प्राकृतिक गैस कीमतों में उल्लेखनीय सुधार: भंडार घटे, अमेरिकी LNG निर्यात बढ़ा
सारांश
मुख्य बातें
प्राकृतिक गैस की कीमतों में 2026 की शुरुआत में आई भारी गिरावट के बाद अब उल्लेखनीय पुनरुद्धार देखा जा रहा है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, गैस भंडारण में कमी, अमेरिकी LNG निर्यात में विस्तार और मौसमी बिजली माँग में वृद्धि ने मिलकर बाज़ार को नई मज़बूती दी है।
हेनरी हब कीमतों का उतार-चढ़ाव
रिपोर्ट के अनुसार, प्राकृतिक गैस का प्रमुख मूल्य सूचकांक हेनरी हब अप्रैल में 7.72 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू की ऊँचाई से गिरकर 2.77 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू के निचले स्तर तक पहुँच गया था। हालाँकि, इसके बाद कीमतें फिर से 3 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू से ऊपर लौट आई हैं। यह सुधार बाज़ार में आपूर्ति-माँग के पुनः संतुलन का संकेत देता है।
भंडारण में कमी और बाज़ार संतुलन
हालिया इन्वेंट्री आँकड़े बताते हैं कि लगातार तीन सप्ताह तक गैस भंडारण में अपेक्षा से कम बढ़ोतरी दर्ज की गई। साल-दर-साल आधार पर मौजूद अतिरिक्त स्टॉक अप्रैल के मुकाबले काफी घट गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अपेक्षा से कम स्टोरेज इंजेक्शन और बिजली क्षेत्र में बढ़ी खपत ने कीमतों को सहारा दिया है। यूरोप में गैस भंडारण के रुझान भी बाज़ार में क्रमिक सख्ती का संकेत दे रहे हैं।
अमेरिकी LNG निर्यात क्षमता में विस्तार
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की LNG उत्पादन क्षमता में वृद्धि के चलते 2026 में निर्यात मात्रा बढ़ने की उम्मीद है। नए LNG संयंत्रों के संचालन और अतिरिक्त लिक्विफिकेशन ट्रेनों के चालू होने से निर्यात को और बल मिलेगा। यूरोप और एशिया में ऊँचे मूल्य प्रीमियम अमेरिकी LNG कार्गो को आकर्षित कर रहे हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों में जारी व्यवधानों ने विदेशी बाज़ारों में अमेरिकी LNG की माँग को और बढ़ाया है।
बिजली माँग और नई खपत का उभरता स्रोत
प्रमुख क्षेत्रों में गर्म मौसम के कारण कूलिंग की ज़रूरत बढ़ी है, जिससे बिजली उत्पादन कंपनियाँ बढ़ती ऊर्जा माँग को पूरा करने के लिए अधिक प्राकृतिक गैस का उपयोग कर रही हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी रिसर्च प्रमुख नवनीत दमानी ने कहा, 'डेटा सेंटरों की बढ़ती ज़रूरतें भी गैस की माँग का एक नया स्रोत बन रही हैं। इन सभी कारणों से इस कमोडिटी के लिए मध्यम अवधि का परिदृश्य पहले की तुलना में अधिक सकारात्मक दिखाई दे रहा है।'
आगे क्या
रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक बाज़ार की परिस्थितियाँ अभी सकारात्मक बनी हुई हैं। घरेलू उत्पादन और विदेशी बाज़ारों के बीच बढ़ता जुड़ाव आपूर्ति संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आलोचकों का कहना है कि आपूर्ति अधिकता की चिंताएँ पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं, और मौसमी माँग में कोई भी कमी कीमतों पर फिर से दबाव डाल सकती है।