भारत में खेल उपकरण निर्यात के लिए 8.1 अरब डॉलर का अवसर: नीति आयोग की महत्वपूर्ण रिपोर्ट
सारांश
Key Takeaways
- 8.1 अरब डॉलर का खेल उपकरण निर्यात अवसर
- 54 लाख नए रोजगार के अवसर
- वैश्विक खेल उपकरण बाजार का अनुमानित मूल्य 283 अरब डॉलर
- भारत की 0.5 प्रतिशत की हिस्सेदारी
- मुख्य श्रेणियाँ: फिटनेस, बॉल गेम्स, एथलेटिक उपकरण
नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के पास 8.1 अरब डॉलर के खेल उपकरण निर्यात करने का एक सुनहरा अवसर है, जिससे 2036 तक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के क्षेत्रों में 54 लाख नए रोजगार के अवसर उत्पन्न हो सकते हैं। यह जानकारी नीति आयोग की एक हालिया रिपोर्ट में प्रस्तुत की गई है।
नीति आयोग की रिपोर्ट 'भारत के खेल उपकरण निर्माण की निर्यात क्षमता को साकार करना' में बताया गया है कि भारत एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जहाँ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ बदल रही हैं। अगले दशक में कई प्रमुख खेल आयोजनों का आयोजन होगा, और बढ़ती नीतिगत गति निर्यात को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता को कम करने का एक अनोखा अवसर प्रस्तुत कर रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, संरचनात्मक लागत में सुधार, प्रमुख ब्रांड साझेदारियों को स्थापित करना, मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों का उन्नयन और बाजार पहुंच एवं ब्रांडिंग में सुधार करके, भारत अपने खेल उपकरण उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी निर्यात क्षेत्र में बदल सकता है।
नीति आयोग ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए समन्वित नीतिगत उपायों, सरकार, उद्योग और खेल संस्थानों के बीच सहयोग, और पारंपरिक बाधाओं को दूर करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता होगी।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वैश्विक खेल उपकरण बाजार वर्तमान में लगभग 140 अरब डॉलर का है और 2036 तक इसके 283 अरब डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है। इसमें फिटनेस और ताकत बढ़ाने वाले उपकरण (33 प्रतिशत) जैसे ट्रेडमिल और बॉल खेलों के उपकरण (32 प्रतिशत) शामिल हैं, इसके बाद एथलेटिक प्रशिक्षण उपकरण (14 प्रतिशत) और रैकेट/नेट खेल (10 प्रतिशत) आते हैं।
2024 में खेल उपकरणों के वैश्विक निर्यात का मूल्य लगभग 52 अरब डॉलर था, जिसमें 2.4 प्रतिशत की सीएजीआर से वृद्धि हो रही थी। इसमें मुख्य रूप से जिम और एथलेटिक उपकरण (27 प्रतिशत) और साइकिल (17 प्रतिशत) शामिल हैं। इसके बाद लेग पैड, नेट, बैट और गोल्फ गियर आते हैं।
भारत का खेल उपकरणों के वैश्विक निर्यात में हिस्सा 0.5 प्रतिशत है। 2024 में भारत ने 275 मिलियन डॉलर के खेल उपकरणों का निर्यात किया, जिसमें अधिकांश क्रिकेट से जुड़े उपकरण और फिटनेस उपकरण शामिल थे।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में खेल उपकरणों के वैश्विक निर्यात में चीन का वर्चस्व है, और बाजार अमेरिका, ताइवान, जर्मनी और वियतनाम में विभाजित है। इस संदर्भ में भारत के लिए इस क्षेत्र में वृद्धि के कई अवसर हैं।