1 अगस्त 2026
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TCS की ट्रेड सीक्रेट याचिका अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की, कंपनी को ₹220 मिलियन डॉलर का झटका

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TCS की ट्रेड सीक्रेट याचिका अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की, कंपनी को ₹220 मिलियन डॉलर का झटका

सारांश

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने TCS की अंतिम अपील ठुकराई — ट्रांसअमेरिका के 2,200 कर्मचारियों की गोपनीय जानकारी के इस्तेमाल का आरोप साबित हुआ। 168 मिलियन डॉलर का हर्जाना बरकरार, कुल नुकसान 220 मिलियन डॉलर; Q1 FY2027 में 70 मिलियन डॉलर का असाधारण खर्च दर्ज होगा।

मुख्य बातें

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 15 जून 2026 को TCS की 'रिट ऑफ सर्टिओरारी' याचिका खारिज की।
DXC टेक्नोलॉजी के पक्ष में 168 मिलियन डॉलर का हर्जाना बरकरार — 56 मिलियन डॉलर वास्तविक और 112 मिलियन डॉलर दंडात्मक।
TCS का कुल वित्तीय बोझ 220 मिलियन डॉलर ; 150 मिलियन डॉलर पहले से प्रावधानित, 70 मिलियन डॉलर Q1 FY2027 में असाधारण खर्च के रूप में दर्ज होंगे।
मामला 2019 में दायर हुआ था — आरोप था कि TCS ने ट्रांसअमेरिका के 2,200 कर्मचारियों की गोपनीय जानकारी से प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म बनाया।
फिफ्थ सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने 2025 में फैसला बरकरार रखा था; अब TCS के पास कोई कानूनी विकल्प नहीं।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) को 15 जून 2026 को उस समय बड़ा कानूनी झटका लगा जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की 'रिट ऑफ सर्टिओरारी' याचिका खारिज कर दी और DXC टेक्नोलॉजी के पक्ष में 168 मिलियन डॉलर के हर्जाने के फैसले को बहाल रखा। कंपनी ने मंगलवार को एक्सचेंज फाइलिंग के ज़रिए यह जानकारी साझा की, जिसमें बताया गया कि कुल नुकसान 220 मिलियन डॉलर तक पहुँच गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद 2019 में डलास की फेडरल कोर्ट में दायर उस मुकदमे से शुरू हुआ, जो DXC टेक्नोलॉजी की पूर्ववर्ती कंपनी 'कंप्यूटर साइंसेज़ कॉर्पोरेशन' ने TCS के खिलाफ दायर किया था। आरोप था कि TCS ने बीमा कंपनी 'ट्रांसअमेरिका' के लगभग 2,200 कर्मचारियों को नियुक्त किया और उनकी गोपनीय आंतरिक जानकारी का उपयोग एक प्रतिस्पर्धी लाइफ-इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म बनाने में किया।

अदालती फैसलों का क्रम

2023 में जूरी ने TCS पर जानबूझकर ट्रेड सीक्रेट्स चुराने का दोष मानते हुए 210 मिलियन डॉलर के भुगतान की सिफारिश की थी। हालाँकि, यूएस डिस्ट्रिक्ट जज ब्रेंटली स्टार ने इसे घटाकर 168 मिलियन डॉलर किया — जिसमें 56 मिलियन डॉलर वास्तविक हर्जाने के रूप में और 112 मिलियन डॉलर दंडात्मक हर्जाने के रूप में शामिल थे। इसके बाद 2025 में फिफ्थ यूएस सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने भी इस फैसले को बरकरार रखा। अब सर्वोच्च न्यायालय की अस्वीकृति के साथ TCS के सभी कानूनी विकल्प समाप्त हो गए हैं।

TCS की दलीलें और वित्तीय प्रावधान

TCS ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया था कि DXC को वास्तविक नुकसान सिद्ध किए बिना 'अनुचित लाभ' के आधार पर हर्जाना नहीं मिलना चाहिए था और दंडात्मक राशि अनुपातहीन रूप से अधिक है। परंतु कोर्ट ने यह तर्क स्वीकार नहीं किया।

एक्सचेंज फाइलिंग में TCS ने स्पष्ट किया: 'अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स के अनुसार, इस मामले से जुड़ी राशि के लिए हमने अपने अकाउंट्स में पहले ही 150 मिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रावधान कर दिया है। अब कंपनी नुकसान, ब्याज और कानूनी खर्च के लिए अतिरिक्त 70 मिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि का प्रावधान करेगी, जिसे वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में एक बार होने वाले असाधारण खर्च के तौर पर दिखाया जाएगा।'

कंपनी पर वित्तीय असर

कुल 220 मिलियन डॉलर का यह बोझ — जिसमें 150 मिलियन डॉलर पहले से बुक किए जा चुके हैं और 70 मिलियन डॉलर अतिरिक्त Q1 FY2027 में असाधारण मद के तहत दर्ज होंगे — TCS की तिमाही आय पर एकमुश्त दबाव डालेगा। गौरतलब है कि यह TCS के वार्षिक राजस्व के अनुपात में सीमित है, लेकिन निवेशकों की नज़र में कंपनी की अमेरिकी कानूनी जोखिम प्रबंधन क्षमता पर सवाल उठाता है।

आगे की राह

सुप्रीम कोर्ट की अस्वीकृति के बाद TCS के पास अब कोई अपील का रास्ता नहीं बचा है। कंपनी को निर्धारित हर्जाना चुकाना होगा। यह मामला भारतीय आईटी कंपनियों के लिए अमेरिकी ट्रेड सीक्रेट कानूनों के तहत बढ़ते जोखिम की याद दिलाता है, विशेषकर तब जब वे बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की भर्ती करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो अमेरिकी अदालतें इसे ट्रेड सीक्रेट उल्लंघन के संकेत के रूप में देखती हैं — और 112 मिलियन डॉलर का दंडात्मक हर्जाना इसी संदेश को रेखांकित करता है। TCS ने सात साल तक लड़ाई लड़ी, लेकिन हर स्तर पर हारी। असली सवाल यह है कि क्या भारतीय आईटी कंपनियाँ अमेरिका में प्रतिभा-अधिग्रहण की अपनी रणनीति की समीक्षा करेंगी, या यह 220 मिलियन डॉलर 'व्यवसाय की लागत' बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TCS का ट्रेड सीक्रेट मामला क्या है?
यह 2019 में डलास की फेडरल कोर्ट में दायर वह मुकदमा है जिसमें DXC टेक्नोलॉजी की पूर्ववर्ती कंपनी 'कंप्यूटर साइंसेज़ कॉर्पोरेशन' ने TCS पर आरोप लगाया कि उसने बीमा कंपनी ट्रांसअमेरिका के लगभग 2,200 कर्मचारियों को नियुक्त कर उनकी गोपनीय जानकारी से प्रतिस्पर्धी लाइफ-इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म बनाया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 15 जून 2026 को TCS की अंतिम याचिका खारिज कर दी।
TCS को कितना हर्जाना देना होगा?
अदालत ने DXC टेक्नोलॉजी के पक्ष में 168 मिलियन डॉलर का हर्जाना बरकरार रखा है — जिसमें 56 मिलियन डॉलर वास्तविक हर्जाना और 112 मिलियन डॉलर दंडात्मक हर्जाना शामिल है। ब्याज और कानूनी खर्च जोड़ने के बाद कुल नुकसान 220 मिलियन डॉलर तक पहुँच गया है।
TCS की वित्तीय रिपोर्ट पर इसका क्या असर होगा?
TCS ने 150 मिलियन डॉलर का प्रावधान पहले ही अपने खातों में कर लिया था। अतिरिक्त 70 मिलियन डॉलर वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY2027) में एकमुश्त असाधारण खर्च के रूप में दर्ज किए जाएंगे, जिससे उस तिमाही के मुनाफे पर दबाव पड़ेगा।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने TCS की याचिका क्यों खारिज की?
TCS ने तर्क दिया था कि DXC को वास्तविक नुकसान सिद्ध किए बिना 'अनुचित लाभ' के आधार पर हर्जाना नहीं मिलना चाहिए और दंडात्मक राशि अनुपातहीन है। सुप्रीम कोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया और मामले की समीक्षा से इनकार कर दिया, जिससे निचली अदालतों का फैसला अंतिम हो गया।
इस मामले में अब TCS के पास क्या विकल्प बचे हैं?
सुप्रीम कोर्ट की अस्वीकृति के बाद TCS के पास कोई और कानूनी अपील का रास्ता नहीं बचा है। कंपनी को निर्धारित हर्जाना चुकाना होगा और शेष 70 मिलियन डॉलर Q1 FY2027 में बुक करने होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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