18 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मारुति सुजुकी फ्रोंक्स ने 38 महीनों में 2 लाख निर्यात का रिकॉर्ड तोड़ा, भारत की सबसे तेज निर्यातित SUV बनी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मारुति सुजुकी फ्रोंक्स ने 38 महीनों में 2 लाख निर्यात का रिकॉर्ड तोड़ा, भारत की सबसे तेज निर्यातित SUV बनी

सारांश

फ्रोंक्स ने जो 25 महीनों में पहला लाख हासिल किया, वही दूसरा लाख सिर्फ 13 महीनों में पूरा कर लिया — यह रफ़्तार बताती है कि 90 देशों में भारत निर्मित कॉम्पैक्ट एसयूवी की माँग तेज़ी से बढ़ रही है। मारुति सुजुकी का 55% से अधिक निर्यात हिस्सेदारी के साथ यह दबदबा 'मेक इन इंडिया' की सबसे ठोस सफलताओं में से एक है।

मुख्य बातें

मारुति सुजुकी फ्रोंक्स ने 38 महीनों से कम समय में 2 लाख यूनिट निर्यात का आँकड़ा पार किया — भारत की किसी भी SUV द्वारा यह सबसे तेज़ उपलब्धि।
निर्यात जून 2023 में शुरू हुआ; पहला 1 लाख यूनिट 25 महीनों से कम में, दूसरा 1 लाख केवल 13 महीनों में पूरा।
फ्रोंक्स गुजरात के हंसलपुर संयंत्र में निर्मित होती है और जापान सहित लगभग 90 देशों में निर्यात होती है।
वित्त वर्ष 2024-25 से फ्रोंक्स भारत का सबसे अधिक निर्यातित यात्री वाहन बनी हुई है।
मारुति सुजुकी लगातार 5 वर्षों से भारत की नंबर-1 यात्री वाहन निर्यातक; 120 देशों में 17 मॉडल ; कुल निर्यात में 55%+ हिस्सेदारी।

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड की लोकप्रिय कॉम्पैक्ट एसयूवी फ्रोंक्स ने 18 अगस्त 2026 को एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की — 38 महीनों से भी कम समय में 2 लाख यूनिट निर्यात का आँकड़ा पार कर, यह भारत की किसी भी एसयूवी द्वारा यह मील का पत्थर छूने की सबसे तेज़ गति बन गई है। कंपनी ने मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी।

रिकॉर्ड की पूरी कहानी

फ्रोंक्स का निर्यात जून 2023 में शुरू हुआ था। पहले 1 लाख यूनिट निर्यात का लक्ष्य 25 महीनों से कम समय में हासिल किया गया। इसके बाद की रफ़्तार और भी चौंकाने वाली रही — अगले 1 लाख यूनिट केवल लगभग 13 महीनों में निर्यात हो गए। यह त्वरण अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में फ्रोंक्स की बढ़ती स्वीकार्यता का स्पष्ट प्रमाण है।

वैश्विक उपस्थिति और उत्पादन केंद्र

भारत में निर्मित फ्रोंक्स, गुजरात के हंसलपुर स्थित मारुति सुजुकी संयंत्र में तैयार होती है। वर्तमान में इसे जापान सहित लगभग 90 देशों में निर्यात किया जा रहा है। वैश्विक बाज़ारों में इसकी निरंतर बढ़ती माँग ने इसे भारत के सर्वाधिक सफल निर्यातित यात्री वाहनों की श्रेणी में स्थापित कर दिया है।

सीईओ की प्रतिक्रिया

मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ हिसाशी ताकेउची ने इस उपलब्धि पर कहा, "मारुति सुजुकी द्वारा निर्यात किया जाने वाला प्रत्येक वाहन हमारे लोगों की मेहनत और गर्व को दुनिया तक पहुँचाता है। फ्रोंक्स ने कंपनी की निर्यात सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वित्त वर्ष 2024-25 से यह भारत का सबसे अधिक निर्यात किया जाने वाला यात्री वाहन बना हुआ है।" ताकेउची ने यह भी रेखांकित किया कि कंपनी 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' दृष्टिकोण के अनुरूप भारत की विनिर्माण क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित कर रही है।

मारुति का समग्र निर्यात दबदबा

मारुति सुजुकी लगातार 5 वर्षों से भारत की नंबर-1 यात्री वाहन निर्यातक बनी हुई है। कंपनी वर्तमान में लगभग 120 देशों में 17 मॉडल निर्यात करती है और भारत के कुल यात्री वाहन निर्यात में उसकी हिस्सेदारी 55 प्रतिशत से अधिक है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में सर्वाधिक निर्यातित वाहनों की सूची में फ्रोंक्स, जिम्नी 5-डोर, ई विटारा, डिज़ायर और बलेनो शामिल रहे — और शीर्ष तीन स्थान मारुति सुजुकी के ही मॉडलों ने हासिल किए।

आगे की राह

फ्रोंक्स की निर्यात गति जिस तरह दूसरे लाख में तेज़ हुई है, वह संकेत देती है कि वैश्विक बाज़ारों में भारत निर्मित कॉम्पैक्ट एसयूवी की माँग और गहरी होती जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार 'मेक इन इंडिया' के तहत वाहन निर्यात को रणनीतिक प्राथमिकता दे रही है। मारुति सुजुकी का अगला लक्ष्य निर्यात बाज़ार में और नए देशों तक पहुँच बनाना और अपनी हिस्सेदारी को और मज़बूत करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

गौरतलब है कि मारुति सुजुकी का 55% से अधिक निर्यात हिस्सेदारी का एकाधिकार भारत के यात्री वाहन निर्यात क्षेत्र की विविधता की कमी को भी उजागर करता है — जहाँ एक ही कंपनी के इर्द-गिर्द पूरी सफलता केंद्रित है। असली परीक्षा यह है कि क्या अन्य भारतीय निर्माता भी इस वैश्विक माँग का लाभ उठा सकते हैं, या निर्यात नेतृत्व मारुति के हाथों में ही सिमटा रहेगा।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मारुति सुजुकी फ्रोंक्स ने 2 लाख निर्यात का रिकॉर्ड कितने समय में बनाया?
फ्रोंक्स ने जून 2023 में निर्यात शुरू होने के बाद से 38 महीनों से भी कम समय में 2 लाख यूनिट निर्यात का आँकड़ा पार किया। यह भारत की किसी भी एसयूवी द्वारा यह मील का पत्थर हासिल करने की सबसे तेज़ गति है।
फ्रोंक्स किन देशों में निर्यात की जाती है?
फ्रोंक्स को वर्तमान में जापान सहित लगभग 90 देशों में निर्यात किया जा रहा है। यह गुजरात के हंसलपुर स्थित मारुति सुजुकी संयंत्र में निर्मित होती है।
भारत के यात्री वाहन निर्यात में मारुति सुजुकी की हिस्सेदारी कितनी है?
मारुति सुजुकी भारत के कुल यात्री वाहन निर्यात में 55 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी रखती है। कंपनी लगातार 5 वर्षों से भारत की नंबर-1 यात्री वाहन निर्यातक बनी हुई है और 120 देशों में 17 मॉडल निर्यात करती है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत से सर्वाधिक निर्यातित वाहन कौन से रहे?
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में सर्वाधिक निर्यातित यात्री वाहनों में फ्रोंक्स, जिम्नी 5-डोर, ई विटारा, डिज़ायर और बलेनो शामिल रहे। इनमें शीर्ष तीन स्थान मारुति सुजुकी के ही मॉडलों ने हासिल किए।
फ्रोंक्स की निर्यात गति इतनी तेज़ क्यों रही?
कंपनी के अनुसार, पहले 1 लाख यूनिट 25 महीनों से कम में निर्यात हुए, जबकि दूसरे 1 लाख यूनिट केवल लगभग 13 महीनों में पूरे हो गए। यह अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में फ्रोंक्स की बढ़ती स्वीकार्यता और माँग को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले