सेंसेक्स 264 अंक टूटा, 76,224 पर खुला; ऑयल-गैस सेक्टर सबसे बड़ा लूजर, कच्चे तेल में उछाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाजार मंगलवार, 26 मई को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच सपाट खुला। BSE सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 264.82 अंक (0.35%) की गिरावट के साथ 76,224.14 पर था, जबकि NSE निफ्टी 50 27.60 अंक (0.11%) की कमजोरी के साथ 24,004.10 पर कारोबार कर रहा था। बाजार पर दबाव का मुख्य कारण हॉर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद उपजी भू-राजनीतिक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल रहा।
सेक्टर-वार प्रदर्शन
शुरुआती कारोबार में निफ्टी ऑयलएंडगैस सबसे बड़ा लूजर इंडेक्स रहा। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी ऑटो, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कंज्प्शन, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मेटल, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग लाल निशान में थे।
दूसरी ओर, निफ्टी मीडिया, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी आईटी हरे निशान में बने रहे। यह उल्लेखनीय है कि रक्षा और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने व्यापक बाजार की कमजोरी से खुद को अलग रखा।
मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी
लार्जकैप के विपरीत, मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 81.35 अंक (0.13%) की बढ़त के साथ 62,047.95 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 101 अंक (0.56%) की मजबूती के साथ 18,303 पर कारोबार कर रहा था।
सेंसेक्स के गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस, बीईएल, एसबीआई, एचसीएल टेक, अदाणी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, मारुति सुजुकी और टाटा स्टील गेनर्स की सूची में थे।
वहीं, इंडिगो, भारती एयरटेल, सन फार्मा, टाइटन, ट्रेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, एमएंडएम, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, एलएंडटी और आईटीसी दबाव में रहे।
वैश्विक बाजार और भू-राजनीतिक कारण
अधिकांश एशियाई बाजारों में कमजोरी रही। टोक्यो, शंघाई, जकार्ता और मनीला के बाजार गिरावट में थे, जबकि हांगकांग और सोल हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी शेयर बाजार राष्ट्रीय अवकाश के कारण मंगलवार को बंद रहे।
बाजार की कमजोरी के पीछे अमेरिका द्वारा हॉर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान से जुड़ी छोटी नौकाओं पर की गई कार्रवाई को कारण माना जा रहा है। अमेरिका ने कहा कि उसने वहाँ माइन्स बिछा रही नौकाओं को निशाना बनाया। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता अभी भी जारी बताई जा रही है।
कच्चे तेल पर असर
भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। ब्रेंट क्रूड 1.74% की मजबूती के साथ $95.05 प्रति बैरल और WTI क्रूड 1.48% की तेजी के साथ $91.65 प्रति बैरल पर पहुँच गया। आयात पर निर्भर भारत के लिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें चालू खाता घाटे और मुद्रास्फीति दोनों के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं। आने वाले सत्रों में ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र पर बाजार की नजर बनी रहेगी।