स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन ने पुणे में टाइगुन के उत्पादन की शुरुआत की, 'मेक इन इंडिया' को मिलेगा नया संजीवनी

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स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन ने पुणे में टाइगुन के उत्पादन की शुरुआत की, 'मेक इन इंडिया' को मिलेगा नया संजीवनी

सारांश

स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया ने पुणे में नवीनतम फॉक्सवैगन टाइगुन का उत्पादन शुरू किया है, जो 'मेक इन इंडिया' पहल को और मजबूती प्रदान करेगा। जानें इसके महत्व और विशेषताओं के बारे में।

Key Takeaways

  • फॉक्सवैगन टाइगुन का उत्पादन पुणे में शुरू हुआ।
  • यह 'मेक इन इंडिया' की रणनीति को मजबूती देगा।
  • कंपनी ने 1.43 लाख यूनिट्स का उत्पादन किया है।
  • भारतीय उपभोक्ताओं के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता।
  • नवीनतम टाइगुन में प्रीमियम फीचर्स हैं।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एसएवीडब्ल्यूआईपीएल) ने मंगलवार को पुणे स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में नवीनतम फॉक्सवैगन टाइगुन के उत्पादन की शुरुआत की है, जिससे कंपनी की 'मेक इन इंडिया, फॉर इंडिया एंड द वर्ल्ड' रणनीति को और मजबूती मिली है।

कंपनी के अनुसार, इस अपडेटेड टाइगुन में नया डिज़ाइन और प्रीमियम फीचर्स शामिल हैं, इसे भारतीय ड्राइविंग परिस्थितियों के अनुसार अनुकूलित किया गया है। यह यूरोपीय ड्राइविंग डायनामिक्स, आराम और सुरक्षा मानकों पर केंद्रित है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ पीयूष अरोरा ने कहा, "नई फॉक्सवैगन टाइगुन के उत्पादन का आरंभ भारत में हमारे मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की प्रगति को दर्शाता है।"

उन्होंने आगे कहा कि कंपनी की भारत में स्थित इकाइयाँ वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी वाहनों का उच्च स्तर का स्थानीयकरण करने के लिए तैयार हैं, जिससे घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों की आवश्यकताओं को कुशलता से पूरा किया जा सके।

फॉक्सवैगन इंडिया के ब्रांड निदेशक नितिन कोहली ने कहा कि टाइगुन लॉन्च के बाद से कंपनी की एसयूवी रणनीति का मुख्य केंद्र रही है और यह कंपनी के पोर्टफोलियो को सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि चाकन प्लांट में उत्पादन भारतीय उपभोक्ताओं के प्रति कंपनी की निरंतर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

2021 में लॉन्च हुई टाइगुन ने अपने प्रदर्शन, आराम और सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए बाजार में एक मजबूत स्थिति बना ली है।

इसके अतिरिक्त, ऑटो कंपनी के अनुसार, भारत में अब तक 1.43 लाख से अधिक यूनिट्स का उत्पादन हो चुका है, जिनमें से लगभग 30 प्रतिशत का निर्यात वैश्विक बाजारों में किया गया है।

पुणे में स्थित यह कंपनी ऑडी, पोर्श, लैम्बोर्गिनी और बेंटले सहित फॉक्सवैगन समूह के छह ब्रांडों का संचालन करती है।

फॉक्सवैगन ने 25 वर्ष पूर्व भारत में परिचालन शुरू किया था और वर्तमान में चाकन और छत्रपति संभाजीनगर में दो विनिर्माण संयंत्र संचालित करती है, जिनकी संयुक्त वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.15 लाख यूनिट्स है।

वर्तमान में, कंपनी के लगभग 700 ग्राहक संपर्क केंद्र हैं और लगभग 5,000 कर्मचारी कार्यरत हैं।

Point of View

NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

फॉक्सवैगन टाइगुन में कौन-कौन से फीचर्स हैं?
फॉक्सवैगन टाइगुन में नया डिज़ाइन, प्रीमियम फीचर्स, और भारतीय ड्राइविंग परिस्थितियों के अनुसार अनुकूलित तकनीक शामिल है।
टाइगुन का उत्पादन कहाँ किया जा रहा है?
टाइगुन का उत्पादन पुणे स्थित स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में किया जा रहा है।
कंपनी की भारत में उत्पादन क्षमता क्या है?
कंपनी के पास चाकन और छत्रपति संभाजीनगर में दो विनिर्माण संयंत्र हैं, जिनकी संयुक्त वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.15 लाख यूनिट्स है।
फॉक्सवैगन टाइगुन कब लॉन्च हुई थी?
फॉक्सवैगन टाइगुन का लॉन्च 2021 में हुआ था।
क्या टाइगुन का निर्यात होता है?
हां, भारत में बने टाइगुन की लगभग 30 प्रतिशत यूनिट्स का निर्यात वैश्विक बाजारों में किया गया है।
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