पश्चिम एशिया संकट: क्रूड ऑयल 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच सकता है, रयस्टैड एनर्जी की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
रयस्टैड एनर्जी की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से गंभीर रूप ले लेता है, तो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच सकती हैं। 11 जून को जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में मौजूदा भू-राजनीतिक उठापटक ने अप्रैल में हुए युद्धविराम को अब तक की सबसे नाज़ुक स्थिति में पहुँचा दिया है।
मौजूदा तेल बाज़ार की स्थिति
रिपोर्ट के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र के छह प्रमुख उत्पादक देशों में प्रतिदिन 1 करोड़ 18 लाख बैरल तेल उत्पादन बंद पड़ा है। ऊर्जा बाज़ारों के आधुनिक इतिहास में यह सबसे बड़ी आपूर्ति बाधाओं में से एक मानी जा रही है। संघर्ष शुरू होने के बाद पिछले तीन महीनों में वैश्विक बाज़ार से कुल मिलाकर लगभग 100 करोड़ बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है — यह मात्रा अमेरिका के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार की कुल क्षमता से करीब ढाई गुना अधिक बताई गई है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
रयस्टैड एनर्जी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और भू-राजनीतिक विश्लेषण प्रमुख जॉर्ज लियोन ने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि मौजूदा तनाव पूर्ण युद्ध की वापसी है या फिर एक ऐसा संकट जिसे अब भी नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस अनिश्चितता का असर तेल बाज़ार में साफ दिखाई दे रहा है।
लियोन के अनुसार, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से रिकॉर्ड स्तर पर तेल जारी किए जाने, चीन के कम आयात और सऊदी अरब के यनबू निर्यात मार्ग से प्रतिदिन लगभग 50 लाख बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति जारी रहने से इस संकट के तत्काल प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। इससे होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दरकिनार करना भी संभव होगा।
कूटनीतिक समझौते की संभावना घटी
रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि निकट भविष्य में किसी कूटनीतिक समझौते की संभावना पहले के मुकाबले कम हो गई है। कुछ सप्ताह पहले रयस्टैड एनर्जी ने इसकी संभावना लगभग 40 प्रतिशत आँकी थी, जो अब घट गई है। जॉर्ज लियोन ने कहा कि आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण होंगे — इन्हीं में तय होगा कि कूटनीतिक प्रयास स्थिति संभाल पाते हैं या संघर्ष और गहराता है।
वैश्विक बाज़ारों पर असर
ब्रेंट क्रूड का अग्रिम अनुबंध तेज़ी से बढ़कर लगभग 94.5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गया था, हालाँकि बाद में यह घटकर करीब 93 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में ब्रेंट क्रूड 2 प्रतिशत से अधिक बढ़कर लगभग 95 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 4 प्रतिशत की तेज़ी के साथ 93.64 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का दबाव अमेरिकी शेयर बाज़ार समेत वैश्विक वित्तीय बाज़ारों पर भी दिखाई दिया है।
जब तक युद्धविराम के स्थिर रहने या कूटनीतिक प्रयासों में ठोस प्रगति के स्पष्ट संकेत नहीं मिलते, तब तक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहने की आशंका है।