'मेड इन इंडिया' लेबल राष्ट्रीय जिम्मेदारी है: पीयूष गोयल का लंदन से संदेश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 27 जून 2026 को कहा कि भारतीय उद्यमियों के लिए 'मेड इन इंडिया' महज एक उत्पाद लेबल नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के प्रति एक गहरी जिम्मेदारी है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई एक पोस्ट में स्पष्ट किया कि जब कोई उद्यमी किसी उत्पाद पर यह लेबल लगाता है, तो वह केवल अपनी कंपनी का नहीं, बल्कि भारत का प्रतिनिधित्व करता है।
काहिरा हवाई अड्डे की वह कहानी जिसने प्रेरित किया
गोयल ने लंदन में आयोजित एक बिजनेस प्लेनरी सेशन के दौरान तमिलनाडु के अंबूर स्थित फ्लोरेंस शू कंपनी के संस्थापक अकील पनारुना से मुलाकात का जिक्र किया। अकील ने उन्हें बताया कि एक अंतरराष्ट्रीय ग्राहक ने काहिरा हवाई अड्डे पर एक लग्जरी जूता देखा जो प्रसिद्ध ब्रांड ह्यूगो बॉस का था। जब उस ग्राहक ने जूते का लेबल पलटा, तो उस पर 'मेड इन इंडिया' अंकित था — और वह जूता अकील की ही कंपनी में तैयार हुआ था।
गोयल के अनुसार, यह घटना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय कारीगरी अब वैश्विक लग्जरी बाजार में अपनी पहचान बना चुकी है।
गुणवत्ता, रोजगार और पर्यावरण — तीनों मोर्चों पर काम
मंत्री ने बताया कि अकील पनारुना का योगदान केवल निर्यात तक सीमित नहीं है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित किया है, विनिर्माण क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाया है और 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' जैसी पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाकर उद्योग के लिए एक नया मानदंड स्थापित किया है। गोयल ने इसे 'ब्रांड इंडिया' की असली ताकत बताया।
भारत-यूके सीईटीए और वैश्विक साझेदारी
गोयल ने कहा कि जैसे-जैसे भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) के जरिए दोनों देशों के व्यापारिक संबंध प्रगाढ़ हो रहे हैं, वैसे-वैसे अकील जैसे उद्यमी दुनिया को यह सिद्ध कर रहे हैं कि 'ब्रांड इंडिया' वैश्विक स्तर पर सर्वोच्च मानकों पर खड़ा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है।
लंदन में गोलमेज और यूकेआईबीसी बैठक
इससे पहले गोयल ने एशिया हाउस में दुनिया की प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक गोलमेज बैठक में हिस्सा लिया, जिसमें आर्थिक साझेदारी और भविष्य के अवसरों पर चर्चा हुई। उन्होंने यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूकेआईबीसी) के सदस्यों के साथ भी एक संवादात्मक लंच बैठक की, जिसमें नए कारोबारी अवसरों की पहचान, निवेश को गति देने और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। गौरतलब है कि यह बैठक भारत-यूके सीईटीए वार्ता के बाद के सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी संवादों में से एक मानी जा रही है।
गोयल ने उन सभी उद्यमियों को बधाई दी जो 'मेड इन इंडिया' को विश्वास, उत्कृष्टता और गर्व का प्रतीक बनाकर वैश्विक मंच पर नए मानक स्थापित कर रहे हैं।