भारत में रियल एस्टेट निवेश Q1 2026 में 37% उछला, ट्रांजेक्शन वैल्यू ₹1.7 अरब डॉलर पर पहुँची
भारतीय रियल एस्टेट बाज़ार में संस्थागत निवेश ने 2026 की पहली तिमाही (जनवरी–मार्च) में सालाना आधार पर 37 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की है और कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू 1.7 अरब डॉलर पर पहुँच गई है। जेएलएल इंडिया की 4 मई 2026 को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई, जो बड़ी संपत्तियों में बढ़ते निवेश और घरेलू पूंजी के उभरते दबदबे को रेखांकित करती है।
मुख्य घटनाक्रम: बड़ी संपत्तियों में संरचनात्मक बदलाव
जेएलएल की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 की अवधि में बड़ी संपत्तियों के अधिग्रहण में उल्लेखनीय संरचनात्मक बदलाव आया है। इस श्रेणी की संपत्तियों की वैल्यू 178 प्रतिशत उछलकर 1.03 अरब डॉलर हो गई — जो कुल तिमाही निवेश का बड़ा हिस्सा है। यह रुझान दूसरी तिमाही में और तेज़ हुआ, जहाँ बड़ी संपत्तियों के सौदों का कुल मूल्य 1.48 अरब डॉलर तक जा पहुँचा।
विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव सट्टेबाज़ी वाले निवेश से हटकर स्थिर, आय-सृजन करने वाली संपत्तियों की ओर निवेशकों के झुकाव को दर्शाता है — एक परिपक्व बाज़ार का संकेत।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
जेएलएल इंडिया की वरिष्ठ प्रबंध निदेशक और पूंजी बाज़ार प्रमुख लता पिल्लई ने कहा कि यह प्रवृत्ति स्थिर, आय-सृजन करने वाली संपत्तियों की ओर एक मूलभूत बदलाव को दर्शाती है, जबकि कार्यालय क्षेत्र का प्रभुत्व मज़बूत परिचालन आधार को इंगित करता है।
पिल्लई ने कहा,