कोविड के बाद भारत का आरईआईटी बाजार 1.72 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा: नई रिपोर्ट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कोविड के बाद भारत का आरईआईटी बाजार 1.72 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा: नई रिपोर्ट

सारांश

भारत का आरईआईटी बाजार कोविड-19 के बाद अभूतपूर्व वृद्धि की ओर बढ़ा है, जिसमें 27,100 करोड़ रुपए से 1.72 लाख करोड़ रुपए तक पहुँचने का आश्चर्यजनक सफर शामिल है। जानें इस वृद्धि के पीछे के कारण और भविष्य की संभावनाएँ।

मुख्य बातें

आरईआईटी का बाजार कोविड-19 के बाद तेजी से बढ़ा है।
वित्त वर्ष 2020 में इसका आकार 27,100 करोड़ रुपए था।
वर्तमान में यह 1.72 लाख करोड़ रुपए तक पहुँच गया है।
आरईआईटी में 42 प्रतिशत निवेशकों की रुचि है।
सरकार की योजनाएँ आरईआईटी के उपयोग को बढ़ाने में सहायक होंगी।

नई दिल्ली, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कोविड-19 के बाद, भारत का सूचीबद्ध रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरईआईटी) बाजार में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है। वित्तीय वर्ष 2020 में इसका आकार 27,100 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर वित्तीय वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में 1.72 लाख करोड़ रुपए तक पहुँच गया है। यह जानकारी सीबीआरई की रिपोर्ट में दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस वृद्धि की शुरुआत तब हुई जब वित्तीय वर्ष 2020 में देश का पहला आरईआईटी शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुआ। इसके बाद नए आरईआईटी की लिस्टिंग और पूर्व में मौजूद आरईआईटी के यूनिट मूल्य में निरंतर वृद्धि के कारण बाजार में तेजी आई।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि सूचीबद्ध आरईआईटी में से चार ने वित्तीय वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही से लेकर वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के बीच 20 प्रतिशत से अधिक की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की।

सीबीआरई के चेयरमैन और सीईओ (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका) अंशुमन मैगजीन ने कहा कि वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बावजूद, भारत का आरईआईटी बाजार निवेशकों को लगातार बेहतर रिटर्न प्रदान कर रहा है।

अगले वर्षों में आरईआईटी के उपयोग को बढ़ाने के लिए तीन महत्वपूर्ण नियामक बदलाव भी किए जा रहे हैं।

पहला बदलाव सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) का है, जिसने जनवरी से आरईआईटी को हाइब्रिड इंस्ट्रूमेंट के बजाय इक्विटी से जुड़े निवेश साधन के रूप में वर्गीकृत करने का निर्णय लिया है। इससे म्यूचुअल फंड और विशेष निवेश फंड की भागीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे बाजार में तरलता में सुधार होगा।

इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का प्रस्ताव भी इस क्षेत्र को लाभ पहुंचा सकता है, जिसमें कमर्शियल बैंकों को सीधे आरईआईटी को कर्ज देने की अनुमति देने की बात की गई है। यह ढांचा इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनवीआईटी) के अनुरूप हो जाएगा।

सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) की संपत्तियों को आरईआईटी के माध्यम से मॉनेटाइज करने की योजना भी बनाई है। इससे सरकारी स्वामित्व वाली व्यावसायिक रियल एस्टेट संपत्तियों का मूल्यांकन होगा और निवेशकों को सरकारी समर्थन वाले संपत्तियों में निवेश का अवसर प्राप्त होगा।

सीबीआरई इंडिया रिसर्च के अनुसार, भारत का एसएम आरईआईटी बाजार 75 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है। यह वृद्धि 500 मिलियन वर्ग फुट से ज्यादा ऑफिस, लॉजिस्टिक्स और रिटेल संपत्तियों के कारण संभव हो सकती है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऑफिस सेक्टर आरईआईटी निवेश के लिए सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला सेगमेंट है। भारत के लगभग 42 प्रतिशत निवेशक इसमें निवेश करने की इच्छा जता चुके हैं।

वर्तमान में, भारत के शेयर बाजारों बीएसई और एनएसई पर पांच आरईआईटी सूचीबद्ध हैं, जो निवेशकों को रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश का नया विकल्प प्रदान कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश की आर्थिक स्थिरता में भी बड़ा योगदान दे रहा है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में आरईआईटी का विकास कैसे हुआ है?
कोविड-19 के बाद, आरईआईटी बाजार में नई लिस्टिंग और यूनिट प्राइस में वृद्धि के कारण तेजी आई है।
आरईआईटी में निवेश करने के फायदे क्या हैं?
आरईआईटी में निवेश से आपको रियल एस्टेट में निवेश करने का अवसर मिलता है, साथ ही नियमित रिटर्न भी प्राप्त होता है।
क्या सरकारी योजनाएँ आरईआईटी के लिए लाभकारी होंगी?
हाँ, सरकार की योजनाएँ और नियामक बदलाव आरईआईटी के विकास में सहायक साबित हो सकते हैं।
भारत में आरईआईटी का भविष्य क्या है?
भारत का आरईआईटी बाजार अगले वर्षों में और भी बढ़ने की संभावना है, विशेषकर नए नियामक सुधारों से।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले