14 जुलाई 2026
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स्पाइसजेट पर ₹124.65 करोड़ की जीएसटी मांग, पंजीकरण रद्द होने का खतरा

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स्पाइसजेट पर ₹124.65 करोड़ की जीएसटी मांग, पंजीकरण रद्द होने का खतरा

सारांश

जीएसटी विभाग ने स्पाइसजेट पर ₹124.65 करोड़ की कर मांग ठोकी है और पंजीकरण रद्द करने का नोटिस जारी किया है। पहले से घाटे में चल रही एयरलाइन के लिए यह नया नियामक संकट उसकी परिचालन स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

जीएसटी विभाग ने स्पाइसजेट को ₹124.65 करोड़ की कर मांग जारी की — नवंबर से मार्च तक के महीनों के लिए।
रिटर्न दाखिल न करने पर सीजीएसटी/एसजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत अस्थायी कर निर्धारण किया गया।
25 मई 2026 को जीएसटी पंजीकरण रद्द करने का कारण बताओ नोटिस जारी; कंपनी ने अभी तक अनुपालन नहीं किया।
स्पाइसजेट ने सितंबर 2025 तिमाही में ₹621 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया; परिचालन आय 13% घटकर ₹792 करोड़ रही।
बीएसई पर स्पाइसजेट का शेयर ₹12.75 पर बंद, 0.47% की गिरावट के साथ।

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने कम लागत वाली विमानन कंपनी स्पाइसजेट को कई महीनों तक जीएसटी रिटर्न दाखिल न करने के आरोप में ₹124.65 करोड़ की कर मांग जारी की है। इसके साथ ही एयरलाइन के जीएसटी पंजीकरण रद्द होने की कार्रवाई का भी खतरा मंडरा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, 25 मई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है और कंपनी ने अभी तक लंबित अनुपालन संबंधी आवश्यकताएँ पूरी नहीं की हैं।

मुख्य घटनाक्रम

यह कर मांग केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) अधिनियम और राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत की गई अस्थायी कर निर्धारण प्रक्रिया के बाद उठाई गई है। विभाग का आरोप है कि एयरलाइन निर्धारित समयसीमा के भीतर रिटर्न दाखिल करने में बार-बार विफल रही।

अधिकारियों के अनुसार, स्पाइसजेट लगातार रिटर्न दाखिल करने में अनियमितताएँ करती रही और कई बार नियत तिथि के बाद रिटर्न जमा किए गए।

महीनेवार कर मांग का ब्यौरा

विभाग ने माहवार आधार पर निम्नलिखित कर मांग उठाई है: नवंबर के लिए ₹44.44 करोड़, दिसंबर के लिए ₹43.79 करोड़, जनवरी के लिए ₹12.19 करोड़, फरवरी के लिए ₹12.10 करोड़ और मार्च के लिए ₹12.12 करोड़। इस प्रकार कुल मांग ₹124.65 करोड़ बनती है।

सरकार की चेतावनी

एक अधिकारी ने कहा, 'यदि स्पाइसजेट जल्द ही अपने लंबित रिटर्न दाखिल नहीं करती और जीएसटी कानून के तहत अपनी वैधानिक जिम्मेदारियों का पालन सुनिश्चित नहीं करती, तो नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।' यह ऐसे समय में आया है जब एयरलाइन पहले से ही गंभीर वित्तीय दबाव में है।

स्पाइसजेट की वित्तीय स्थिति

गौरतलब है कि स्पाइसजेट ने 30 सितंबर 2025 को समाप्त तिमाही में ₹621 करोड़ का समेकित शुद्ध घाटा दर्ज किया था, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह घाटा ₹458 करोड़ था। स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, कंपनी की परिचालन आय भी पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के ₹915 करोड़ से घटकर ₹792 करोड़ रह गई — जो लगभग 13 प्रतिशत की गिरावट है।

शेयर बाज़ार पर असर

सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में स्पाइसजेट का शेयर 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹12.75 पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जीएसटी पंजीकरण रद्द होता है, तो एयरलाइन के परिचालन पर गंभीर असर पड़ सकता है और निवेशकों का भरोसा और कमज़ोर हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस गहरी वित्तीय अव्यवस्था का लक्षण है जो एयरलाइन को वर्षों से घेरे हुए है। ₹621 करोड़ के तिमाही घाटे और 13% गिरती परिचालन आय के बीच कर अनुपालन की लगातार विफलता यह संकेत देती है कि प्रबंधन प्राथमिकताएँ गड़बड़ाई हुई हैं। यदि जीएसटी पंजीकरण रद्द होता है, तो यह केवल कागज़ी कार्रवाई नहीं होगी — इसके परिणाम इनपुट टैक्स क्रेडिट, आपूर्तिकर्ता संबंधों और परिचालन लाइसेंसिंग तक फैल सकते हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए की चुप्पी भी उल्लेखनीय है, क्योंकि एयरलाइन के यात्री हित दाँव पर हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्पाइसजेट पर जीएसटी की ₹124.65 करोड़ की मांग क्यों उठाई गई है?
जीएसटी विभाग ने स्पाइसजेट पर यह मांग इसलिए उठाई है क्योंकि एयरलाइन ने कई महीनों तक समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं किए। यह मांग सीजीएसटी/एसजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत अस्थायी कर निर्धारण प्रक्रिया के ज़रिए उठाई गई है।
स्पाइसजेट का जीएसटी पंजीकरण रद्द होने की नौबत क्यों आई?
अधिकारियों के अनुसार, स्पाइसजेट बार-बार नियत तिथि के बाद रिटर्न जमा करती रही और लंबित अनुपालन आवश्यकताएँ पूरी नहीं कीं। 25 मई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन कंपनी ने अभी तक कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया है।
महीनेवार जीएसटी मांग का ब्यौरा क्या है?
विभाग ने नवंबर के लिए ₹44.44 करोड़, दिसंबर के लिए ₹43.79 करोड़, जनवरी के लिए ₹12.19 करोड़, फरवरी के लिए ₹12.10 करोड़ और मार्च के लिए ₹12.12 करोड़ की मांग उठाई है, जो कुल मिलाकर ₹124.65 करोड़ बनती है।
स्पाइसजेट की मौजूदा वित्तीय स्थिति कैसी है?
स्पाइसजेट ने 30 सितंबर 2025 को समाप्त तिमाही में ₹621 करोड़ का समेकित शुद्ध घाटा दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के ₹458 करोड़ से अधिक है। परिचालन आय भी ₹915 करोड़ से घटकर ₹792 करोड़ रह गई — लगभग 13% की गिरावट।
जीएसटी पंजीकरण रद्द होने पर स्पाइसजेट पर क्या असर पड़ेगा?
यदि पंजीकरण रद्द होता है तो एयरलाइन इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं उठा सकेगी, जिससे परिचालन लागत बढ़ेगी। इसके अलावा आपूर्तिकर्ताओं और कारोबारी साझेदारों के साथ संबंध भी प्रभावित हो सकते हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अनुपालन न होने पर नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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