निर्यात की अनुमति देना उचित समझा गया है।

इससे पहले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने जनवरी 2026 में 5 एलएमटी गेहूं उत्पादों के निर्यात को मंजूरी दी थी। इसके बाद फरवरी 2026 में 5 एलएमटी गेहूं उत्पादों और 25 एलएमटी गेहूं के निर्यात को अनुमति दी गई थी। ताजा मंजूरी के साथ अब कुल 50 एलएमटी गेहूं और 10 एलएमटी गेहूं उत्पादों के निर्यात की स्वीकृति मिल चुकी है।

रबी 2026 सीजन में गेहूं की खेती का क्षेत्र बढ़कर लगभग 334.17 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल 328.04 लाख हेक्टेयर था। यह वृद्धि किसानों के विश्वास को दर्शाती है, जिसे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और मजबूत खरीद व्यवस्था का समर्थन मिला है। इससे इस साल अच्छी फसल होने की उम्मीद भी जताई गई है।

अतिरिक्त 25 एलएमटी गेहूं के निर्यात की मंजूरी से बाजार में तरलता बढ़ेगी, भंडारण का बेहतर प्रबंधन होगा और फसल के आने के समय किसानों को मजबूरी में सस्ते दाम पर बिक्री से बचाया जा सकेगा। इससे घरेलू कीमतों को स्थिर रखने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी, साथ ही देश की खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

सरकार ने कहा कि वह किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखने और कृषि क्षेत्र के सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लेती रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरकार ने गेहूं के निर्यात के लिए कितनी मात्रा की मंजूरी दी है?
सरकार ने गेहूं के निर्यात के लिए 25 लाख मीट्रिक टन की मंजूरी दी है।
इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर दाम दिलाना और बाजार में स्थिरता बनाए रखना है।
कृषि विभाग के अनुसार, 2025-26 के लिए गेहूं उत्पादन का अनुमान क्या है?
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुसार, 2025-26 के लिए गेहूं उत्पादन 1,202 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है।
गेहूं के निर्यात की मंजूरी से बाजार पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इससे बाजार में तरलता बढ़ेगी और घरेलू कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
सरकार का अगला कदम क्या होगा?
सरकार किसानों और उपभोक्ताओं के हितों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए समय-समय पर ऐसे निर्णय लेती रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले