26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए मांग पर ध्यान केंद्रित करना होगा? : जमशेद गोदरेज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए मांग पर ध्यान केंद्रित करना होगा? : जमशेद गोदरेज

सारांश

जमशेद गोदरेज ने कहा है कि अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए मांग को प्राथमिकता देना जरूरी है। उन्होंने जीएसटी सुधारों की सराहना की और व्यापार में आसानी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। जानिए उनके विचार और भारत के वित्तीय समावेशन के नए आंकड़े।

मुख्य बातें

मांग पर ध्यान केंद्रित करना निवेश को आकर्षित कर सकता है।
जीएसटी सुधारों ने व्यापार में सुधार किया है।
वित्तीय समावेशन सूचकांक में वृद्धि हुई है।

मुंबई, 26 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। गोदरेज एंड बॉयस के मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) जमशेद गोदरेज ने बुधवार को कहा कि हमें अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए अधिक से अधिक मांग उत्पन्न करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

सीआईआई समिट के साइडलाइन में मीडिया से बातचीत करते हुए जमशेद गोदरेज ने कहा, "सरकारी हो या निजी निवेश, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि मांग मौजूद है या नहीं। अगर मांग होगी, तो निश्चित रूप से निवेशक अपनी पूंजी निवेश करेंगे।"

गोदरेज एंड बॉयस के एमडी ने आगे कहा कि मेरा मानना है कि हमें मांग पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अगर यह बनी रहेगी तो निवेश अपने-आप आएगा।

हाल ही में सरकार द्वारा किए गए जीएसटी सुधारों की प्रशंसा करते हुए जमशेद गोदरेज ने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती सही समय पर उठाया गया कदम है। साथ ही, सरकार को अब व्यापार में आसानी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

उन्होंने कहा, "हाल में किए गए जीएसटी जैसे सुधार सही दिशा में उठाए गए कदम हैं, लेकिन ऐसे कई और क्षेत्र हैं जहां व्यापार करने में आसानी को और बेहतर बनाया जा सकता है।"

इससे पहले, इसी कार्यक्रम में डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (डीएफएस) के सचिव के एम. नागराजू ने कहा कि वित्तीय समावेशन और डिजिटल बदलाव की तरफ भारत का जोरदार कदम हाल के वर्षों में देश की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बन गया है।

नागराजू ने आगे कहा कि इन सुधारों ने भारत के वित्तीय ढांचे को नया रूप दिया है और लोगों का सरकारी संस्थानों पर भरोसा मजबूत किया है।

वरिष्ठ सरकारी के अनुसार, सरकार के प्रयासों के कारण भारत का वित्तीय समावेशन सूचकांक मार्च 2025 में 67 पर पहुंच गया है, जो पहले 64.2 पर था। यह दिखाता है कि देश के औपचारिक वित्तीय नेटवर्क में लोगों की भागीदारी बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश की आर्थिक स्थिति को भी दर्शाता है। मांग को प्राथमिकता देना और व्यापार में आसानी बढ़ाना आवश्यक है, जिससे देश की आर्थिक विकास की गति को और भी तेज किया जा सके।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जमशेद गोदरेज ने निवेश को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि निवेश आकर्षित करने के लिए मांग पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है।
क्या जीएसटी सुधारों की चर्चा हुई?
हां, उन्होंने जीएसटी सुधारों की सराहना की और व्यापार में आसानी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वित्तीय समावेशन सूचकांक में क्या बदलाव आया है?
वित्तीय समावेशन सूचकांक मार्च 2025 में 67 पर पहुंच गया है, जो पहले 64.2 था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 महीने पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले