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मुक्त व्यापार समझौते भारत को वैश्विक झटकों से बचा रहे हैं: HSBC की प्रांजुल भंडारी

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मुक्त व्यापार समझौते भारत को वैश्विक झटकों से बचा रहे हैं: HSBC की प्रांजुल भंडारी

सारांश

HSBC की मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी का मानना है कि मुक्त व्यापार समझौते भारत की असली ढाल हैं — लेकिन एनर्जी शॉक और अल नीनो के दोहरे झटके FY2027 में विकास दर को 6% तक सीमित कर सकते हैं। चीन प्लस वन रणनीति भारत के लिए बड़ा मौका है, बशर्ते तैयारी समय पर हो।

मुख्य बातें

HSBC की मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा — भारत की औसत विकास दर बीते 12 वर्षों में 6–6.5% रही है।
बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) भारत में FDI बढ़ाने, उत्पादन और निर्यात को गति देने में सहायक हैं।
चीन प्लस वन रणनीति के तहत वैश्विक विविधीकरण भारत के लिए बड़ा अवसर है।
भंडारी ने एनर्जी शॉक और अल नीनो क्लाइमेट शॉक को FY2027 की सबसे बड़ी चुनौतियाँ बताया।
HSBC का FY2027 के लिए भारत की विकास दर का अनुमान 6 प्रतिशत ; सितंबर तिमाही से 2–3 तिमाहियों तक मंदी संभव।

HSBC में भारत की मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने 9 जून 2026 को कहा कि भारत ने बीते 12 वर्षों में 6 से 6.5 प्रतिशत की औसत विकास दर बनाए रखी है, और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) देश को मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के बीच आर्थिक मजबूती दे रहे हैं। उनके अनुसार, ये समझौते भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) बढ़ाने, घरेलू उत्पादन को गति देने और निर्यात क्षमता विस्तार में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

मुक्त व्यापार समझौतों की भूमिका

भंडारी ने कहा, 'हमने कई विकसित देशों से ट्रेड डील साइन की हैं, इससे भारत में FDI में बढ़ोतरी होगी। इससे हम और मैन्युफैक्चर कर पाएंगे और ज्यादा निर्यात कर सकेंगे।' यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं पुनर्गठन के दौर से गुजर रही हैं और कई देश उत्पादन आधार के विविधीकरण की तलाश में हैं।

चीन प्लस वन रणनीति से भारत को अवसर

भंडारी ने रेखांकित किया कि दुनिया चीन प्लस वन रणनीति के तहत व्यापार के नए साझेदारों और नए केंद्रों की खोज में है। उनके अनुसार, यह प्रवृत्ति भारत के लिए एक बड़ा अवसर है — बशर्ते देश अपनी विनिर्माण क्षमता और बुनियादी ढाँचे को समय पर मजबूत करे। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा जैसे क्षेत्रों में वैश्विक कंपनियों का ध्यान खींचा है।

दोहरे झटके: ऊर्जा और अल नीनो

आर्थिक विकास की संभावनाओं पर भंडारी ने सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2027 'सप्लाई शॉक और एनर्जी शॉक का साल' है। इसके अलावा, उन्होंने अल नीनो जलवायु प्रभाव की भी चेतावनी दी — जिसके अगले कुछ महीनों में आने की संभावना है।

भंडारी ने कहा, 'अगर आपको दोहरे झटके — एनर्जी शॉक और अल नीनो क्लाइमेट शॉक — का सामना करना पड़े, तो ऐसे साल में बहुत तेजी से विकास करना मुश्किल होता है और यह सिर्फ भारत के लिए नहीं है। मुझे लगता है कि यह दुनिया भर के सभी देशों के लिए है।'

वित्त वर्ष 2027 के लिए HSBC का विकास अनुमान

भंडारी ने स्पष्ट किया कि HSBC का वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान 6 प्रतिशत है। उन्होंने कहा, 'हमें अभी तक डेटा में ग्रोथ पर पड़ने वाला झटका दिखाई नहीं दिया है क्योंकि इसे दिखने में कुछ समय लगता है। लेकिन मुझे लगता है कि सितंबर तिमाही से शुरू होकर, लगभग दो से तीन तिमाहियों तक ग्रोथ में काफी कमी आ सकती है, क्योंकि हम ऊर्जा और खाने-पीने की चीजों की कीमतों में उछाल का सामना कर रहे हैं।'

आगे की राह

भंडारी के विश्लेषण के अनुसार, वैश्विक स्तर पर सभी अर्थव्यवस्थाओं को इन दोनों आपूर्ति झटकों की कीमत चुकानी होगी। भारत की दीर्घकालिक स्थिति मजबूत बनी हुई है — लेकिन निकट भविष्य में ऊर्जा और खाद्य मूल्य दबाव विकास दर पर असर डालने वाले प्रमुख कारक रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक अधूरी तस्वीर पेश करता है — भारत के अधिकांश हालिया FTA की समीक्षाएं दर्शाती हैं कि व्यापार घाटा अक्सर बढ़ा है, घटा नहीं। असली परीक्षा यह है कि क्या ये समझौते उन क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता लाते हैं जहाँ भारत वास्तव में प्रतिस्पर्धी है। दोहरे झटकों — ऊर्जा और अल नीनो — की चेतावनी महत्वपूर्ण है, परंतु मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह नज़रअंदाज़ करती है कि ग्रामीण उपभोग और कृषि आय पर इनका असर शहरी GDP आँकड़ों से कहीं पहले और गहरा पड़ता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रांजुल भंडारी कौन हैं और उनका विश्लेषण क्यों अहम है?
प्रांजुल भंडारी HSBC में भारत की मुख्य अर्थशास्त्री हैं और भारतीय व वैश्विक आर्थिक नीति पर उनके विश्लेषण को व्यापक रूप से उद्धृत किया जाता है। उनका दृष्टिकोण वैश्विक निवेशकों और नीति-निर्माताओं के लिए एक संदर्भ बिंदु माना जाता है।
मुक्त व्यापार समझौते भारत की अर्थव्यवस्था को कैसे मजबूत कर रहे हैं?
भंडारी के अनुसार, विकसित देशों के साथ FTA से भारत में FDI बढ़ेगा, घरेलू विनिर्माण को बल मिलेगा और निर्यात क्षमता का विस्तार होगा। यह चीन प्लस वन रणनीति के तहत भारत को नई वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में शामिल करने का अवसर भी देता है।
HSBC का भारत की FY2027 विकास दर का अनुमान क्या है?
HSBC का FY2027 के लिए भारत की विकास दर का अनुमान 6 प्रतिशत है। भंडारी ने कहा कि सितंबर तिमाही से लगभग दो से तीन तिमाहियों तक ऊर्जा और खाद्य मूल्य दबाव के कारण विकास दर में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
अल नीनो और एनर्जी शॉक का भारत पर क्या असर पड़ेगा?
भंडारी के अनुसार, एनर्जी शॉक और अल नीनो जलवायु प्रभाव एक साथ आने से ऊर्जा व खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे विकास दर पर दबाव पड़ेगा। यह चुनौती केवल भारत तक सीमित नहीं है — सभी देशों को इन दोनों आपूर्ति झटकों की कीमत चुकानी होगी।
चीन प्लस वन रणनीति से भारत को क्या फायदा हो सकता है?
चीन प्लस वन रणनीति के तहत वैश्विक कंपनियाँ अपने उत्पादन को चीन से बाहर विविधता देने की कोशिश कर रही हैं। भंडारी का मानना है कि यह भारत के लिए एक बड़ा अवसर है, जिसका लाभ FTA और मजबूत विनिर्माण नीति के जरिए उठाया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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