नए श्रम कानूनों के तहत एक साल की सेवा के बाद भी कर्मचारियों को मिलेगी ग्रेच्युटी का अधिकार

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नए श्रम कानूनों के तहत एक साल की सेवा के बाद भी कर्मचारियों को मिलेगी ग्रेच्युटी का अधिकार

सारांश

नए श्रम कानूनों के अनुसार, कुछ कर्मचारियों को केवल एक साल की सेवा के बाद ग्रेच्युटी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। यह नियम स्थायी कर्मचारियों के लिए अभी लागू नहीं है, लेकिन फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को लाभ होगा। जानें इसके बारे में विस्तार से।

Key Takeaways

  • नए श्रम कानूनों के तहत ग्रेच्युटी के नियमों में परिवर्तन।
  • एक साल की सेवा के बाद ग्रेच्युटी का अधिकार।
  • फिक्स्ड-टर्म और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को लाभ।
  • ग्रेच्युटी की गणना सीटीसी के आधार पर।
  • 21 नवंबर 2025 से लागू होने वाले नियम।

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नए श्रम कानूनों के अंतर्गत ग्रेच्युटी के प्रावधानों में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब कुछ योग्य कर्मचारियों को केवल एक साल की निरंतर सेवा के बाद भी ग्रेच्युटी हासिल करने का अधिकार प्राप्त होगा, जबकि पहले इसके लिए 5 साल काम करना आवश्यक था।

नवंबर 2025 से लागू होने वाले इन नए श्रम कोड के अनुसार, फिक्स्ड-टर्म और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को आनुपातिक आधार पर ग्रेच्युटी पहले से मिलने लगेगी। हालांकि, स्थायी (परमानेंट) कर्मचारियों के लिए अभी भी 5 साल की सेवा की आवश्यकता रहेगी, लेकिन मृत्यु या दिव्यांगता के मामलों में कुछ छूट दी गई है।

फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी वे होते हैं जिन्हें कंपनियां एक निश्चित समय के लिए लिखित कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त करती हैं, जो आमतौर पर एक या दो साल का हो सकता है। अब ऐसे कर्मचारियों की ग्रेच्युटी उनकी नौकरी की अवधि के अनुसार निर्धारित की जाएगी।

इन नए नियमों से देश के औपचारिक (फॉर्मल) सेक्टर के लाखों कर्मचारियों को नौकरी के बाद मिलने वाले लाभों तक पहुंच में आसानी हो सकती है। नए श्रम कोड के अनुसार, ग्रेच्युटी की गणना वेतन के आधार पर होगी, जो कर्मचारी के कुल सीटीसी (कॉस्ट-टू-कंपनी) का कम से कम 50 प्रतिशत होना चाहिए।

श्रम मंत्रालय का कहना है कि वेतन में बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता (डीए), रिटेनिंग अलाउंस और अन्य भत्ते शामिल होते हैं, जो कर्मचारियों को दिए जाते हैं।

जिन कर्मचारियों का पहले बेसिक वेतन कम था, उनके लिए अब ग्रेच्युटी की राशि में अच्छी वृद्धि देखने को मिल सकती है।

ग्रेच्युटी एक कानूनी रूप से अनिवार्य एकमुश्त (लंप-सम) भुगतान है, जो नियोक्ता अपने कर्मचारी को उसकी लंबी सेवा के लिए देता है, आमतौर पर 5 साल की सेवा या रिटायरमेंट के बाद।

श्रम मंत्रालय ने अपने एफएक्यू में कहा है कि ग्रेच्युटी के ये नए नियम 21 नवंबर 2025 से लागू हो जाएंगे और संस्थानों को इसके लिए अपने अकाउंटिंग नियमों के अनुसार प्रावधान करना होगा।

इसका मतलब है कि 21 नवंबर 2025 या उसके बाद नौकरी जॉइन करने वाले कर्मचारी ही एक साल की निरंतर सेवा पूरी करने के बाद ग्रेच्युटी का दावा कर सकेंगे।

Point of View

जो लंबे समय से इस अधिकार की मांग कर रहे थे। हालांकि, स्थायी कर्मचारियों के लिए 5 साल की सेवा का नियम अभी भी लागू है, लेकिन मृत्यु या दिव्यांगता के मामलों में छूट से कुछ राहत मिलेगी।
NationPress
04/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या नए श्रम कानूनों में ग्रेच्युटी का अधिकार सभी कर्मचारियों को मिलेगा?
नए श्रम कानूनों के तहत, कुछ फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को एक साल की सेवा के बाद ग्रेच्युटी का अधिकार मिलेगा, जबकि स्थायी कर्मचारियों के लिए अभी भी 5 साल की सेवा आवश्यक है।
ग्रेच्युटी की गणना कैसे की जाएगी?
ग्रेच्युटी की गणना कर्मचारी के कुल सीटीसी का कम से कम 50 प्रतिशत वेतन के आधार पर की जाएगी।
ये नए नियम कब से लागू होंगे?
ये नए नियम 21 नवंबर 2025 से लागू होंगे।
क्या ग्रेच्युटी केवल स्थायी कर्मचारियों को मिलती है?
नहीं, नए नियमों के तहत कुछ फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को भी ग्रेच्युटी मिलने लगेगी।
ग्रेच्युटी का भुगतान कब किया जाएगा?
ग्रेच्युटी का भुगतान कर्मचारी की सेवा समाप्त होने पर किया जाएगा।
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