21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विप्रो धर्मांतरण विवाद: पुणे पुलिस जांच में कंपनी का पूरा सहयोग, दस्तावेज़ साझा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विप्रो धर्मांतरण विवाद: पुणे पुलिस जांच में कंपनी का पूरा सहयोग, दस्तावेज़ साझा

सारांश

पुणे के हिंजवाड़ी ऑफिस में तैनात एक पूर्व महिला प्रोजेक्ट मैनेजर ने धर्मांतरण के लिए दबाव और जबरन इस्तीफे का आरोप लगाया है। विप्रो ने पुलिस को दस्तावेज़ सौंपकर जांच में सहयोग की बात कही है, लेकिन मामले से परिचित सूत्र इसे धार्मिक उत्पीड़न से जुड़ा नहीं मानते।

मुख्य बातें

विप्रो ने 4 जून 2026 को कहा कि उसने पुणे पुलिस के साथ सभी ज़रूरी दस्तावेज़ साझा किए और जांच में पूरा सहयोग दे रही है।
शिकायतकर्ता महिला हिंजवाड़ी ऑफिस में प्रोजेक्ट मैनेजर पद पर कार्यरत थीं और उन्होंने धर्मांतरण के लिए दबाव व जबरन इस्तीफे का कथित आरोप लगाया।
वकील विवेक भोसले का आरोप है कि इस्तीफा कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए दबाव में लिया गया।
हिंजवाड़ी पुलिस ने कंपनी को नोटिस जारी कर बहाली, मुआवजे और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
मामले से परिचित सूत्रों के अनुसार, यह मामला धार्मिक उत्पीड़न से संबंधित नहीं है।

आईटी कंपनी विप्रो ने 4 जून 2026 को स्पष्ट किया कि उसने पुणे पुलिस के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज़ साझा कर दिए हैं और अपने हिंजवाड़ी ऑफिस की एक पूर्व महिला कर्मचारी द्वारा लगाए गए धर्मांतरण के लिए दबाव और जबरन इस्तीफे के कथित आरोपों की जांच में पूरा सहयोग दे रही है। कंपनी ने कहा कि मामला फिलहाल जांच के अधीन है और वह एक सुरक्षित व सम्मानजनक कार्यस्थल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

कंपनी का आधिकारिक बयान

विप्रो ने अपने बयान में कहा, 'कर्मचारियों का कल्याण, गरिमा और सम्मान सर्वोपरि है। हम किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार, भेदभाव, उत्पीड़न या ऐसे कार्यों के प्रति जीरो-टोलरेंस की नीति अपनाते हैं जो किसी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता को खतरे में डालते हैं।' कंपनी ने यह भी कहा कि मामले की विशिष्टताओं पर टिप्पणी करना जांच के चलते संभव नहीं है।

पूर्व कर्मचारी के आरोप

शिकायतकर्ता महिला विप्रो के पुणे हिंजवाड़ी ऑफिस में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। उन्होंने पुलिस में दर्ज शिकायत में कथित तौर पर आरोप लगाया कि एक महिला सहकर्मी ने बार-बार उन पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव डाला और यह भी कहा कि इससे उनकी जीवनशैली व भविष्य के अवसर बेहतर होंगे।

शिकायत के अनुसार, सहकर्मी ने उन्हें एक मुस्लिम परिचित से संबंध बनाने और हिंदू धर्म छोड़ने के लिए भी कथित तौर पर प्रोत्साहित किया। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि कई बार यह मुद्दा उठाने के बावजूद संबंधित सहकर्मी के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई।

वकील के आरोप और पुलिस की कार्रवाई

शिकायतकर्ता के वकील विवेक भोसले ने आरोप लगाया है कि उनका इस्तीफा दबाव में और स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए लिया गया। हिंजवाड़ी पुलिस ने शिकायत दर्ज कर कंपनी को नोटिस जारी किया है, जिसमें कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ बहाली, मुआवजे और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।

सूत्रों का पक्ष

गौरतलब है कि मामले से परिचित सूत्रों के अनुसार, यह मामला धार्मिक उत्पीड़न से संबंधित नहीं है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब कार्यस्थल पर धार्मिक स्वतंत्रता और उत्पीड़न के मामलों को लेकर राष्ट्रीय बहस तेज़ हो रही है।

आगे क्या होगा

पुणे पुलिस की जांच जारी है। विप्रो ने कहा है कि वह सभी ज़रूरी दस्तावेज़ पहले ही साझा कर चुकी है और जांच के नतीजे आने तक मामले पर कोई और टिप्पणी नहीं करेगी। मामले की अगली सुनवाई और पुलिस की रिपोर्ट पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह POSH अधिनियम और कार्यस्थल अनुशासन तंत्र की विफलता का संकेत है। दूसरी ओर, सूत्रों का यह कहना कि मामला धार्मिक उत्पीड़न से जुड़ा नहीं है, जांच के नतीजों से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से सावधान करता है। मीडिया और जनता दोनों को तथ्य सामने आने तक संयम बरतना होगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विप्रो पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
पुणे के हिंजवाड़ी ऑफिस की एक पूर्व महिला प्रोजेक्ट मैनेजर ने कथित तौर पर आरोप लगाया है कि एक सहकर्मी ने उन पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव डाला और वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें जबरन इस्तीफा देने पर मजबूर किया। शिकायत हिंजवाड़ी पुलिस को सौंपी गई है।
विप्रो ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
विप्रो ने कहा है कि उसने पुणे पुलिस के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज़ साझा कर दिए हैं और जांच में पूरा सहयोग दे रही है। कंपनी ने कार्यस्थल पर जीरो-टोलरेंस नीति की पुष्टि की है।
पुलिस ने विप्रो को क्या नोटिस दिया है?
हिंजवाड़ी पुलिस ने विप्रो को नोटिस जारी कर कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ शिकायतकर्ता की बहाली, मुआवजे और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। जांच अभी जारी है।
क्या यह मामला धार्मिक उत्पीड़न का है?
मामले से परिचित सूत्रों के अनुसार, यह मामला धार्मिक उत्पीड़न से संबंधित नहीं है। हालांकि, जांच अभी चल रही है और अंतिम निष्कर्ष पुलिस की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
पुणे पुलिस की जांच जारी है और विप्रो ने सहयोग का आश्वासन दिया है। वकील विवेक भोसले ने बहाली और मुआवजे की मांग की है। जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले