सेंसेक्स 277 अंक उछलकर खुला, फिर लाल निशान में; निफ्टी IT में 2% की गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 ने 30 जून 2026, मंगलवार को सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बल पर बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया, लेकिन शुरुआती तेजी टिकाऊ नहीं रही और दोनों प्रमुख सूचकांक कुछ ही देर में लाल निशान में फिसल गए। भू-राजनीतिक तनाव और IT क्षेत्र में भारी बिकवाली ने बाजार की धारणा पर दबाव बनाए रखा।
बाजार का शुरुआती हाल
सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 76,728.37 से 277.14 अंक (0.36 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 77,005.51 पर खुला। इसी तरह, निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,946.25 से 85.79 अंक (0.35 प्रतिशत) उछलकर 24,032.05 के स्तर पर खुला। हालाँकि यह उत्साह अल्पकालिक साबित हुआ।
रिपोर्ट तैयार होने तक सेंसेक्स 134.69 अंक (0.18 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 76,593.68 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 75.45 अंक (0.32 प्रतिशत) फिसलकर 23,870.80 पर ट्रेड कर रहा था।
सेक्टरवार प्रदर्शन
निफ्टी IT लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला क्षेत्रीय सूचकांक रहा। निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। दूसरी ओर, निफ्टी केमिकल, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ने बेहतर प्रदर्शन किया।
व्यापक बाजारों में निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.24 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ दबाव में दिखा।
टॉप गेनर और लूज़र
निफ्टी में मारुति सुजुकी, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल, नेस्ले इंडिया, अदाणी एंटरप्राइजेज, पावरग्रिड, इंडिगो और टाइटन के शेयर सबसे ज्यादा बढ़त में रहे। इसके विपरीत, आइशर मोटर्स, टाटा कंज्यूमर, हिंडाल्को, इन्फोसिस, टीसीएस, डॉ. रेड्डीज लैब्स और विप्रो सबसे अधिक नुकसान उठाने वाले शेयरों में रहे।
विशेषज्ञों का तकनीकी विश्लेषण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी अभी भी अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है, लेकिन यह 100-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) को पार करने में विफल रहा और अप्रैल की तेजी के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर के नीचे फिसल गया।
रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) घटकर 53.89 पर आ गया है और अपनी सिग्नल लाइन के करीब पहुँच गया है। MACD अभी भी सिग्नल लाइन और जीरो लाइन के ऊपर बना हुआ है, लेकिन लगातार छठे सत्र में इसका हरा हिस्टोग्राम सिकुड़ा है — जो तेजी की कमज़ोर होती गति का संकेत है।
आगे के अहम स्तर
विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,100–24,200 का दायरा फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन है। यदि सूचकांक इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकता है, तो 24,500–24,600 तक की तेजी संभव है। वहीं, 23,800 का स्तर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है — इसके टूटने पर नई बिकवाली का दबाव बन सकता है। कुल मिलाकर ट्रेंड सकारात्मक है, लेकिन निकट भविष्य में कंसोलिडेशन की संभावना अधिक दिखती है।