पश्चिम एशिया संकट: अमेरिकी एयरलाइन को चिंता, 'कच्चे तेल की कीमत 175 डॉलर प्रति बैरल हो सकती है'
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम एशिया का तनाव वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित कर रहा है।
- कच्चे तेल की कीमत 175 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच सकती है।
- यूनाइटेड एयरलाइंस को हर साल 11 अरब डॉलर का अतिरिक्त खर्च हो सकता है।
- ईरान से तेल खरीद पर 30 दिनों की छूट दी गई है।
- ब्रेंट क्रूड की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।
वाशिंगटन, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का प्रभाव दुनिया भर में महसूस किया जा रहा है। कई देशों ने ईंधन की खपत में कमी लाने के उपाय किए हैं। इस बीच, अमेरिका की एक प्रमुख एयरलाइन को यह चिंता है कि यदि स्थिति इसी तरह बनी रही, तो कच्चे तेल की कीमत 175 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच सकती है।
अमेरिका की प्रमुख एयरलाइन 'यूनाइटेड एयरलाइंस' ने इस आशंका को व्यक्त किया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्कॉट किर्बी ने शुक्रवार को कर्मचारियों के लिए एक मेमो में बताया कि हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए पूर्व तैयारी करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि केवल पिछले तीन हफ्तों में जेट ईंधन की कीमत दोगुनी से अधिक हो गई है। यदि यह स्थिति बनी रही, तो कंपनी को हर साल लगभग 11 अरब डॉलर अधिक खर्च करने पड़ सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत पहले लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थी, लेकिन अब यह लगभग 119.50 डॉलर तक पहुँच गई है।
अमेरिकी ट्रेजरी ने शुक्रवार को ईरान से तेल खरीद पर 30 दिनों की छूट भी दी। यह छूट उन ईरानी तेल खेपों पर लागू होगी जो पहले से समुद्र में लदी हुई हैं।
यह छूट उन सभी जहाजों पर लागू होगी जिनमें 20 मार्च तक तेल लोड किया गया है और जिन्हें 19 अप्रैल तक उतारना होगा। अमेरिका के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने जानकारी दी है कि इससे वैश्विक आपूर्ति में लगभग 140 मिलियन बैरल तेल जोड़ा जा सकेगा।
केपलर के डेटा के अनुसार, वर्तमान में लगभग 18 करोड़ बैरल ईरानी कच्चा तेल समुद्र में विभिन्न जहाजों में मौजूद है, जो मध्य पूर्व से लेकर चीन के आसपास के समुद्री क्षेत्रों में फैला हुआ है।
पहले ये प्रतिबंध ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने और तेल से होने वाली कमाई पर पाबंदी के इरादे से लगाए गए थे। अब इनमें से कुछ प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से कम किया जा रहा है।