मूडीज ने भारत को उभरते बाजारों में अव्वल बताया, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और स्थिर नीति को श्रेय
सारांश
मुख्य बातें
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में भारत को दुनिया के अन्य उभरते हुए बाज़ारों में सबसे मज़बूत स्थिति में रखा है। एजेंसी के अनुसार, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, स्थिर मौद्रिक नीति और बड़ा घरेलू पूंजीगत बाज़ार — ये तीन स्तंभ भारत को वैश्विक आर्थिक झटकों से बचाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। 6 मई 2025 को जारी इस रिपोर्ट में भारत की तुलना इंडोनेशिया, मैक्सिको, ब्राज़ील, दक्षिण अफ्रीका और तुर्किए सहित कई अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं से की गई है।
रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष
मूडीज ने कहा कि भारत वैश्विक झटकों को झेलने के लिए अन्य उभरते देशों की तुलना में काफी बेहतर स्थिति में है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि भारत की अर्थव्यवस्था के तीन मज़बूत स्तंभ — बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार, स्थिर नीति ढाँचा और विशाल घरेलू पूंजीगत बाज़ार — मिलकर बाहरी फंडिंग पर निर्भरता को कम करते हैं। यह संयोजन भारत को उन देशों से अलग करता है, जो बाहरी पूंजी प्रवाह पर अधिक निर्भर हैं।
2020 से उभरते बाज़ारों पर संकटों की मार
मूडीज की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 से उभरते बाज़ारों को बार-बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है। इनमें कोविड-19 महामारी, वैश्विक स्तर पर महंगाई और तेल की कीमतों में उछाल, 2022 में अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक वृद्धि, 2023 में क्षेत्रीय बैंकिंग संकट और 2025 में नए सिरे से लागू किए गए टैरिफ शामिल हैं। इन सभी परिस्थितियों में भारत ने फंडिंग लागत में तीव्र वृद्धि या पूंजी बाज़ारों तक पहुँच में कमी के बिना उथल-पुथल का सामना किया, जो कई अन्य देशों के मुकाबले बड़ी उपलब्धि रही।
मौद्रिक नीति की विश्वसनीयता
एजेंसी ने रेखांकित किया कि भारत का मौद्रिक नीति ढाँचा स्पष्ट और सुसंगत बना हुआ है। महंगाई की उम्मीदें स्थिर हैं और विनिमय दर को ज़रूरत पड़ने पर समायोजित किया जा सकता है। यह संयोजन बाहरी परिस्थितियों के बिगड़ने पर भी निवेशकों का विश्वास बनाए रखता है। गौरतलब है कि यह वही नीतिगत स्थिरता है, जिसकी कमी कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं में देखी गई है।
तुलनात्मक परिप्रेक्ष्य
रिपोर्ट में इंडोनेशिया, मैक्सिको, मलेशिया, थाईलैंड, ब्राज़ील, दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया और तुर्किए सहित कई अन्य देशों से भारत की तुलना की गई है। ये सभी अर्थव्यवस्थाएँ महामारी के बाद के तनाव का सामना कर चुकी हैं और उन्हें अलग-अलग स्तर की सफलता मिली है। भारत इस समूह में अपेक्षाकृत अधिक लचीला साबित हुआ है।
आगे की राह
मूडीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत भविष्य में वैश्विक तनाव के किसी भी दौर में न केवल मज़बूत, बल्कि सुलभ सुरक्षा उपायों के साथ प्रवेश करेगा। यह अंतर तब महत्वपूर्ण हो जाता है जब बाज़ार तेज़ी से बदलते हैं और नीतिगत प्रतिक्रिया का समय कम होता है। विश्लेषकों के अनुसार, यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब वैश्विक व्यापार तनाव और टैरिफ युद्ध एक बार फिर उभरते बाज़ारों के लिए चुनौती बन रहे हैं।