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भारत की 7.7% जीडीपी ग्रोथ दशक के सुधारों का नतीजा, पीयूष गोयल बोले — दुनिया की सबसे तेज़ अर्थव्यवस्था

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भारत की 7.7% जीडीपी ग्रोथ दशक के सुधारों का नतीजा, पीयूष गोयल बोले — दुनिया की सबसे तेज़ अर्थव्यवस्था

सारांश

वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल और अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत की 7.7% जीडीपी ग्रोथ और रिकॉर्ड एफडीआई — पीयूष गोयल ने इसे एक दशक के सुधारों की जीत बताया और ₹33,660 करोड़ की भव्य योजना के तहत 100 औद्योगिक पार्कों का पोर्टल लॉन्च किया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 8 जून 2026 को कहा कि भारत की 7.7% जीडीपी वृद्धि एक दशक के संरचनात्मक सुधारों का परिणाम है।
भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के तहत ₹33,660 करोड़ के प्रावधान से 2026-27 से 2031-32 तक 100 औद्योगिक पार्क विकसित होंगे।
पहले चरण में 31 जुलाई तक आवेदनों से 20 पार्क और अगले चार माह में 30 और पार्क चुने जाएंगे।
25 करोड़ से अधिक लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर आए; सरकार ने 6 महीनों में 5 एफटीए को अंतिम रूप दिया।
अमेरिकी 50% टैरिफ और वैश्विक संघर्षों के बावजूद भारत के निर्यात और एफडीआई में रिकॉर्ड वृद्धि।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 8 जून 2026 को नई दिल्ली में कहा कि भारत की 7.7 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर कोई आकस्मिक उपलब्धि नहीं, बल्कि पिछले एक दशक में किए गए निरंतर नीतिगत हस्तक्षेपों और संरचनात्मक आर्थिक सुधारों का सुनियोजित परिणाम है। उन्होंने यह भी दोहराया कि इन्हीं सुधारों की बदौलत भारत आज विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

मंत्री का बयान और भव्य पोर्टल लॉन्च

गोयल ने इस अवसर पर भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के तहत निवेश के लिए तैयार 100 औद्योगिक पार्कों के विकास को गति देने हेतु एक समर्पित पोर्टल लॉन्च किया। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि आपमें से किसी ने कल्पना की होगी कि बीता वित्त वर्ष 7.7 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि के साथ समाप्त होगा। यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि एक दशक के संरचनात्मक सुधारों का नतीजा है।"

गौरतलब है कि इससे पहले 23 मई को उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने भव्य योजना के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए थे।

भव्य योजना: क्या है प्रावधान

इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक छह वर्षों में ₹33,660 करोड़ के कुल वित्तीय प्रावधान के साथ देशभर में 100 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। पहले चरण में चुनौती-आधारित प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के ज़रिये 50 औद्योगिक पार्क स्थापित होंगे।

31 जुलाई तक प्राप्त आवेदनों में से 20 पार्क चुने जाएंगे, जबकि अगले चार महीनों में प्राप्त आवेदनों से 30 और पार्कों का चयन किया जाएगा। यह ढाँचा राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बनाया गया है।

आम जनता पर असर और सामाजिक उपलब्धियाँ

मंत्री ने कहा कि सरकार 140 करोड़ भारतीयों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 25 करोड़ से अधिक लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर आ चुके हैं और कई पुराने तथा अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया गया है। ईज़ ऑफ लिविंग और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता रही है।

निर्यात, एफडीआई और वैश्विक चुनौतियाँ

गोयल ने रेखांकित किया कि अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ और यूक्रेन तथा पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बावजूद भारत के निर्यात में पिछले वर्ष वृद्धि दर्ज की गई। साथ ही, भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारत ने रिकॉर्ड प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित किया।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने केवल छह महीनों के भीतर पाँच मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को अंतिम रूप दिया है। गोयल के अनुसार, "भारत केवल अपने विशाल उपभोक्ता बाजार के कारण ही नहीं, बल्कि युवा प्रतिभा और ऊर्जावान जनसंख्या के कारण भी निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। यह एक ऐतिहासिक अवसर है।"

आगे की राह

मंत्री ने सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर संकल्प दोहराया कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भारत को और अधिक सक्षम बनाया जाएगा तथा विकास की गति को बनाए रखा जाएगा। भव्य पोर्टल के माध्यम से औद्योगिक पार्कों में निवेश आकर्षण की प्रक्रिया अब और अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि यह वृद्धि किन क्षेत्रों और किन वर्गों तक पहुँच रही है। भव्य योजना के ₹33,660 करोड़ का दांव तभी सार्थक होगा जब औद्योगिक पार्कों में वास्तविक रोज़गार सृजन को मापने योग्य संकेतकों से जोड़ा जाए — अन्यथा यह पिछली औद्योगिक नीतियों की तरह क्षमता-निर्माण तक सीमित रह सकता है। 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने का दावा प्रभावशाली है, पर स्वतंत्र सत्यापन और कार्यप्रणाली की पारदर्शिता इसे विश्वसनीय बनाएगी। वैश्विक अनिश्चितता के बीच पाँच एफटीए को छह महीनों में अंतिम रूप देना कूटनीतिक गति का संकेत है — इसकी गुणवत्ता और घरेलू उद्योग पर असर की समीक्षा आने वाले वर्षों में होगी।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की 7.7% जीडीपी वृद्धि दर का श्रेय किसे दिया जा रहा है?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, यह वृद्धि दर पिछले एक दशक के निरंतर नीतिगत हस्तक्षेपों और संरचनात्मक आर्थिक सुधारों का परिणाम है। उन्होंने इसे संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित नीतिगत प्रयासों की उपलब्धि बताया।
भव्य योजना क्या है और इसमें कितना बजट है?
भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के तहत वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक छह वर्षों में ₹33,660 करोड़ के प्रावधान से देशभर में 100 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इसके लिए डीपीआईआईटी ने 23 मई को विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए थे।
भव्य योजना के पहले चरण में औद्योगिक पार्कों का चयन कैसे होगा?
पहले चरण में चुनौती-आधारित प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। 31 जुलाई तक प्राप्त आवेदनों से 20 पार्क और अगले चार महीनों में 30 और पार्क चुने जाएंगे, कुल 50 पार्क इस चरण में शामिल होंगे।
वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात और एफडीआई कैसा रहा?
गोयल के अनुसार, अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ और यूक्रेन तथा पश्चिम एशिया के संघर्षों के बावजूद भारत के निर्यात में पिछले वर्ष वृद्धि हुई। साथ ही भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारत ने रिकॉर्ड स्तर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) भी आकर्षित किया।
भारत ने हाल ही में कितने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं?
मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि सरकार ने केवल छह महीनों के भीतर पाँच मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को अंतिम रूप दिया है। उनके अनुसार, दुनिया भारत को एक भरोसेमंद साझेदार और निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में देख रही है।
राष्ट्र प्रेस
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