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भारत के ऑफिस मार्केट में आरईआईटी की हिस्सेदारी 2030 तक 30% होने का अनुमान: कोलियर्स रिपोर्ट

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भारत के ऑफिस मार्केट में आरईआईटी की हिस्सेदारी 2030 तक 30% होने का अनुमान: कोलियर्स रिपोर्ट

सारांश

कोलियर्स की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि भारत का आरईआईटी बाज़ार महज़ बढ़ नहीं रहा — यह परिपक्व हो रहा है। 195 मिलियन वर्ग फुट का मौजूदा पोर्टफोलियो और 370 मिलियन वर्ग फुट की लिस्टिंग क्षमता के साथ, 2030 तक ऑफिस सेगमेंट में 30% हिस्सेदारी का लक्ष्य अब महत्वाकांक्षी नहीं, बल्कि संभव दिखता है।

मुख्य बातें

कोलियर्स रिपोर्ट के अनुसार ऑफिस आरईआईटी की बाज़ार हिस्सेदारी 2030 तक 30% और इंडस्ट्रियल व वेयरहाउसिंग इनविट की 10% पहुँचने का अनुमान।
मार्च 2026 तक लिस्टेड आरईआईटी-इनविट का संयुक्त पोर्टफोलियो 195 मिलियन वर्ग फुट से अधिक; पाइपलाइन में 37 मिलियन वर्ग फुट अतिरिक्त।
ऑफिस आरईआईटी एसेट्स पाँच वर्षों में दोगुने — 2021 में 72 मिलियन से मार्च 2026 में 164 मिलियन वर्ग फुट ।
बेंगलुरु में ग्रेड ए ऑफिस स्टॉक का 30% पहले ही आरईआईटी-लिस्टेड; हैदराबाद, मुंबई, पुणे में 15-20% ।
भविष्य में लिस्टिंग योग्य ग्रेड ए ऑफिस स्टॉक की क्षमता 370 मिलियन वर्ग फुट अतिरिक्त।
भारत में अब 5 ऑफिस आरईआईटी , 1 रिटेल आरईआईटी और 1 इंडस्ट्रियल इनविट सक्रिय।

भारत में रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरईआईटी) और इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट) का विस्तार तेज़ रफ़्तार से जारी है। कोलियर्स की 19 जून 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, ऑफिस आरईआईटी की बाज़ार हिस्सेदारी 2030 तक 30 प्रतिशत और इंडस्ट्रियल एवं वेयरहाउसिंग इनविट की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक पहुँचने का अनुमान है। बीते छह वर्षों में इस क्षेत्र ने उल्लेखनीय संस्थागत परिपक्वता हासिल की है।

मौजूदा पोर्टफोलियो की स्थिति

मार्च 2026 तक, लिस्टेड आरईआईटी और इनविट का संयुक्त ऑपरेशनल पोर्टफोलियो 195 मिलियन वर्ग फुट से अधिक हो चुका है। इसके अतिरिक्त, लगभग 37 मिलियन वर्ग फुट का नया पोर्टफोलियो पाइपलाइन में है, जो भविष्य में इस बाज़ार के और गहरे होने का संकेत देता है। मौजूदा ऑपरेशनल पोर्टफोलियो में ऑफिस सेगमेंट की हिस्सेदारी लगभग 84 प्रतिशत है, जबकि रिटेल और इंडस्ट्रियल व वेयरहाउसिंग सेगमेंट भी तेज़ी से उभर रहे हैं।

विकास की गति और प्रमुख कारण

रिपोर्ट के अनुसार, ऑफिस आरईआईटी के तहत ऑपरेशनल एसेट्स पिछले पाँच वर्षों में दोगुने से अधिक बढ़ चुके हैं — 2021 में यह आँकड़ा लगभग 72 मिलियन वर्ग फुट था, जो मार्च 2026 के अंत तक 164 मिलियन वर्ग फुट पर पहुँच गया। इस वृद्धि के पीछे उच्च गुणवत्ता वाली ग्रीन-सर्टिफाइड प्रॉपर्टीज की बढ़ती आपूर्ति, किराएदारों की मज़बूत माँग और निवेशकों की निरंतर रुचि प्रमुख कारण हैं। गौरतलब है कि आरईआईटी और इनविट भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में संस्थागतकरण और लोकतंत्रीकरण दोनों को एक साथ आगे बढ़ा रहे हैं।

शहर-दर-शहर तस्वीर

टियर-1 ऑफिस बाज़ारों में बेंगलुरु सबसे आगे है, जहाँ शहर के मौजूदा 'ग्रेड ए' ऑफिस स्टॉक का लगभग 30 प्रतिशत पहले ही आरईआईटी के तहत लिस्ट हो चुका है। इसके बाद हैदराबाद, मुंबई और पुणे का स्थान है, जहाँ आरईआईटी का दायरा लगभग 15-20 प्रतिशत है। मौजूदा आरईआईटी के तहत ऑफिस स्टॉक का दो-तिहाई से अधिक हिस्सा बड़े शहरों के सेकेंडरी बिज़नेस डिस्ट्रिक्ट्स (एसबीडी) में केंद्रित है।

विशेषज्ञ की राय

कोलियर्स इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक बादल याग्निक ने कहा, 'भारत के शीर्ष सात बाज़ारों में ग्रेड ए ऑफिस स्टॉक का लगभग पाँचवाँ हिस्सा अभी आरईआईटी के तहत है — यह संस्थागतकरण की ओर लगातार बढ़ते झुकाव और आय-उत्पादक एसेट्स में निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत है।' उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा ग्रेड ए ऑफिस स्टॉक में से 370 मिलियन वर्ग फुट अतिरिक्त जगह भविष्य में आरईआईटी के रूप में लिस्ट होने की क्षमता रखती है।

आगे की राह

भारतीय बाज़ार में अब ऑफिस-केंद्रित पाँच आरईआईटी, एक रिटेल आरईआईटी और एक इंडस्ट्रियल व वेयरहाउसिंग-केंद्रित इनविट सक्रिय हैं। यह विविधता इस संरचना की स्केलेबिलिटी को रेखांकित करती है। आँकड़ों के अनुसार, ग्रोथ पाइपलाइन और नीतिगत समर्थन के बल पर भारत का आरईआईटी बाज़ार अगले कुछ वर्षों में एशिया के प्रमुख बाज़ारों के समकक्ष खड़ा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 370 मिलियन वर्ग फुट की संभावित लिस्टिंग क्षमता कितनी तेज़ी से बाज़ार में आएगी। बेंगलुरु का 30% आरईआईटी-पेनेट्रेशन प्रभावशाली है, परंतु दिल्ली-एनसीआर और चेन्नई जैसे बड़े बाज़ारों में यह अनुपात अभी भी कम है — यह असमान विकास दीर्घकालिक निवेशकों के लिए जोखिम और अवसर दोनों पैदा करता है। ग्रीन-सर्टिफाइड प्रॉपर्टीज की माँग और ESG-केंद्रित संस्थागत निवेश का बढ़ता दबाव इस क्षेत्र को अगले दशक में नई ऊँचाइयों पर ले जा सकता है — बशर्ते नीतिगत स्थिरता बनी रहे।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में आरईआईटी की बाज़ार हिस्सेदारी 2030 तक कितनी होगी?
कोलियर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ऑफिस आरईआईटी की बाज़ार हिस्सेदारी 2030 तक 30 प्रतिशत और इंडस्ट्रियल व वेयरहाउसिंग इनविट की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक पहुँचने का अनुमान है। यह वृद्धि ग्रीन-सर्टिफाइड प्रॉपर्टीज की बढ़ती आपूर्ति और निवेशकों की मज़बूत रुचि से संभव मानी जा रही है।
मार्च 2026 तक भारत के आरईआईटी-इनविट पोर्टफोलियो का आकार क्या है?
मार्च 2026 तक लिस्टेड आरईआईटी और इनविट का संयुक्त ऑपरेशनल पोर्टफोलियो 195 मिलियन वर्ग फुट से अधिक हो चुका है। इसके अतिरिक्त, लगभग 37 मिलियन वर्ग फुट का नया पोर्टफोलियो पाइपलाइन में है।
भारत में किस शहर में आरईआईटी की पैठ सबसे अधिक है?
बेंगलुरु में टियर-1 शहरों के बीच आरईआईटी की पैठ सबसे अधिक है, जहाँ शहर के ग्रेड ए ऑफिस स्टॉक का लगभग 30 प्रतिशत पहले ही आरईआईटी के तहत लिस्ट हो चुका है। इसके बाद हैदराबाद, मुंबई और पुणे में यह अनुपात 15-20 प्रतिशत के बीच है।
भारत में आरईआईटी की वृद्धि के पीछे क्या कारण हैं?
रिपोर्ट के अनुसार, उच्च गुणवत्ता वाली ग्रीन-सर्टिफाइड प्रॉपर्टीज की बढ़ती आपूर्ति, किराएदारों की मज़बूत माँग, निवेशकों की निरंतर रुचि और सहायक नीतियाँ इस वृद्धि की प्रमुख वजहें हैं। इसके साथ ही एसेट अधिग्रहण और अंडरलाइंग एसेट्स का मज़बूत ऑपरेशनल प्रदर्शन भी इस क्षेत्र को गति दे रहे हैं।
भविष्य में कितनी और ऑफिस स्पेस आरईआईटी के तहत लिस्ट हो सकती है?
कोलियर्स इंडिया के सीईओ बादल याग्निक के अनुसार, मौजूदा ग्रेड ए ऑफिस स्टॉक में से 370 मिलियन वर्ग फुट अतिरिक्त जगह भविष्य में आरईआईटी के रूप में लिस्ट होने की क्षमता रखती है। यह आँकड़ा ऑफिस सेगमेंट में आरईआईटी की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं को रेखांकित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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