क्या ओएनजीसी गैस रिसाव को नियंत्रित कर पाएगा? केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कुएं नियंत्रण गतिविधियों की समीक्षा की

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क्या ओएनजीसी गैस रिसाव को नियंत्रित कर पाएगा? केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कुएं नियंत्रण गतिविधियों की समीक्षा की

सारांश

ओएनजीसी ने असम में गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने स्थिति की समीक्षा की और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। जानिए इस स्थिति में क्या हो रहा है और ओएनजीसी की कार्रवाई की विस्तृत जानकारी।

मुख्य बातें

ओएनजीसी ने गैस रिसाव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अनुभवी टीम को तैनात किया है।
स्थानीय निवासियों की सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई की गई है।
आग बुझाने के लिए उच्च क्षमता वाले उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।
ओएनजीसी ने चिकित्सा सहायता के लिए निःशुल्क शिविर स्थापित किए हैं।
सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।

नई दिल्ली, १७ जून (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को बताया कि उन्होंने असम में ओएनजीसी की गैस रिसाव नियंत्रण गतिविधियों की समीक्षा की और स्थिति का अद्यतन लिया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने एक पोस्ट में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुएं में उच्च दबाव के कारण पिछले चार दिनों से गैस का प्रवाह जारी है।

हरदीप पुरी ने कहा, "स्थानीय निवासियों को पहले दिन ही तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और उन्हें सभी आवश्यक राहत एवं सहायता प्रदान की जा रही है। ओएनजीसी के अन्य कार्य केंद्रों से अनुभवी कर्मियों को तैनात किया गया है तथा आग बुझाने के लिए उच्च क्षमता वाले फायर पंप, फ्रैक पंप, मड आदि का उपयोग किया जा रहा है।"

केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि 'जंक पंपिंग' जैसे अत्याधुनिक तरीकों का भी उपयोग किया जा रहा है और ओएनजीसी के अधिकारी विदेशी विशेषज्ञों के साथ लगातार संपर्क में हैं।

उन्होंने कहा, "आग को नियंत्रित करने और ठंडा करने के लिए निरंतर पानी की आपूर्ति की जा रही है।"

ओएनजीसी के अनुसार, कंपनी ने कुएं आरडीएस147 में गैस रिसाव रोकने के लिए अपनी सबसे अनुभवी संकट प्रबंधन टीम (सीएमटी) को तैनात किया है। यह टीम जटिल कुएं नियंत्रण कार्यों का सफल प्रबंधन करती है। ओएनजीसी के शीर्ष प्रबंधन द्वारा इस ऑपरेशन की बारीकी से और लगातार निगरानी की जा रही है।

कंपनी ने कहा, "भूवैज्ञानिक चुनौतियां तेल और गैस संचालन में अंतर्निहित होती हैं। भारत की प्रमुख ऊर्जा कंपनी के रूप में ओएनजीसी कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करती है। ओएनजीसी गैस रिसाव को जल्द से जल्द पूरी तरह से नियंत्रण में लाने के लिए सभी प्रयास कर रहा है।"

घटना के बाद ओएनजीसी ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का कार्य किया। साथ ही लोगों को सुरक्षित आश्रय, पौष्टिक भोजन, साफ पेयजल और आवश्यक दैनिक आपूर्ति सुनिश्चित की गई।

ओएनजीसी ने जन स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अपने आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना के तहत डॉक्टरों और आवश्यक दवाओं से लैस चौबीसों घंटे निःशुल्क चिकित्सा शिविर स्थापित किए हैं।

पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए ओएनजीसी जिला और पुलिस प्रशासन, मीडिया और स्थानीय समुदाय के नेताओं सहित सभी हितधारकों के साथ नियमित संवाद कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत बनाता है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओएनजीसी गैस रिसाव के कारण क्या हैं?
गैस रिसाव उच्च दबाव के कारण हो रहा है, जो कुएं में मौजूद भौगोलिक विशेषताओं से संबंधित है।
स्थानीय लोगों को सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की गई है?
स्थानीय निवासियों को पहले दिन ही सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और उन्हें सभी आवश्यक सहायता प्रदान की गई।
ओएनजीसी इस स्थिति में क्या कदम उठा रहा है?
ओएनजीसी ने अनुभवी कर्मियों और उच्च तकनीक वाले उपकरणों का उपयोग कर गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए प्रयास किए हैं।
क्या ओएनजीसी की टीम में विशेषज्ञ शामिल हैं?
हां, ओएनजीसी के अधिकारी अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ संपर्क में हैं और उन्हें शामिल किया गया है।
क्या ओएनजीसी ने चिकित्सा सुविधा प्रदान की है?
जी हां, ओएनजीसी ने निःशुल्क चिकित्सा शिविर स्थापित किए हैं, जहां डॉक्टरों और दवाओं की व्यवस्था की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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