3 अगस्त 2026
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आरबीआई एमपीसी बैठक 3 अगस्त से शुरू, रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रहने के संकेत

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आरबीआई एमपीसी बैठक 3 अगस्त से शुरू, रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रहने के संकेत

सारांश

RBI की MPC बैठक 3 अगस्त से शुरू हो गई है और फैसला 5 अगस्त को आएगा। वैश्विक अस्थिरता और CPI के 5% से ऊपर रहने की आशंका के बीच विश्लेषकों का अनुमान है कि रेपो रेट 5.25% पर ही बना रहेगा।

मुख्य बातें

RBI MPC की तीन दिवसीय बैठक 3 अगस्त से मुंबई में शुरू हुई।
फैसले की घोषणा RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा 5 अगस्त को सुबह 10 बजे IST की जाएगी।
विश्लेषकों का अनुमान है कि रेपो रेट 5.25% पर अपरिवर्तित रहेगा।
SBI रिसर्च के अनुसार, अगली दो तिमाहियों में CPI 5% से ऊपर रहने की संभावना से दर कटौती की गुंजाइश सीमित है।
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में GDP वृद्धि दर 7% से अधिक रहने का अनुमान।
जून की बैठक में MPC ने सर्वसम्मति से रेपो रेट 5.25% पर बनाए रखा था और FY27 GDP अनुमान 6.6% किया था।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की द्विमासिक तीन दिवसीय बैठक 3 अगस्त, सोमवार से मुंबई में शुरू हो गई है, जिसमें रेपो रेट सहित देश की समग्र आर्थिक स्थिति की समीक्षा की जाएगी। बैठक के निर्णयों की घोषणा RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा बुधवार, 5 अगस्त को सुबह 10 बजे IST की जाएगी।

बैठक का संदर्भ और वैश्विक चुनौतियाँ

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई मोर्चों पर दबाव में है। कच्चे तेल की ऊँची कीमतें, प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी, बॉन्ड यील्ड का ऊँचे स्तर पर बने रहना और भू-राजनीतिक तनाव — ये सभी कारक RBI की नीति-निर्माण प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह वह पृष्ठभूमि है जिसमें छह सदस्यीय MPC को अपना रुख तय करना है।

विश्लेषकों का अनुमान

कई बाज़ार विश्लेषकों का मानना है कि RBI MPC अगस्त में रेपो रेट को 5.25% पर अपरिवर्तित रख सकती है। SBI रिसर्च के अनुसार, अगली दो तिमाहियों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के 5% से ऊपर बने रहने की संभावना है, जो दर में कटौती की गुंजाइश को सीमित करती है।

इसके अतिरिक्त, तेल की कीमतों में अस्थिरता, रुपये पर दबाव और बाहरी पूंजी प्रवाह में उतार-चढ़ाव के चलते केंद्रीय बैंक की ओर से स्पष्ट रूप से नरम टिप्पणी आने की संभावना नहीं मानी जा रही।

घरेलू अर्थव्यवस्था के सकारात्मक संकेत

हालाँकि, SBI रिसर्च की रिपोर्ट में घरेलू मोर्चे पर कुछ उत्साहजनक संकेत भी उजागर किए गए हैं। जुलाई में मज़बूत पूंजी प्रवाह, विदेशी मुद्रा भंडार में सुधार, बेहतर मानसून और लगभग सामान्य जलाशय स्तर — ये सभी कारक घरेलू आर्थिक आधारभूत संरचना को मज़बूती दे रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में GDP वृद्धि दर 7% से अधिक रह सकती है, जो पहले के अनुमानों से बेहतर है।

जून की बैठक का निर्णय और पृष्ठभूमि

इससे पहले जून 2025 में हुई MPC बैठक में समिति ने सर्वसम्मति से रेपो रेट 5.25% पर बनाए रखा था और नीतिगत रुख को 'न्यूट्रल' रखा था। उस बैठक में केंद्रीय बैंक ने भू-राजनीतिक तनावों को देखते हुए वित्त वर्ष 2027 के लिए GDP वृद्धि अनुमान को संशोधित कर 6.6% कर दिया था।

आगे क्या होगा

5 अगस्त को सुबह 10 बजे RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में MPC के फैसले सामने आएंगे। बाज़ार की नज़रें न केवल दर के फैसले पर, बल्कि केंद्रीय बैंक के मुद्रास्फीति और विकास दर के अनुमानों पर भी टिकी हैं, जो आने वाले महीनों की नीतिगत दिशा का संकेत देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'न्यूट्रल' रुख कब तक टिकेगा — खासकर जब वैश्विक केंद्रीय बैंक अपनी दिशा बदल रहे हैं। CPI का 5% से ऊपर बने रहना और रुपये पर दबाव RBI के हाथ बाँधे हुए है, जबकि घरेलू विकास की रफ़्तार दर कटौती की माँग कर रही है। यह द्वंद्व आने वाली तिमाहियों में नीति-निर्माण को और जटिल बना सकता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RBI MPC की अगस्त 2025 बैठक में क्या फैसला होने की उम्मीद है?
विश्लेषकों का अनुमान है कि RBI MPC रेपो रेट को 5.25% पर अपरिवर्तित रखेगी। CPI के 5% से ऊपर रहने की संभावना और वैश्विक अस्थिरता के चलते दर कटौती की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।
RBI MPC का फैसला कब और कहाँ घोषित होगा?
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 अगस्त को सुबह 10 बजे IST MPC के फैसलों की घोषणा करेंगे। बैठक मुंबई में आयोजित है।
रेपो रेट क्या है और यह आम जनता को कैसे प्रभावित करता है?
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है। इसके बढ़ने या घटने का सीधा असर होम लोन, कार लोन और अन्य कर्जों की EMI पर पड़ता है — रेट बढ़ने पर EMI बढ़ती है और घटने पर राहत मिलती है।
जून 2025 की MPC बैठक में क्या निर्णय लिया गया था?
जून 2025 की बैठक में MPC ने सर्वसम्मति से रेपो रेट 5.25% पर बनाए रखा और नीतिगत रुख 'न्यूट्रल' रखा। साथ ही, भू-राजनीतिक तनावों के मद्देनज़र वित्त वर्ष 2027 के लिए GDP वृद्धि अनुमान संशोधित कर 6.6% किया गया था।
घरेलू अर्थव्यवस्था के कौन-से संकेत RBI के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं?
SBI रिसर्च के अनुसार, जुलाई में मज़बूत पूंजी प्रवाह, विदेशी मुद्रा भंडार में सुधार, बेहतर मानसून और सामान्य जलाशय स्तर सकारात्मक संकेत हैं। वहीं, FY27 की पहली तिमाही में GDP वृद्धि 7% से अधिक रहने का अनुमान है, जो घरेलू माँग की मज़बूती दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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