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वैश्विक एलएनजी कीमतें तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुँच सकती हैं — मॉर्गन स्टेनली रिपोर्ट

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वैश्विक एलएनजी कीमतें तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुँच सकती हैं — मॉर्गन स्टेनली रिपोर्ट

सारांश

मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि एलएनजी कीमतें इस साल की तीसरी-चौथी तिमाही में $25/एमएमबीटीयू तक पहुँच सकती हैं — मौजूदा स्तर से 30% से अधिक ऊपर। एशिया की बढ़ती खपत, यूरोप के 25% कम भंडार और होर्मुज व्यवधान एक साथ बाज़ार को तंग कर रहे हैं।

मुख्य बातें

मॉर्गन स्टेनली के अनुसार एशियाई एलएनजी बेंचमार्क कीमत $25/एमएमबीटीयू तक पहुँच सकती है — मौजूदा फॉरवर्ड स्तर से 30% से अधिक की वृद्धि।
यह 2023 की शुरुआत के बाद सबसे ऊँचा एलएनजी मूल्य स्तर होगा।
यूरोप के गैस भंडार 10 साल के औसत से 25% और एक साल पहले से 17% नीचे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान से कतर और UAE के निर्यात प्रभावित हैं।
मई 2025 में वैश्विक एलएनजी आपूर्ति पिछले साल से केवल 10 लाख टन कम रही — उत्तरी अमेरिकी निर्यात वृद्धि के कारण।
भारत और चीन सहित एशियाई बाज़ारों में गैस खपत फिर से बढ़ रही है।

वैश्विक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की कीमतें अगले कुछ महीनों में तीन साल से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुँच सकती हैं। मॉर्गन स्टेनली की एक ताज़ा रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है, जिसके अनुसार एशियाई देशों में बढ़ती ऊर्जा खपत और सर्दियों से पहले यूरोप द्वारा अपने घटे हुए गैस भंडार को फिर से भरने की ज़रूरत इस उछाल के पीछे प्रमुख कारण हैं। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जारी व्यवधानों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बनाए रखा है।

कीमतों का अनुमानित स्तर

मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों के अनुसार, एशियाई एलएनजी बेंचमार्क कीमत 2025 की तीसरी और चौथी तिमाही में बढ़कर $25 प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) तक पहुँच सकती है। यह मौजूदा फॉरवर्ड मार्केट स्तरों की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होगी। अगर यह अनुमान सही साबित हुआ, तो एलएनजी कीमतें 2023 की शुरुआत के बाद सबसे ऊँचे स्तर पर होंगी — उस दौर में यूरोप ने रूस से पाइपलाइन गैस की आपूर्ति घटने के बाद बड़े पैमाने पर एलएनजी खरीदी थी।

आपूर्ति पर होर्मुज जलडमरूमध्य का असर

रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जारी व्यवधान ने वैश्विक एलएनजी आपूर्ति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। यह मार्ग कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख एलएनजी निर्यातक देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हालाँकि, उत्तरी अमेरिका में नए निर्यात संयंत्रों के चालू होने और दुनिया के अन्य क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ने से आपूर्ति को आंशिक सहारा मिला है — इसी कारण मई 2025 में वैश्विक एलएनजी आपूर्ति पिछले वर्ष के मई की तुलना में केवल लगभग 10 लाख टन कम रही।

एशिया और यूरोप में माँग की स्थिति

भारत और चीन सहित एशिया के प्रमुख बाज़ारों में प्राकृतिक गैस की खपत फिर से बढ़ने लगी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जून और जुलाई के दौरान एशिया के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने का अनुमान है, जिससे एयर कंडीशनिंग और कूलिंग की ज़रूरत बढ़ेगी और एलएनजी खपत में और तेज़ी आ सकती है। गौरतलब है कि मार्च और अप्रैल में वैश्विक एलएनजी आयात कमज़ोर रहने से आपूर्ति बाधाओं का असर कुछ हद तक कम हुआ था, लेकिन गर्मियों के आगमन के साथ माँग फिर तेज़ हो गई है।

यूरोप के गैस भंडार की चिंताजनक स्थिति

यूरोप में पिछले महीने गैस की माँग कमज़ोर रही, लेकिन वहाँ के भंडार अभी भी ऐतिहासिक औसत से काफी नीचे हैं। वर्तमान में यूरोप के गैस स्टोरेज स्तर एक साल पहले की तुलना में करीब 17 प्रतिशत कम हैं, जबकि 10 साल के औसत से लगभग 25 प्रतिशत नीचे बने हुए हैं। इससे आने वाले महीनों में अतिरिक्त एलएनजी खरीद की आवश्यकता और बढ़ने की आशंका है। मॉर्गन स्टेनली का यह भी कहना है कि मध्य पूर्व में तनाव कम होने की स्थिति में भी एलएनजी कीमतें ऊँची बनी रह सकती हैं।

आगे क्या होगा

विश्लेषकों के अनुसार, एशियाई माँग और यूरोपीय भंडार पुनर्निर्माण का यह दोहरा दबाव आने वाली तिमाहियों में वैश्विक एलएनजी बाज़ार को तंग बनाए रखेगा। भारत जैसे आयातक देशों के लिए यह ऊर्जा लागत और व्यापार घाटे के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण संकेत है। उत्तरी अमेरिकी निर्यात क्षमता में विस्तार एकमात्र ऐसा कारक है जो कीमतों पर कुछ दबाव कम कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और कीमतों में 30% की उछाल सीधे बिजली उत्पादन लागत और उर्वरक सब्सिडी बोझ पर असर डालेगी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत 2030 तक गैस की हिस्सेदारी ऊर्जा मिश्रण में 15% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखता है — महँगी एलएनजी इस महत्वाकांक्षा को आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण बना सकती है। होर्मुज व्यवधान और यूरोपीय प्रतिस्पर्धा का यह दोहरा दबाव दीर्घकालिक आपूर्ति अनुबंधों और घरेलू गैस उत्पादन में निवेश की तात्कालिकता को और बढ़ा देता है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैश्विक एलएनजी कीमतें क्यों बढ़ सकती हैं?
मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार, एशियाई देशों में बढ़ती गैस खपत और यूरोप द्वारा सर्दियों से पहले अपने घटे हुए भंडार को भरने की ज़रूरत — दोनों एक साथ माँग बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान से आपूर्ति भी सीमित है।
एलएनजी कीमतें कितनी ऊँची जा सकती हैं?
मॉर्गन स्टेनली के अनुसार एशियाई एलएनजी बेंचमार्क कीमत 2025 की तीसरी और चौथी तिमाही में $25 प्रति एमएमबीटीयू तक पहुँच सकती है, जो मौजूदा फॉरवर्ड मार्केट स्तरों से 30% से अधिक ऊपर है। यह 2023 की शुरुआत के बाद का सबसे ऊँचा स्तर होगा।
यूरोप के गैस भंडार की वर्तमान स्थिति क्या है?
वर्तमान में यूरोप के गैस स्टोरेज स्तर एक साल पहले की तुलना में करीब 17% कम हैं और 10 साल के औसत से लगभग 25% नीचे हैं। इससे सर्दियों से पहले अतिरिक्त एलएनजी खरीद का दबाव बना हुआ है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का एलएनजी बाज़ार पर क्या असर है?
होर्मुज जलडमरूमध्य कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख एलएनजी निर्यातक देशों के लिए मुख्य शिपिंग मार्ग है। इस क्षेत्र में जारी व्यवधानों ने वैश्विक एलएनजी आपूर्ति को प्रभावित किया है, हालाँकि उत्तरी अमेरिकी निर्यात वृद्धि ने कुछ हद तक इसकी भरपाई की है।
भारत पर एलएनजी कीमतों में वृद्धि का क्या असर होगा?
भारत एलएनजी का एक प्रमुख आयातक है और कीमतों में 30% से अधिक की वृद्धि से बिजली उत्पादन और उर्वरक क्षेत्र पर लागत का दबाव बढ़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार भारत और चीन सहित एशियाई बाज़ारों में गैस की खपत पहले से ही फिर से बढ़ रही है।
राष्ट्र प्रेस
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