मुक्त व्यापार समझौतों से निर्यात के नए द्वार खुले, MSME को वैश्विक मंच मिला: PM मोदी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 11 जून 2026 को राष्ट्रपति भवन कल्चरल सेंटर में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में कहा कि भारत द्वारा कई देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) ने विकास और निर्यात के नए अवसर खोले हैं। उन्होंने विशेष रूप से इन समझौतों को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया।
मुक्त व्यापार समझौते और MSME को लाभ
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, 'भारत ने विकास और निर्यात के नए अवसर पैदा करने के लिए कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। ये समझौते हमारे MSME के लिए भी एक बड़ा अवसर हैं, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करके और अपनी प्रतिस्पर्धा-क्षमता बढ़ाकर वैश्विक बाज़ारों के लिए तैयार होने में मदद करते हैं।' बीते एक वर्ष में भारत ने यूनाइटेड किंगडम (UK), यूरोपीय यूनियन (EU), ओमान और न्यूज़ीलैंड समेत कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते संपन्न किए हैं। इसके अलावा, अमेरिका के साथ FTA वार्ता अंतिम दौर में बताई जा रही है।
नारी शक्ति और 'विकसित भारत' का विजन
बैठक में प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि महिलाओं के नेतृत्व में विकास 'विकसित भारत' के विजन का एक अहम आधार है। उन्होंने कहा कि खेती और स्टार्टअप से लेकर विज्ञान और इनोवेशन तक, नारी शक्ति हर क्षेत्र में योगदान दे रही है। राज्य सरकारों से उन्होंने आग्रह किया कि महिलाओं की शिक्षा, स्किलिंग, सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जाए, ताकि उनकी पूरी क्षमता का उपयोग भारत की विकास यात्रा में हो सके।
युवा और जनसांख्यिकीय लाभांश
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश एक ऐतिहासिक अवसर है जिसे गंवाया नहीं जा सकता। उन्होंने अच्छी शिक्षा, माँग के अनुरूप कौशल विकास और रोज़गार के अवसरों के ज़रिए युवाओं के लिए सही इकोसिस्टम बनाने पर ज़ोर दिया। उनके अनुसार, 'सशक्त युवा ही विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा की मुख्य ताकत बनेंगे।'
बैठक की थीम और नीति आयोग का बयान
नीति आयोग की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस वर्ष की थीम '2047 तक विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास' रखी गई है। यह थीम उम्र, क्षेत्र, लिंग या सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से परे, हर भारतीय की भलाई और विकास पर केंद्रित है। यह प्रधानमंत्री के 'टीम इंडिया' विजन के अनुरूप है, जो केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयास पर बल देता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता के बावजूद भारत अपनी निर्यात-क्षमता को मज़बूत करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।