सरकार ने 29 इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रस्तावों को दी मंजूरी; 14,000 से अधिक नौकरियां उत्पन्न होंगी

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सरकार ने 29 इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रस्तावों को दी मंजूरी; 14,000 से अधिक नौकरियां उत्पन्न होंगी

सारांश

सरकार ने 29 इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिससे 7,104 करोड़ रुपए का निवेश होगा और 14,000 से अधिक नौकरियां सृजित होंगी। यह कदम भारत के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण होगा।

मुख्य बातें

सरकार ने 29 नए इलेक्ट्रॉनिक्स प्रस्तावों को मंजूरी दी।
7,104 करोड़ रुपए का निवेश होगा।
14,246 नई नौकरियों का सृजन होने की उम्मीद।
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था तेज गति से बढ़ रही है।
साइबर सुरक्षा में स्वदेशी तकनीकों की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सरकार ने सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत 29 नए प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की। इसका मुख्य उद्देश्य देश में इलेक्ट्रॉनिक्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन के अनुसार, इन नए प्रस्तावों में कुल 7,104 करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है।

उन्होंने आगे बताया कि इस नए निवेश से लगभग 14,246 नई नौकरियों का सृजन होगा, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में रोजगार को एक महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।

कृष्णन ने यह भी कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं से 84,515 करोड़ रुपए के इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का उत्पादन होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, “इससे वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति मजबूत होगी।”

इस मंजूरी के बाद, इस योजना के तहत स्वीकृत आवेदनों की कुल संख्या अब 75 हो गई है।

पिछले वर्ष, एक शीर्ष अधिकारी ने कहा था कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था, जो 2010 से पहले देश के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 6-7 प्रतिशत थी और 2014 तक दोगुनी हो गई थी, अब समग्र अर्थव्यवस्था की तुलना में दोगुनी गति से बढ़ रही है।

पिछले वर्ष दिसंबर में नागालैंड डिजिटल उद्यमिता और स्टार्टअप महोत्सव को संबोधित करते हुए, कृष्णन ने नागा युवाओं की अपार प्रतिभा, विशेष रूप से उनकी रचनात्मकता और अंग्रेजी भाषा में दक्षता पर प्रकाश डाला और इस क्षमता को पोषित करने में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) जैसे संस्थानों की भूमिका पर बल दिया।

कृष्णन ने बताया, “भारत में एनआईईएलआईटी के 55 केंद्रों में से 20 पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थित हैं।”

उन्होंने कहा, “डिजिटल अर्थव्यवस्था समग्र अर्थव्यवस्था की तुलना में दोगुनी गति से बढ़ रही है।”

साइबर सुरक्षा पर चर्चा करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में विदेशी तकनीकों पर निर्भर नहीं रह सकता।

उन्होंने एनआईईएलआईटी कोहिमा स्थित साइबर सुरक्षा प्रयोगशाला को अत्याधुनिक और देश की सर्वश्रेष्ठ प्रयोगशालाओं में से एक बताया, जो साइबर पुलिसिंग में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरकार ने कितने प्रस्तावों को मंजूरी दी है?
सरकार ने 29 इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
इस निवेश से कितनी नौकरियां उत्पन्न होंगी?
इस निवेश से लगभग 14,246 नौकरियों का सृजन होगा।
इस योजना के तहत कुल निवेश कितना है?
इस योजना के तहत कुल निवेश 7,104 करोड़ रुपए है।
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की स्थिति क्या है?
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था समग्र अर्थव्यवस्था की तुलना में दोगुनी गति से बढ़ रही है।
साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भारत का क्या दृष्टिकोण है?
भारत इस क्षेत्र में विदेशी तकनीकों पर निर्भर नहीं रह सकता और स्थानीय क्षमताओं को विकसित करने पर जोर दे रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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