निफ्टी स्पॉट और फ्यूचर्स में 185 अंक का अंतर, नए CAS नियमों पर ट्रेडर्स ने उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रमुख सूचकांक निफ्टी के स्पॉट और फ्यूचर्स मूल्य में 3 अगस्त 2026 को 185 अंक का असामान्य अंतर दर्ज किया गया, जो नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) नियमों के पहले दिन लागू होने के बाद सामने आया। इस अप्रत्याशित अंतर ने बाज़ार के जानकारों और खुदरा ट्रेडर्स दोनों को चौंका दिया।
मुख्य घटनाक्रम
नियमित कारोबार बंद होने के समय दोपहर 3:15 बजे निफ्टी 24,589 के आसपास कारोबार कर रहा था। इसके बाद नए CAS के तहत हुए ऑक्शन में यह अचानक 24,774.30 पर जा पहुँचा — यानी महज़ 20 मिनट में 185 अंक की उछाल। उस समय गिफ्ट निफ्टी 24,650 के करीब था, जो इस उछाल की पुष्टि नहीं करता था।
इसी तरह का असंतुलन बैंक निफ्टी में भी देखा गया, जो कारोबार के अंत में 1.7 प्रतिशत यानी 983 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। उल्लेखनीय है कि इसमें अंतिम चरण में करीब 500 अंक की तेज़ी आई।
सेंसेक्स और निफ्टी में असामान्य अंतर
ट्रेडर्स की चिंता का एक बड़ा कारण सेंसेक्स और निफ्टी की क्लोजिंग में करीब एक प्रतिशत का अंतर रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 0.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,639.03 पर बंद हुआ। आमतौर पर दोनों प्रमुख सूचकांकों की दैनिक चाल लगभग समान रहती है, इसलिए यह विचलन असाधारण माना जा रहा है।
ट्रेडर्स की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर व्यापक बहस छिड़ गई। एक ट्रेडर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि उन्होंने अपने पूरे ट्रेडिंग करियर में इस तरह का अंतर कभी नहीं देखा। अन्य ट्रेडर्स ने NSE और BSE के मुख्य सूचकांकों के बीच इस फर्क को 'चौंकाने वाला' बताया। आलोचकों का कहना है कि नए नियमों की पारदर्शिता पर पुनर्विचार ज़रूरी है।
CAS का नया ढाँचा क्या है
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के अनुसार, नया ऑक्शन तंत्र क्लोजिंग प्राइस के उचित और पारदर्शी निर्धारण के साथ-साथ लिक्विडिटी और एक्ज़ीक्यूशन दक्षता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। नए शेड्यूल के तहत:
दोपहर 3:15 बजे — F&O स्टॉक्स में नियमित कारोबार बंद। 3:15 से 3:20 बजे — ट्रांजिशन पीरियड। 3:20 से 3:25 बजे — पहला ऑर्डर एंट्री चरण। 3:25 से 3:30 बजे — दूसरा ऑर्डर एंट्री चरण, जिसमें ऑर्डर बदलने या रद्द करने की अनुमति नहीं। 3:30 से 3:35 बजे — ऑर्डर मैचिंग और अंतिम ऑक्शन मूल्य निर्धारण। CAS के ज़रिये खोजी गई यह कीमत सभी F&O स्टॉक्स की आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस मानी जाएगी।
आगे क्या होगा
बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि नए CAS नियमों के शुरुआती दिनों में ऐसी अस्थिरता संभव है, क्योंकि ट्रेडर्स और एल्गोरिदम सिस्टम नई व्यवस्था के अनुकूल हो रहे हैं। यह देखना अहम होगा कि SEBI और NSE इस अंतर पर कोई स्पष्टीकरण जारी करते हैं या नहीं, और क्या आने वाले सत्रों में यह विचलन कम होता है।