जुलाई 2026 में सेंसेक्स-निफ्टी 2% से अधिक चढ़े, निफ्टी आईटी 16.77% की छलांग के साथ टॉप गेनर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाज़ार के लिए जुलाई 2026 का महीना उत्साहजनक रहा — बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों ने 2 प्रतिशत से अधिक का मासिक रिटर्न दर्ज किया, जिसमें आईटी सेक्टर ने बाज़ार को सबसे ज़्यादा ऊँचाई दी। माह के अंतिम कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,094.64 पर और निफ्टी 0.27 प्रतिशत की तेज़ी के साथ 24,383.60 पर बंद हुआ।
मुख्य सूचकांकों का प्रदर्शन
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी मज़बूती दिखाई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने जुलाई में 2.53 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स ने 1.81 प्रतिशत का रिटर्न दिया। यह व्यापक बाज़ार में भागीदारी का संकेत है, जो केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही।
सेक्टोरल प्रदर्शन: विजेता और पिछड़े
सेक्टर सूचकांकों में निफ्टी आईटी जुलाई का सबसे बड़ा लाभार्थी रहा, जिसने 16.77 प्रतिशत की उल्लेखनीय तेज़ी दर्ज की। इसके बाद निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (9.96%), निफ्टी मीडिया (9.49%), निफ्टी रियल्टी (8.67%), निफ्टी ऑटो (8.55%), निफ्टी फार्मा (4.77%), निफ्टी सर्विसेज (2.50%) और निफ्टी मेटल (1.60%) हरे निशान में बंद हुए।
दूसरी तरफ, निफ्टी एनर्जी (2.54%), निफ्टी इंडिया डिफेंस (1.98%), निफ्टी पीएसयू बैंक (1.48%) और निफ्टी प्राइवेट बैंक (1.46%) की गिरावट के साथ ये सूचकांक माह के सबसे बड़े नुकसान में रहे।
शीर्ष लाभ और नुकसान वाले शेयर
व्यक्तिगत शेयरों में कल्याण ज्वैलर्स इंडिया का प्रदर्शन सबसे चौंकाने वाला रहा — इसके शेयर की कीमत जुलाई में 60 प्रतिशत से अधिक उछली। ई-क्लार्क्स सर्विसेज, सीई इन्फो सिस्टम्स, लोढ़ा डेवलपर्स, एचईजी, इन्फो एज (इंडिया), एटीएम, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयरों में भी करीब 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वहीं, जिन शेयरों की मार्केट वैल्यू में 15 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट आई, उनमें डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, बंधन बैंक, थर्मैक्स, तेजस नेटवर्क्स, सुजलॉन एनर्जी, जीई वर्नोवा टीएंडडी इंडिया, सीमेंस एनर्जी इंडिया और गुजरात एनर्जी प्रमुख रहे।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार जानकारों के अनुसार, कुछ खास शेयरों के बेहतर प्रदर्शन के पीछे पहली तिमाही के सकारात्मक नतीजे और वैश्विक एआई-ट्रेड में बिकवाली के बावजूद आईटी सेक्टर में निवेशकों की वापसी प्रमुख कारण रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई में निवेशकों ने लगातार आईटी शेयरों की ओर रुख किया, जिसने इस सेक्टर को माह का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता बनाया।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की ब्याज दर नीति और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। आगे अगस्त में कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक संकेतों पर बाज़ार की नज़र रहेगी।