सेंसेक्स 116 अंक टूटा, 74,243 पर बंद; मेटल और आईटी शेयरों में बिकवाली का दबाव
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स शुक्रवार, 5 जून को 116.67 अंक (0.16%) की गिरावट के साथ 74,243.34 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 भी 49.85 अंक (0.21%) फिसलकर 23,366.70 पर आ गया। मेटल और आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली ने बाज़ार की चाल पर ब्रेक लगाया, हालाँकि फार्मा, रियल्टी और ऑटो इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।
मुख्य घटनाक्रम
कारोबार की शुरुआत तेज़ी के साथ हुई थी — सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,360.01 से 269.93 अंक उछलकर 74,629.94 पर खुला और निफ्टी 23,416.55 से 62.4 अंक बढ़कर 23,478.95 पर खुला। लेकिन सत्र के दौरान बिकवाली का दबाव हावी हो गया और दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।
किन सेक्टर्स पर पड़ा असर
निफ्टी मेटल में 1.60% और निफ्टी आईटी में 0.99% की कमज़ोरी दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी पीएसई, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग और निफ्टी इन्फ्रा भी लाल निशान में बंद हुए।
दूसरी ओर, निफ्टी मीडिया, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी फार्मा, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी ऑटो हरे निशान में बंद होकर बाज़ार को कुछ सहारा देते रहे।
टॉप गेनर्स और लूज़र्स
सेंसेक्स पैक में HUL, Axis Bank, Adani Ports, Bajaj Finance, Asian Paints, Eternal, M&M, ICICI Bank, Titan, Sun Pharma, L&T, Power Grid और ITC प्रमुख गेनर्स रहे। वहीं Trent, TCS, Tata Steel, NTPC, HCL Tech, Bharti Airtel, HDFC Bank, IndiGo, Kotak Mahindra Bank, UltraTech Cement और Bajaj Finserv लूज़र्स की सूची में रहे।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
SBI Securities के टेक्निकल और फंडामेंटल रिसर्च हेड सुदीप शाह के अनुसार, डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक छोटी कमज़ोरी की कैंडल बनाई है, जो बाज़ार में 'मज़बूत दिशात्मक गति के अभाव' का संकेत देती है।
शाह ने बताया कि निफ्टी के लिए 23,230–23,200 का ज़ोन तत्काल समर्थन स्तर है। यदि यह 23,200 से नीचे जाता है, तो 23,050 तक फिसलने की आशंका है। तेज़ी की स्थिति में 23,530–23,550 का ज़ोन प्रतिरोध का काम करेगा और 23,550 पार होने पर 23,700 का लक्ष्य संभव है।
आगे क्या
बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार अगले सत्र में वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख़ निर्णायक भूमिका निभाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ारों में भी अनिश्चितता बनी हुई है, और घरेलू निवेशक सतर्क रुख़ अपना रहे हैं।