'4 पीएम तहजीब' की मुंबई में धमाकेदार शुरुआत, वैष्णवी शर्मा के शास्त्रीय सुरों ने मोहा दर्शकों का मन
सारांश
मुख्य बातें
24 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित वेदा कुंज ऑडिटोरियम में संगीत, साहित्य, सिनेमा और सार्थक संवाद को एक छत के नीचे लाने की पहल '4 पीएम तहजीब' ने अपने उद्घाटन कार्यक्रम से जोरदार दस्तक दी। गायिका वैष्णवी शर्मा की भारतीय शास्त्रीय रागों पर आधारित काव्य-प्रस्तुतियों ने खचाखच भरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुंबई के दूर-दराज इलाकों से जुटे श्रोताओं की उपस्थिति ने इस सांस्कृतिक यात्रा की पहली कड़ी को यादगार बना दिया।
काव्य और शास्त्रीय संगीत का अनूठा संगम
संध्या की विशेषता रही कि हर काव्य-रचना को उससे भावनात्मक रूप से मेल खाते राग के साथ प्रस्तुत किया गया। वैष्णवी शर्मा ने 'राम की चेतावनी' को राग बैरागी भैरव के साथ प्रस्तुत किया। 'विराटजयी' की प्रस्तुति राग मधुवंती पर आधारित रही, जबकि 'कुपित याज्ञसेनी' में राग पूरिया धनाश्री और पंतुवराली का अद्भुत मिश्रण सुनने को मिला। 'सब अनहद है' को राग जयजयवंती और भैरवी के साथ पेश किया गया। कहीं कविता का ओज था, कहीं भावनाओं की तीव्रता और कहीं सुरों की शांत गहराई — वैष्णवी ने इन सभी रंगों को अपनी आवाज से बखूबी उकेरा।
कार्यक्रम की परिकल्पना और उद्देश्य
वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्म 'सहिया' के निर्माता-निर्देशक संजय शर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत में '4 पीएम तहजीब' की परिकल्पना रखी। उन्होंने बताया कि यह एक निरंतर चलने वाली सांस्कृतिक यात्रा है जिसके तहत हर महीने एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें दर्शकों को संगीत, साहित्य, अभिनय और संवाद की दुनिया के कलाकारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।
संजय शर्मा ने कहा कि '4 पीएम तहजीब' का उद्देश्य ऐसे आयोजन करना है जहाँ कलाकार और दर्शक आमने-सामने बैठें, कला का आनंद लें और एक-दूसरे के अनुभव साझा करें। उन्होंने यह भी बताया कि इस मंच पर स्थापित कलाकारों के साथ-साथ नई प्रतिभाओं को भी अवसर दिया जाएगा।
4 पीएम की आगामी योजनाएँ
संजय शर्मा ने बताया कि '4 पीएम म्यूजिक' के अंतर्गत हर महीने नए गाने जारी किए जाएंगे और '4 पीएम फिल्म्स' के तहत हर महीने शॉर्ट फिल्मों का निर्माण होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में 4 पीएम फिल्म और मनोरंजन जगत में भी एक बड़ा नाम बनकर उभरेगा। अच्छी कहानियों, नए विचारों और प्रतिभाशाली कलाकारों को मंच देना संस्थान की प्राथमिकता रहेगी।
गौरतलब है कि संजय शर्मा ने इस अवसर पर अपनी फिल्म 'सहिया' के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फिल्म को सेंसर बोर्ड से मंजूरी न मिलने के कारण उसका प्रदर्शन अभी रुका हुआ है और मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है। उनके अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के तहत सेंसर बोर्ड को 27 अक्टूबर तक फिल्म के संबंध में अपना अंतिम निर्णय देना था। उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म जल्द ही दर्शकों तक पहुँचेगी।
दर्शकों और आयोजकों की प्रतिक्रिया
पत्रकारिता के माध्यम से संजय शर्मा से जुड़े दर्शकों के लिए यह शाम एक विशेष अनुभव रही। कार्यक्रम के समापन पर 4 पीएम की प्रबंध निदेशक बबिता चतुर्वेदी ने उपस्थित सभी दर्शकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'आप लोग इतनी दूर-दूर से इस कार्यक्रम में आए, संगीत को इतने प्रेम और ध्यान से सुना, और हमारी पहली कोशिश को इतना स्नेह दिया — इसके लिए मैं हृदय से आभारी हूँ।'
स्वयं एक गायिका भी रहीं बबिता चतुर्वेदी ने कहा कि संगीत लोगों को जोड़ता है और '4 पीएम तहजीब' के माध्यम से ऐसी आत्मीय संगीत-संध्याओं और सांस्कृतिक मुलाकातों का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। पहले ही आयोजन में मिले इस उत्साहपूर्ण प्रतिसाद ने आयोजकों का हौसला और बढ़ा दिया है।