26 अक्टूबर 2026
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'4 पीएम तहजीब' की मुंबई में धमाकेदार शुरुआत, वैष्णवी शर्मा के शास्त्रीय सुरों ने मोहा दर्शकों का मन

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'4 पीएम तहजीब' की मुंबई में धमाकेदार शुरुआत, वैष्णवी शर्मा के शास्त्रीय सुरों ने मोहा दर्शकों का मन

सारांश

'4 पीएम तहजीब' ने मुंबई में पहली ही शाम से साबित किया कि संगीत और साहित्य का सीधा संवाद दर्शकों को खींचता है। वैष्णवी शर्मा की राग-आधारित काव्य-प्रस्तुतियों ने वेदा कुंज ऑडिटोरियम को भर दिया — और संजय शर्मा की महत्वाकांक्षी मासिक सांस्कृतिक शृंखला की नींव रख दी।

मुख्य बातें

'4 पीएम तहजीब' का पहला कार्यक्रम 24 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित वेदा कुंज ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ।
गायिका वैष्णवी शर्मा ने राग बैरागी भैरव, मधुवंती, पूरिया धनाश्री, पंतुवराली, जयजयवंती और भैरवी पर आधारित काव्य-प्रस्तुतियाँ दीं।
निर्माता-निर्देशक संजय शर्मा ने घोषणा की कि हर महीने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम, नए गाने और शॉर्ट फिल्में जारी की जाएंगी।
फिल्म 'सहिया' को सेंसर बोर्ड से मंजूरी न मिलने पर मामला अदालत में है; हाईकोर्ट के आदेश के तहत 27 अक्टूबर तक निर्णय की समयसीमा थी।
4 पीएम की एमडी बबिता चतुर्वेदी ने दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए इस सांस्कृतिक शृंखला को जारी रखने का संकल्प दोहराया।

24 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित वेदा कुंज ऑडिटोरियम में संगीत, साहित्य, सिनेमा और सार्थक संवाद को एक छत के नीचे लाने की पहल '4 पीएम तहजीब' ने अपने उद्घाटन कार्यक्रम से जोरदार दस्तक दी। गायिका वैष्णवी शर्मा की भारतीय शास्त्रीय रागों पर आधारित काव्य-प्रस्तुतियों ने खचाखच भरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुंबई के दूर-दराज इलाकों से जुटे श्रोताओं की उपस्थिति ने इस सांस्कृतिक यात्रा की पहली कड़ी को यादगार बना दिया।

काव्य और शास्त्रीय संगीत का अनूठा संगम

संध्या की विशेषता रही कि हर काव्य-रचना को उससे भावनात्मक रूप से मेल खाते राग के साथ प्रस्तुत किया गया। वैष्णवी शर्मा ने 'राम की चेतावनी' को राग बैरागी भैरव के साथ प्रस्तुत किया। 'विराटजयी' की प्रस्तुति राग मधुवंती पर आधारित रही, जबकि 'कुपित याज्ञसेनी' में राग पूरिया धनाश्री और पंतुवराली का अद्भुत मिश्रण सुनने को मिला। 'सब अनहद है' को राग जयजयवंती और भैरवी के साथ पेश किया गया। कहीं कविता का ओज था, कहीं भावनाओं की तीव्रता और कहीं सुरों की शांत गहराई — वैष्णवी ने इन सभी रंगों को अपनी आवाज से बखूबी उकेरा।

कार्यक्रम की परिकल्पना और उद्देश्य

वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्म 'सहिया' के निर्माता-निर्देशक संजय शर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत में '4 पीएम तहजीब' की परिकल्पना रखी। उन्होंने बताया कि यह एक निरंतर चलने वाली सांस्कृतिक यात्रा है जिसके तहत हर महीने एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें दर्शकों को संगीत, साहित्य, अभिनय और संवाद की दुनिया के कलाकारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।

संजय शर्मा ने कहा कि '4 पीएम तहजीब' का उद्देश्य ऐसे आयोजन करना है जहाँ कलाकार और दर्शक आमने-सामने बैठें, कला का आनंद लें और एक-दूसरे के अनुभव साझा करें। उन्होंने यह भी बताया कि इस मंच पर स्थापित कलाकारों के साथ-साथ नई प्रतिभाओं को भी अवसर दिया जाएगा।

4 पीएम की आगामी योजनाएँ

संजय शर्मा ने बताया कि '4 पीएम म्यूजिक' के अंतर्गत हर महीने नए गाने जारी किए जाएंगे और '4 पीएम फिल्म्स' के तहत हर महीने शॉर्ट फिल्मों का निर्माण होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में 4 पीएम फिल्म और मनोरंजन जगत में भी एक बड़ा नाम बनकर उभरेगा। अच्छी कहानियों, नए विचारों और प्रतिभाशाली कलाकारों को मंच देना संस्थान की प्राथमिकता रहेगी।

गौरतलब है कि संजय शर्मा ने इस अवसर पर अपनी फिल्म 'सहिया' के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फिल्म को सेंसर बोर्ड से मंजूरी न मिलने के कारण उसका प्रदर्शन अभी रुका हुआ है और मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है। उनके अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के तहत सेंसर बोर्ड को 27 अक्टूबर तक फिल्म के संबंध में अपना अंतिम निर्णय देना था। उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म जल्द ही दर्शकों तक पहुँचेगी।

दर्शकों और आयोजकों की प्रतिक्रिया

पत्रकारिता के माध्यम से संजय शर्मा से जुड़े दर्शकों के लिए यह शाम एक विशेष अनुभव रही। कार्यक्रम के समापन पर 4 पीएम की प्रबंध निदेशक बबिता चतुर्वेदी ने उपस्थित सभी दर्शकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'आप लोग इतनी दूर-दूर से इस कार्यक्रम में आए, संगीत को इतने प्रेम और ध्यान से सुना, और हमारी पहली कोशिश को इतना स्नेह दिया — इसके लिए मैं हृदय से आभारी हूँ।'

स्वयं एक गायिका भी रहीं बबिता चतुर्वेदी ने कहा कि संगीत लोगों को जोड़ता है और '4 पीएम तहजीब' के माध्यम से ऐसी आत्मीय संगीत-संध्याओं और सांस्कृतिक मुलाकातों का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। पहले ही आयोजन में मिले इस उत्साहपूर्ण प्रतिसाद ने आयोजकों का हौसला और बढ़ा दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नई प्रतिभाओं को वास्तव में अवसर देना, और फिल्म 'सहिया' के सेंसर विवाद जैसी बाधाओं से आगे निकलना। यह पहल मुंबई की सांस्कृतिक परिदृश्य में एक नई जगह बना सकती है, बशर्ते कि इसका उत्साह पहले शो की भीड़ से आगे भी बना रहे।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'4 पीएम तहजीब' क्या है?
'4 पीएम तहजीब' संगीत, साहित्य, सिनेमा और संवाद को एक मंच पर लाने की मासिक सांस्कृतिक पहल है, जिसे वरिष्ठ पत्रकार और फिल्म निर्माता-निर्देशक संजय शर्मा ने शुरू किया है। इसका पहला कार्यक्रम 24 अक्टूबर 2026 को मुंबई के वेदा कुंज ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ।
वैष्णवी शर्मा ने कौन-कौन से राग और कविताएँ प्रस्तुत कीं?
वैष्णवी शर्मा ने 'राम की चेतावनी' (राग बैरागी भैरव), 'विराटजयी' (राग मधुवंती), 'कुपित याज्ञसेनी' (राग पूरिया धनाश्री और पंतुवराली) तथा 'सब अनहद है' (राग जयजयवंती और भैरवी) की प्रस्तुतियाँ दीं। इन सभी में कविता के भाव और शास्त्रीय रागों का अनूठा समन्वय देखने को मिला।
'4 पीएम तहजीब' के आगामी कार्यक्रम कब होंगे?
संजय शर्मा के अनुसार हर महीने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त '4 पीएम म्यूजिक' पर हर महीने नए गाने और '4 पीएम फिल्म्स' के तहत शॉर्ट फिल्में भी जारी की जाएंगी।
फिल्म 'सहिया' को सेंसर बोर्ड की मंजूरी क्यों नहीं मिली?
संजय शर्मा ने बताया कि 'सहिया' को सेंसर बोर्ड से मंजूरी न मिलने के कारण मामला अदालत में चला गया है। हाईकोर्ट के आदेश के तहत सेंसर बोर्ड को 27 अक्टूबर तक अपना अंतिम निर्णय देना था; फिलहाल फिल्म की रिलीज़ अनिश्चित है।
इस पहल में नए कलाकारों को अवसर मिलेगा?
हाँ, संजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि '4 पीएम तहजीब' के मंच पर स्थापित कलाकारों के साथ-साथ नई प्रतिभाओं को भी अवसर दिया जाएगा। संगीत और साहित्य की समृद्ध परंपरा को आम दर्शकों तक पहुँचाना इस पहल की मूल प्राथमिकता है।
राष्ट्र प्रेस
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