यूएस मिडटर्म में रिपब्लिकन की कमज़ोरी से भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर असर संभव: विशेषज्ञ
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीद से कमज़ोर प्रदर्शन के बाद विशेषज्ञों ने 4 नवंबर 2026 को चेतावनी दी है कि इससे अमेरिकी व्यापार नीति के भविष्य के रुख को लेकर नई बहस छिड़ सकती है। साथ ही, भारत के साथ चल रही द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं पर भी इसके संभावित प्रभाव से इनकार नहीं किया जा सकता।
संस्थागत ढाँचे में बड़े बदलाव की संभावना कम
एक्सिस बैंक में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (बिजनेस एंड इकोनॉमिक रिसर्च) तनेय दलाल के अनुसार, अमेरिकी कांग्रेस की संरचना में आए बदलाव से मौजूदा व्यापार वार्ताओं को नियंत्रित करने वाले संस्थागत ढाँचे में कोई बड़ा उलटफेर आने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि व्यापार नीति पर कांग्रेस के अधिकार को बहाल करने के किसी भी प्रयास के लिए 'वीटो-प्रूफ' बहुमत की ज़रूरत होगी, जो फिलहाल मुश्किल नज़र आता है।
दलाल ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका में बँटी हुई सरकार और प्रशासन पर बढ़ती राजनीतिक पाबंदियों के बीच आक्रामक व्यापारिक कदम उठाने की गुंजाइश धीरे-धीरे घट सकती है। हालाँकि, मौजूदा टैरिफ उपायों को लेकर जारी कानूनी चुनौतियों के कारण अनिश्चितता का माहौल बना रहेगा।
भारत के लिए स्थिति अब भी जटिल
दलाल के मुताबिक, भारत के लिए तस्वीर अभी भी पेचीदा है। उनका कहना है कि अमेरिका की व्यापार नीति पर भू-राजनीतिक घटनाक्रमों — विशेषकर यूक्रेन युद्ध और मध्य-पूर्व की स्थिति — का असर बना रहेगा। ऐसे में टैरिफ नीति में कुछ नरमी आए तो भी भारत को स्वतः राहत मिलना तय नहीं है।
विशेषज्ञ का यह भी मानना है कि रणनीतिक और भू-राजनीतिक हितों के टकराव वाले क्षेत्रों में भारत को अमेरिका के लक्षित व्यापारिक प्रतिबंधों का सामना आगे भी करना पड़ सकता है। गौरतलब है कि यह विश्लेषण ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की रूपरेखा पर बातचीत एक नाज़ुक दौर में है।
कमोडिटी बाज़ार में उतार-चढ़ाव
डेमोक्रेट्स की हाउस और सीनेट में जीत के बाद कमोडिटी बाज़ार में बड़ी हलचल देखी गई। एक ओर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई — बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ $102.39 प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ $95.31 प्रति बैरल पर आ गया।
दूसरी ओर सुरक्षित निवेश की माँग बढ़ने से सोने और चाँदी में तेज़ी रही। कॉमेक्स पर सोना 2.72 प्रतिशत की बढ़त के साथ $4,047 प्रति औंस और चाँदी 4.22 प्रतिशत की मज़बूती के साथ $51.85 प्रति औंस पर पहुँच गई।
आगे क्या होगा
विशेषज्ञों के अनुसार, नई कांग्रेस के गठन के बाद व्यापार नीति की दिशा धीरे-धीरे स्पष्ट होगी। भारत को इस बीच अपनी व्यापार वार्ता की रणनीति में लचीलापन बनाए रखना होगा, क्योंकि अमेरिकी घरेलू राजनीति और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव दोनों ही व्यापार नीति को प्रभावित करते रहेंगे। आने वाले हफ्तों में अमेरिकी प्रशासन की ओर से आने वाले संकेत भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की रफ्तार और दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे।